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कमिश्नरेट डे 2026: दिल्ली पुलिस की भव्य परेड में अनुशासन, सेवा और शौर्य का प्रदर्शन, एलजी ने दी टेक्नोलॉजी आधारित और जनता-केंद्रित पुलिसिंग की सीख

Shahzad Ahmed by Shahzad Ahmed
July 1, 2026
in Events, News
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नई दिल्ली,दिल्ली पुलिस ने बुधवार को कमिश्नरेट डे 2026 के अवसर पर किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइंस के परेड ग्राउंड में भव्य सेरेमोनियल परेड का आयोजन किया। दिल्ली के उपराज्यपाल एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रशासक सरदार तरणजीत सिंह संधू ने मुख्य अतिथि के रूप में परेड की सलामी ली। इस अवसर पर दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा, पूर्व पुलिस आयुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सेवानिवृत्त अधिकारी तथा अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। समारोह में अनुशासन, समर्पण, शौर्य और जनसेवा के प्रति दिल्ली पुलिस की प्रतिबद्धता की शानदार झलक देखने को मिली।

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अपने संबोधन में उपराज्यपाल सरदार तरणजीत सिंह संधू ने दिल्ली पुलिस परिवार को कमिश्नरेट डे की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि दिल्ली पुलिस की उस गौरवशाली यात्रा का प्रतीक है, जिसने समय के साथ स्वयं को एक आधुनिक, पेशेवर और तकनीक-सक्षम पुलिस बल के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने पदक और सम्मान प्राप्त करने वाले सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस को भविष्य में भी “Visible, Humane and Technology-driven People-Centric Policing”के मूल मंत्र पर कार्य करना होगा।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिसिंग को अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राजधानी दिल्ली देश का चेहरा है और यहां की पुलिस व्यवस्था पूरे देश के लिए एक उदाहरण होनी चाहिए।

उपराज्यपाल ने कहा कि महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा दिल्ली पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने ऑपरेशन विश्वास के तहत लोगों की खोई हुई संपत्ति वापस दिलाने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास केवल सामान नहीं लौटाते, बल्कि नागरिकों का पुलिस पर भरोसा भी मजबूत करते हैं।

यातायात व्यवस्था का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर पुलिस की कार्रवाई पहले से अधिक प्रभावी दिखाई दे रही है। हालांकि सुरक्षित सड़कों के लिए जनता का सहयोग भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने लोगों से गलत दिशा में वाहन चलाने, ट्रिपल राइडिंग तथा बिना हेलमेट वाहन चलाने जैसी लापरवाहियों से बचने की अपील की।

एलजी ने कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग पुलिस और जनता के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी है। उन्होंने युवा पुलिस अधिकारियों से लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने और संवेदनशीलता के साथ उनका समाधान करने का आह्वान किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को समयबद्ध पदोन्नति, पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने तथा शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों के लिए CSR फंड के प्रभावी उपयोग का भी आश्वासन दिया। उन्होंने दिल्ली पुलिस की महिला पाइप एवं ब्रास बैंड की विशेष सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पुलिस बल को और अधिक सशक्त बना रही है।

दिल्ली पुलिस अधिनियम 1978 के तहत 1 जुलाई 1978 से दिल्ली में कमिश्नरेट प्रणाली लागू हुई थी। वर्ष 2022 में दिल्ली पुलिस की प्लेटिनम जुबली के अवसर पर यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई को कमिश्नरेट डे परेड आयोजित की जाएगी, जिसमें दिल्ली के उपराज्यपाल प्रशासक के रूप में परेड की सलामी लेंगे।

स्वागत भाषण में दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली पुलिस ने अपराध नियंत्रण, तकनीकी नवाचार और आधुनिक पुलिसिंग के क्षेत्र में व्यापक बदलाव किए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 की तुलना में इस वर्ष जघन्य अपराधों में 8 प्रतिशत तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज मामलों में 12 प्रतिशत की कमी आई है।

उन्होंने कहा कि मोटर वाहन चोरी के मामलों में 21 प्रतिशत और अन्य चोरी के मामलों में 15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जो पिछले दस वर्षों में सबसे कम है। पुलिस की बढ़ी हुई मौजूदगी और प्रभावी रणनीति के कारण लूट एवं स्नैचिंग से संबंधित पीसीआर कॉल में भी उल्लेखनीय कमी आई है।

पुलिस आयुक्त ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा दिल्ली पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लगभग 17 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। ऐसे मामलों की 98 प्रतिशत डिटेक्शन दर देश में सर्वश्रेष्ठ में से एक है, जबकि लगभग 95 प्रतिशत मामलों में निर्धारित समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल की गई है।उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक 35 पॉक्सो मामलों और 172 स्ट्रीट क्राइम मामलों में मात्र दो सप्ताह के भीतर चार्जशीट दाखिल की गई।

सतीश गोलछा ने कहा कि ऑपरेशन गैंग बस्ट और MCOCA के तहत दिल्ली पुलिस ने केवल अपराधियों को ही नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षण देने वाले पूरे नेटवर्क को निशाना बनाया है। इसके परिणामस्वरूप इस वर्ष जघन्य अपराधों में हथियारों के इस्तेमाल में 27 प्रतिशत की कमी आई है।उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई NCORD बैठक में जारी तीन वर्षीय विजन डॉक्यूमेंट के अनुरूप दिल्ली पुलिस ने वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर राजधानी में 123 ड्रग हॉटस्पॉट चिन्हित किए हैं।उन्होंने यह भी घोषणा की कि उपराज्यपाल के निर्देशानुसार पूरा जुलाई माह “चाइल्ड सेफ्टी अवेयरनेस मंथ”के रूप में मनाया जाएगा।

एसीपी क्षितिज कुमार के नेतृत्व में आयोजित परेड में कुल 18 प्लाटूनों ने हिस्सा लिया। इनमें छह पुरुष और छह महिला प्लाटूनों सहित छह क्षेत्रीय रेंजों का प्रतिनिधित्व करने वाली टुकड़ियां शामिल थीं। इसके अलावा ट्रैफिक यूनिट, SWAT, दिल्ली पुलिस सिक्योरिटी बटालियन, सेंट्रल पुलिस कंट्रोल रूम (CPCR), मिनिस्टीरियल स्टाफ तथा दिल्ली आर्म्ड पुलिस की टुकड़ियों ने भी परेड में भाग लिया। दिल्ली पुलिस पुरुष ब्रास बैंड और महिला पाइप एवं ब्रास बैंड की प्रस्तुति समारोह का विशेष आकर्षण रही।

समारोह के दौरान ड्यूटी के दौरान घायल होने वाले तथा सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को आहत वीर सम्मान पत्र-2026′ से सम्मानित किया गया।यह सम्मान मरणोपरांत स्वर्गीय कांस्टेबल विक्रम को प्रदान किया गया। 18 अक्टूबर 2025 को शालीमार बाग फ्लाईओवर पर ट्रैफिक ड्यूटी के दौरान एक तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में उन्होंने वीरगति प्राप्त की। उनकी पत्नी अनीता सिंह ने यह सम्मान ग्रहण किया।

इसके अतिरिक्त इंस्पेक्टर महावीर प्रसाद, एसआई नरेश पाल, एएसआई संदीप, एएसआई अरुण, महिला हेड कांस्टेबल ममता, हेड कांस्टेबल जल सिंह, कांस्टेबल राहुल, मनीष, विक्रम और रविंदर को भी ड्यूटी के दौरान घायल होने पर ‘आहत वीर सम्मान पत्र’ प्रदान किया गया।

समारोह में गणतंत्र दिवस एवं स्वतंत्रता दिवस 2025 पर घोषित मेरिटोरियस सर्विस मेडल (MSM) से सम्मानित 27 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी पदक प्रदान किए गए।


स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ग्रेटर कैलाश थाना को प्रथम तथा लक्ष्मी नगर थाना को द्वितीय स्थान का पुरस्कार दिया गया।वहीं दिल्ली पुलिस की सर्वश्रेष्ठ आवासीय कॉलोनियों में द्वारका सेक्टर-9 पुलिस कॉलोनी (बड़ी श्रेणी), पंजाबी बाग स्टाफ क्वार्टर (मध्यम श्रेणी) तथा पुलिस मुख्यालय ऑफिसर्स रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स (छोटी श्रेणी) को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में दिल्ली पुलिस ने राजधानी की सुरक्षा, कानून व्यवस्था, जनसेवा और आधुनिक पुलिसिंग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया।

Tags: delhi police
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