सोशल मीडिया की एक Friend Request और बर्बाद होती ज़िंदगियां
आइये इसको ऐसे समझते है:-
रात के लगभग 11 बजे एक युवक अपने मोबाइल पर Instagram चला रहा था। तभी उसे एक आकर्षक युवती की Friend Request प्राप्त हुई। प्रोफाइल देखने पर सब कुछ सामान्य प्रतीत हो रहा था। कुछ तस्वीरें, कुछ पोस्ट और एक साधारण परिचय। युवक ने अनुरोध स्वीकार कर लिया। कुछ मिनटों की बातचीत के बाद दोनों WhatsApp पर आ गए। बातचीत सामान्य थी और किसी भी अन्य ऑनलाइन बातचीत की तरह ही लग रही थी। अचानक एक Video Call आई। युवक ने कॉल रिसीव कर ली। कॉल मुश्किल से कुछ सेकंड चली होगी, लेकिन उसके कुछ ही मिनट बाद उसका मोबाइल लगातार बजने लगा।
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स्क्रीन पर जो संदेश दिखाई दिया, उसे देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। संदेश में लिखा था कि उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग अपराधियों के पास है और यदि उसने तुरंत पैसे नहीं भेजे तो वह वीडियो उसके परिवार, दोस्तों और सोशल मीडिया संपर्कों को भेज दी जाएगी। घबराहट में उसने कुछ पैसे भेज दिए, लेकिन यह केवल शुरुआत थी। अगले दिन फिर पैसे मांगे गए और फिर लगातार ब्लैकमेल का सिलसिला शुरू हो गया।
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आखिर क्या होता है Sextortion?
Sextortion, Cyber Crime का एक ऐसा रूप है जिसमें किसी व्यक्ति की निजी तस्वीरों, वीडियो या कथित आपत्तिजनक सामग्री का इस्तेमाल करके उससे पैसे या अन्य लाभ की मांग की जाती है। पहले यह अपराध सीमित स्तर पर देखा जाता था, लेकिन इंटरनेट और सोशल मीडिया के विस्तार के साथ यह संगठित अपराध का रूप ले चुका है। आज अपराधी न केवल वास्तविक तस्वीरों का उपयोग करते हैं बल्कि Deepfake Technology और Artificial Intelligence की सहायता से नकली सामग्री बनाकर भी लोगों को ब्लैकमेल कर रहे हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि कई मामलों में पीड़ित ने कभी कोई निजी तस्वीर या वीडियो साझा ही नहीं की होती। इसके बावजूद अपराधी तकनीक की मदद से उसे डराने और आर्थिक लाभ लेने में सफल हो जाते हैं।
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कैसे काम करते हैं Sextortion Gang?
Cyber Criminals का तरीका बेहद सुनियोजित और मनोवैज्ञानिक होता है। वे सबसे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने संभावित शिकार की पहचान करते हैं। इसके बाद नकली प्रोफाइल के माध्यम से बातचीत शुरू की जाती है। सामने वाले का विश्वास जीतने के लिए सामान्य बातचीत, मित्रता और भावनात्मक जुड़ाव का सहारा लिया जाता है।
कुछ ही समय बाद बातचीत WhatsApp या किसी अन्य निजी प्लेटफॉर्म पर ले जाई जाती है। इसके बाद अचानक Video Call की जाती है। कई बार अपराधी पहले से रिकॉर्ड की गई अश्लील वीडियो चलाते हैं और उसी दौरान पीड़ित की स्क्रीन रिकॉर्ड कर लेते हैं। कुछ सेकंड की यह रिकॉर्डिंग बाद में ब्लैकमेल का हथियार बन जाती है।
₹5,000 से शुरू होकर लाखों तक पहुंच सकता है नुकसान
अधिकांश लोग सोचते हैं कि यदि थोड़ी राशि देकर मामला समाप्त किया जा सके तो यही सबसे आसान रास्ता है। लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत होती है। एक बार भुगतान करने के बाद अपराधियों को यह विश्वास हो जाता है कि पीड़ित डर चुका है और पैसे देने को तैयार है।
इसके बाद मांगों का सिलसिला लगातार बढ़ता जाता है। पहले कुछ हजार रुपये मांगे जाते हैं, फिर दसियों हजार और कई मामलों में लाखों रुपये तक की वसूली की जाती है। अपराधियों का उद्देश्य केवल एक बार पैसे लेना नहीं होता, बल्कि लंबे समय तक ब्लैकमेल करके अधिकतम आर्थिक लाभ प्राप्त करना होता है।
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Deepfake Technology ने खतरे को और बढ़ा दिया है
Artificial Intelligence ने जहां दुनिया को नई संभावनाएं दी हैं, वहीं Cyber Criminals को भी नए हथियार उपलब्ध करा दिए हैं। Deepfake Technology की सहायता से किसी भी व्यक्ति का चेहरा किसी अन्य वीडियो पर लगाया जा सकता है। Voice Cloning के माध्यम से उसकी आवाज तक की नकल की जा सकती है।
इस तकनीक ने Sextortion को और अधिक खतरनाक बना दिया है क्योंकि अब अपराधियों को वास्तविक सामग्री की आवश्यकता भी नहीं पड़ती। केवल कुछ तस्वीरों और सार्वजनिक जानकारी के आधार पर नकली सामग्री तैयार की जा सकती है, जो पहली नजर में वास्तविक प्रतीत होती है।
डर, शर्म और मानसिक तनाव का खेल
Sextortion केवल आर्थिक अपराध नहीं है। इसका सबसे बड़ा प्रभाव पीड़ित की मानसिक स्थिति पर पड़ता है। अपराधी जानते हैं कि अधिकांश लोग अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा और पारिवारिक सम्मान को लेकर संवेदनशील होते हैं। इसी कारण वे धमकी, भय और शर्मिंदगी को अपने मुख्य हथियार के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
कई पीड़ित लंबे समय तक तनाव, चिंता और अवसाद का सामना करते हैं। कुछ लोग अपनी नौकरी, पढ़ाई और सामाजिक जीवन तक प्रभावित कर बैठते हैं। यही कारण है कि विशेषज्ञ इस अपराध को केवल वित्तीय अपराध नहीं बल्कि मनोवैज्ञानिक ब्लैकमेल का संगठित रूप मानते हैं।
कानून क्या कहता है?
भारतीय कानून इस प्रकार के अपराधों को गंभीरता से देखता है। मामले के तथ्यों के आधार पर Extortion, Criminal Intimidation, Cheating, Privacy Violations तथा Information Technology Act के विभिन्न प्रावधान लागू हो सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति की छवि का दुरुपयोग करके उसे धमकाया जाता है या धन की मांग की जाती है, तो संबंधित एजेंसियां कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय पर शिकायत और डिजिटल साक्ष्यों का संरक्षण जांच के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
यदि आप Sextortion का शिकार हो जाएं तो क्या करें?
सबसे पहले घबराएं नहीं। किसी भी परिस्थिति में अपराधियों को पैसे भेजने से बचें। बातचीत, स्क्रीनशॉट, मोबाइल नंबर, UPI विवरण और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखें। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज की जाती है, उतनी ही अधिक संभावना होती है कि जांच एजेंसियां प्रभावी कार्रवाई कर सकें।
National Cyber Crime Helpline 1930 तथा National Cyber Crime Reporting Portal ऐसे मामलों में तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त निकटतम Cyber Police Station या स्थानीय पुलिस से भी संपर्क किया जा सकता है।
जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
Sextortion आज भारत में तेजी से बढ़ते Cyber Crimes में से एक है। इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस दौर में केवल तकनीकी सुरक्षा पर्याप्त नहीं है। जागरूकता, सावधानी और समय पर कार्रवाई ही इस अपराध के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार हैं।
याद रखिए, Cyber Criminals की सबसे बड़ी ताकत आपका डर है और उनकी सबसे बड़ी कमजोरी आपकी जागरूकता। यदि समाज खुलकर ऐसे अपराधों की रिपोर्ट करेगा, तो अपराधियों के लिए लोगों को ब्लैकमेल करना कहीं अधिक कठिन हो जाएगा।
Understanding your legal rights is the first step toward protecting yourself in the digital world. Stay informed, stay vigilant, and never hesitate to seek legal assistance when needed.
— Adv. Ms Ravi
Advocate & Legal Consultant
About the Author
Adv. Ms Ravi is an Advocate and Legal Consultant who writes on cyber crime, legal awareness, consumer rights, and public interest issues. Through his work, he aims to make legal knowledge accessible and practical for ordinary citizens, helping them understand their rights and available legal remedies.
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