नई दिल्ली,राजधानी दिल्ली में चेन स्नैचिंग की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना पहाड़गंज पुलिस ने लगातार 48 घंटे तक चले तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र और ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद दो सक्रिय चेन स्नैचरों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में एक ऐसा बदमाश भी शामिल है, जिसे थाना पहाड़गंज का घोषित बैड कैरेक्टर (BC) माना जाता है और जिसके खिलाफ दिल्ली के विभिन्न थानों में करीब 79 आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपियों को दरियागंज थाना क्षेत्र में हुई चेन स्नैचिंग की वारदात में गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 22 जून 2026 को दरियागंज थाने में एक युवक ने शिकायत दर्ज कराई कि वह अपने मित्र के साथ गुरु नानक चौक से जेएलएन मार्ग होते हुए जी.बी. पंत अस्पताल की ओर जा रहा था। रास्ते में उन्हें एहसास हुआ कि वे गलत दिशा में आ गए हैं, जिसके बाद वे वापस गुरु नानक चौक की ओर लौटने लगे। इसी दौरान काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक उनके पास पहुंचे। पीछे बैठे बदमाश ने झपट्टा मारकर शिकायतकर्ता के गले से लगभग 10 ग्राम वजनी सोने की चेन छीन ली और दोनों आरोपी तेज रफ्तार से कमला मार्केट की ओर फरार हो गए। घटना के बाद दरियागंज थाने में एफआईआर संख्या 222/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की तलाश का जिम्मा थाना पहाड़गंज पुलिस को भी सौंपा गया। थाना प्रभारी पहाड़गंज और एसीपी पहाड़गंज के निर्देशन में दो विशेष टीमों का गठन किया गया। पहली टीम में हेड कांस्टेबल पंकज, कांस्टेबल सीता राम और कांस्टेबल रवि, जबकि दूसरी टीम में एसआई सुधीर, हेड कांस्टेबल राकेश, हेड कांस्टेबल जगवीर, कांस्टेबल पुनीत और कांस्टेबल दीपक को शामिल किया गया।
पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, मोबाइल तकनीकी विश्लेषण किया, संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी और मुखबिरों का मजबूत नेटवर्क तैयार किया। लगातार 48 घंटे तक दिन-रात चलाए गए अभियान के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए दरियागंज थाने के जांच अधिकारी एएसआई मुकेश को सौंप दिया गया।
सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। उन्होंने पुलिस को बताया कि छीनी गई सोने की चेन को उन्होंने सदर बाजार के एक व्यक्ति को मात्र 20 हजार रुपये में बेच दिया था। आरोपियों ने यह भी बताया कि बिक्री से मिले पूरे पैसे उन्होंने अपने निजी खर्चों और खाने-पीने में खर्च कर दिए।
पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली। हालांकि छीनी गई सोने की चेन की बरामदगी के लिए पुलिस की कार्रवाई अभी जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अर्जुन उर्फ बादल उर्फ छमटा उर्फ राहुल उर्फ संगा उर्फ करण, निवासी मुल्तानी ढांडा, पहाड़गंज और ओवेश, निवासी मकरी चौक, जाफराबाद के रूप में हुई है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अर्जुन थाना पहाड़गंज का घोषित बैड कैरेक्टर (BC) है। उसके खिलाफ दिल्ली के विभिन्न थानों में स्नैचिंग, लूट और चोरी के लगभग 79 मामले दर्ज हैं। वहीं दूसरा आरोपी ओवेश भी आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ करीब 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों लंबे समय से चेन स्नैचिंग और चोरी जैसी वारदातों में सक्रिय बताए जा रहे हैं।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से राजधानी में सक्रिय चेन स्नैचिंग गिरोहों पर प्रभावी चोट पहुंची है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उनके अन्य साथियों और चोरी का सामान खरीदने वाले व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही है। साथ ही छीनी गई सोने की चेन की बरामदगी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से कई अन्य चेन स्नैचिंग की घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है।





