नई दिल्ली: पुलिस परिवार कल्याण सोसायटी (PFWS) ने अपना 54वां स्थापना दिवस पुलिस मुख्यालय स्थित आदर्श ऑडिटोरियम में अत्यंत भव्य और गरिमामय ढंग से मनाया। इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं और कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

कार्यक्रम का आयोजन PFWS की अध्यक्ष श्रीमती रचना गोलछा के कुशल नेतृत्व में किया गया। समारोह में PFWS की पूर्व अध्यक्षों, दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों, कोर कमेटी के सदस्यों सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया। दिल्ली पुलिस के 14 वेलफेयर सेंटरों से आए परिवारों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया और पुलिस परिवारों की एकता, सहयोग और सामूहिक गौरव की भावना को मजबूती दी।
समारोह का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें अध्यक्ष रचना गोलछा और पूर्व अध्यक्षों ने भाग लिया। इसके पश्चात दिल्ली पुलिस परिवारों और डीपीपीएस स्कूल, वजीराबाद के छात्रों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन प्रस्तुतियों में संगीत, नृत्य और नाट्य के माध्यम से सामाजिक संदेश और रचनात्मकता की झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण PFWS की वार्षिक पत्रिका ‘कोशिश – एक आशा’के 10वें संस्करण का विमोचन रहा। इस पत्रिका का लोकार्पण मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, रचना गोलछा और संपादकीय टीम के सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। साथ ही पत्रिका के डिजिटल संस्करण का भी शुभारंभ किया गया, जिससे इसे अधिक व्यापक पहुंच मिल सके।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने PFWS के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने पुलिस परिवारों के कल्याण, महिलाओं के सशक्तिकरण और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि PFWS द्वारा चलाए जा रहे शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता से जुड़े कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं। मुख्यमंत्री ने संस्था को सुझाव दिया कि पुराने कपड़ों के पुनर्चक्रण के माध्यम से उपयोगी वस्तुएं बनाने जैसे नवाचारों को भी बढ़ावा दिया जाए, जिससे पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन दोनों को बल मिलेगा। उन्होंने PFWS को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
वहीं, PFWS की अध्यक्ष रचना गोलछा ने अपने संबोधन में संस्था की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि PFWS पुलिस परिवारों के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयासरत है और इसी दिशा में “किरण – ए रे ऑफ होप” नामक नई पहल जल्द शुरू की जाएगी, जो विशेष रूप से पुलिस परिवारों के दिव्यांग एवं विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए समर्पित होगी।

उन्होंने आगे बताया कि संस्था द्वारा संचालित सूत्रा एम्ब्रॉयडरी सेंटर, जूट उत्पाद निर्माण प्रशिक्षण, स्वास्थ्य शिविर, योग और जुम्बा कक्षाएं, संगीत प्रशिक्षण, सॉफ्ट स्किल्स वर्कशॉप और डिजिटल लर्निंग कार्यक्रम पुलिस परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान एक ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति भी दिखाई गई, जिसमें PFWS की वर्षों से चल रही विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों और उपलब्धियों को दर्शाया गया। इस प्रस्तुति ने संस्था की निरंतर सेवा भावना और समाज के प्रति समर्पण को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग के लिए मेडांटा – द मेडिसिटी, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, राजीव गांधी कैंसर संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र और रेडिक्स मलिक अस्पताल के विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया। इन संस्थानों द्वारा पिछले आठ महीनों में 23 नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, जिससे बड़ी संख्या में पुलिस परिवारों को लाभ मिला।
इसके अतिरिक्त, कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में योगदान देने वाली संस्थाओं—लैक्मे, डेल्हीवरी लिमिटेड, पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय शारीरिक दिव्यांग संस्थान, सिंगर इंडिया और सहयोग केयर4यू—को भी सम्मानित किया गया। डीपीपीएस स्कूल, वजीराबाद के प्रमुख को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले वेलफेयर सेंटरों को भी पुरस्कृत किया गया। ‘बेस्ट वेलफेयर सेंटर’ का खिताब मॉडल टाउन वेलफेयर सेंटर को मिला, जबकि मालवीय नगर दूसरे स्थान पर रहा। नरेला और ज्योति नगर वेलफेयर सेंटर ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त किया।
यह भव्य आयोजन PFWS की सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का जीवंत उदाहरण बना। कार्यक्रम ने न केवल पुलिस परिवारों के मनोबल को बढ़ाया, बल्कि यह भी दर्शाया कि उनकी भलाई और विकास के लिए PFWS किस प्रकार निरंतर प्रयासरत है।






