नई दिल्ली, राजधानी दिल्ली में अपराध नियंत्रण और त्वरित न्याय की दिशा में दिल्ली पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। डीसीपी सेंट्रल डिस्ट्रिक रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि थाना आईपी एस्टेट पुलिस ने मोबाइल स्नैचिंग के एक मामले में केवल 12 दिनों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार करने से लेकर अदालत से दोषसिद्धि तक की पूरी प्रक्रिया पूरी कर मिसाल कायम की है। आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक जांच और तेज़ अभियोजन के दम पर आरोपी को अदालत ने दोषी करार दे दिया।
इस मामले में आरोपी मोहम्मद आदिल (22 वर्ष), निवासी तकिया काले खान, मीर दर्द रोड, दिल्ली को FIR नंबर 197/2026, थाना आईपी एस्टेट में दर्ज केस में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 304(2)/317(2) के तहत दोषी ठहराया गया है।
घटना 14 मई 2026 की है। शिकायतकर्ता अलीगढ़, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और पेशे से टैक्सी चालक है। वह दिल्ली में सवारी छोड़ने के बाद गांधी मार्केट गोल चक्कर, मीर दर्द रोड के पास अपनी टैक्सी में आराम कर रहा था और अगली बुकिंग का इंतजार कर रहा था।
इसी दौरान आरोपी अचानक उसके पास आया और उसका Redmi Note 13 Pro मोबाइल फोन छीनकर भागने लगा।घटना के बाद टैक्सी चालक ने बिना घबराए तुरंत आरोपी का पीछा किया और जोर-जोर से मदद के लिए आवाज़ लगाई। उसी समय थाना आईपी एस्टेट के कांस्टेबल राहुल इलाके में गश्त पर मौजूद थे। उन्होंने स्थिति को तुरंत भांप लिया और आरोपी के पीछे दौड़ पड़े।
कुछ ही दूरी पर कांस्टेबल राहुल ने आरोपी को पकड़ लिया और उसके कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन बरामद कर लिया। आरोपी को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया।घटना की सूचना मिलते ही जांच अधिकारी हैड कांस्टेबल नदीम तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पूरे मामले की जांच नए आपराधिक कानूनों के तहत वैज्ञानिक और तकनीक आधारित तरीके से शुरू की।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में ई-साक्ष्य (E-Sakshya App) का इस्तेमाल करते हुए बरामदगी और जब्ती की पूरी प्रक्रिया की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग की। यह कार्रवाई BNSS की धारा 105 के तहत की गई।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस डिजिटल रिकॉर्डिंग ने जांच को और अधिक मजबूत बनाया तथा अदालत में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की विश्वसनीयता बढ़ाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना आईपी एस्टेट पुलिस ने बेहद तेजी से कार्रवाई की। घटना के चार दिनों के भीतर ही अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी गई।
पूरी जांच एस एच ओ आईपी एस्टेट इंस्पेक्टर नरेश कुमार, आई/सी पीपी संगतराशन एस आई एस.एन. ओझा और ए एस आई राजकुमार की निगरानी में की गई, जबकि एसीपी राजीव भारद्वाज ने जांच की करीबी मॉनिटरिंग की।जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी मोहम्मद आदिल पहले भी आपराधिक मामलों में शामिल रह चुका है। उसके खिलाफ थाना आईपी एस्टेट में E-FIR नंबर 80007146/2025 के तहत भी मामला दर्ज है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी आदतन अपराधी प्रवृत्ति का है और इलाके में चोरी तथा स्नैचिंग जैसी वारदातों में सक्रिय रहा है।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से APP/PP राघव खुराना ने अदालत में गवाहों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पेश किया।अभियोजन पक्ष ने पुलिस द्वारा जुटाए गए डिजिटल सबूत, बरामदगी की रिकॉर्डिंग और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान अदालत के सामने रखे।अदालत ने सभी साक्ष्यों पर विचार करने के बाद 26 मई 2026 को आरोपी को दोषी करार दे दिया।इस तरह घटना के केवल 12 दिनों के भीतर आरोपी को सजा मिल गई, जिसे दिल्ली पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह मामला इस बात का उदाहरण है कि यदि जांच वैज्ञानिक तरीके से की जाए और तकनीक का सही इस्तेमाल हो, तो अपराधियों को कम समय में कानून के शिकंजे तक पहुंचाया जा सकता है।
मामले की जानकारी देते हुए केंद्रीय जिला के पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने कहा कि दिल्ली पुलिस नई आपराधिक कानून व्यवस्था और तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई और न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।





