नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सतर्कता शाखा (विजिलेंस यूनिट) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस स्टेशन कमला मार्किट में तैनात हेड कांस्टेबल अंकुश धामा को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिसकर्मी को 20 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए पकड़ा गया। इस कार्रवाई को दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलछा द्वारा भ्रष्ट पुलिसकर्मियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, अजमेरी गेट निवासी एक व्यक्ति ने विजिलेंस यूनिट, बाराखंभा रोड में शिकायत दर्ज कराई थी कि पुलिस स्टेशन कमला मार्किट में तैनात हेड कांस्टेबल अंकुश धामा उससे रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायतकर्ता ने बताया कि कुछ समय पहले उसका अपने एक रिश्तेदार के साथ विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्ष कमला मार्किट थाने पहुंचे और अपनी-अपनी शिकायत दर्ज कराई। इस दौरान हेड कांस्टेबल अंकुश धामा ने दोनों का मेडिकल परीक्षण लोकनायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल में करवाया।
बाद में दोनों पक्षों के परिचितों ने हस्तक्षेप किया और मामला आपसी सहमति से सुलझ गया। हालांकि समझौता होने के बावजूद आरोपी पुलिसकर्मी ने शिकायतकर्ता को डराना-धमकाना शुरू कर दिया। आरोप है कि हेड कांस्टेबल अंकुश धामा ने शिकायतकर्ता को जेल भेजने की धमकी दी और मामले को खत्म करने के नाम पर पहले डेढ़ लाख रुपये की मांग की।

शिकायतकर्ता के मुताबिक बातचीत के बाद रिश्वत की रकम एक लाख रुपये तय हुई। डर और दबाव के चलते उसने आरोपी को पहले ही दिन 50 हजार रुपये दे दिए और बाद में 20 हजार रुपये और दिए। इसके बावजूद आरोपी लगातार बाकी रकम देने के लिए दबाव बना रहा था। शिकायतकर्ता ने आरोपी की बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी कर ली थी, जिसे बाद में विजिलेंस टीम को सौंपा गया।
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए विजिलेंस यूनिट ने 25 मई 2026 की शाम ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई। पुलिस बूथ, कमला मार्किट में पूरी निगरानी के साथ टीम तैनात की गई। तय योजना के तहत शिकायतकर्ता बूथ में पहुंचा और आरोपी की मांग पर उसे 20 हजार रुपये की रिश्वत दी। जैसे ही आरोपी ने पैसे अपने कब्जे में लिए, विजिलेंस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। तलाशी के दौरान रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।
इस मामले में विजिलेंस पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत एफआईआर संख्या 06/26 दर्ज की गई है। आरोपी हेड कांस्टेबल अंकुश धामा को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई के बाद आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई पुलिसकर्मी रिश्वत मांगता है या भ्रष्टाचार में शामिल पाया जाता है तो उसकी शिकायत तुरंत विजिलेंस हेल्पलाइन 1064 या व्हाट्सऐप नंबर 9910641064 पर करें। नागरिक बाराखंभा रोड स्थित विजिलेंस कार्यालय जाकर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभाग में भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।





