नई दिल्ली,देश को नशामुक्त बनाने के संकल्प को मजबूत करते हुए दिल्ली पुलिस ने “नशा मुक्त भारत पखवाड़ा-2026” की शुरुआत कर दी है। 12 जून से 26 जून तक चलने वाले इस विशेष अभियान का शुभारंभ ऐतिहासिक लाल किला से किया गया, जहां हजारों लोगों ने नशे के खिलाफ लड़ाई में सहभागी बनने और “ड्रग-फ्री दिल्ली” के निर्माण का संकल्प लिया। यह अभियान अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस 26 जून के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है।

दिल्ली पुलिस द्वारा शुरू किए गए इस 15 दिवसीय जनजागरूकता अभियान का उद्देश्य समाज, विशेषकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, उन्हें नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए प्रेरित करना तथा सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से नशामुक्त समाज का निर्माण करना है।
डीसीपी गौरव गुप्ता ने किया शुभारंभ अभियान के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के डीसीपी गौरव गुप्ता ने की। इस अवसर पर उत्तर जिला के अतिरिक्त डीसीपी राम दुलेश, विभिन्न जिलों के पुलिस अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि, कलाकार और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान दिल्ली पुलिस ने नशे के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने के लिए कई आकर्षक गतिविधियों का आयोजन किया। इनमें “ड्रग-फ्री दिल्ली” विषय पर पेंटिंग प्रदर्शनी, नशा विरोधी नुक्कड़ नाटक, दिल्ली पुलिस बैंड की प्रस्तुति, जनसंपर्क वाहन के माध्यम से जागरूकता वीडियो प्रदर्शन तथा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना करना शामिल रहा। कलाकारों और प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण क्षण वह रहा जब हजारों नागरिकों ने एक साथ नशामुक्त दिल्ली और नशामुक्त भारत के निर्माण की शपथ ली। लोगों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशीले पदार्थों से दूर रहेंगे और दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे।

भारत सरकार ने “नशामुक्त भारत” के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नशीले पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लगातार ड्रग तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देते रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशामुक्त भारत के विजन को साकार करने के लिए देशभर में व्यापक अभियान चलाए जा रहे हैं।
दिल्ली में इस अभियान को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के मार्गदर्शन और पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जा रहा है। सभी जिलों और विशेष इकाइयों को नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा जागरूकता गतिविधियों को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
नशे के कारोबार के खिलाफ दिल्ली Police की कार्रवाई लगातार तेज हुई है। वर्ष 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 2,154 मामले दर्ज किए गए और 2,853 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया।वहीं वर्ष 2026 में 31 मई तक 1,361 एनडीपीएस मामलों में 1,713 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में नशीले पदार्थ भी बरामद किए हैं।
बरामदगी में शामिल हैं:1,339 किलोग्राम गांजा
23.3 किलोग्राम चरस,19.2 किलोग्राम हेरोइन/स्मैक,10.9 किलोग्राम अफीम, 70 किलोग्राम पोस्ता भूसी,2.2 किलोग्राम कोकीन
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राजधानी में नशे के नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है और तस्करों के खिलाफ रोजाना कार्रवाई की जा रही है। दिल्ली पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स लगातार ड्रग सप्लाई चेन को तोड़ने और युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए काम कर रही है।
दिल्ली पुलिस का मानना है कि नशा केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौती भी है। इसी कारण अभियान के दौरान स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और आवासीय क्षेत्रों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के बारे में बताया जाएगा और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
यह पूरा अभियान स्पेशल सीपी (क्राइम) HGS Dhaliwal, संयुक्त पुलिस आयुक्त एएनटीएफ Dhiraj Kumar तथा अतिरिक्त पुलिस आयुक्त एएनटीएफ Abhishek Dhania की निगरानी में संचालित किया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई तभी सफल होगी जब समाज का हर वर्ग इसमें सक्रिय भूमिका निभाए। “नशा मुक्त भारत पखवाड़ा-2026” केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और समाज को नशे के दुष्चक्र से मुक्त कराने का जनआंदोलन है। आने वाले 26 जून तक राजधानी के विभिन्न हिस्सों में जागरूकता कार्यक्रमों, सांस्कृतिक आयोजनों और जनसंपर्क अभियानों के माध्यम से इस संदेश को घर-घर तक पहुंचाया जाएगा।





