नई दिल्ली,अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर दिल्ली पुलिस ने पुलिस मुख्यालय, जय सिंह रोड स्थित परिसर में एक भव्य योग सत्र का आयोजन कर स्वास्थ्य, अनुशासन और मानसिक सुदृढ़ता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। हरे-भरे वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर विभिन्न इकाइयों के पुलिसकर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

हर वर्ष 21 जून को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भारतीय संस्कृति और परंपरा की उस अमूल्य धरोहर का उत्सव है, जिसने आज पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखाया है। योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और सकारात्मक जीवनशैली को भी बढ़ावा देता है। इसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली पुलिस ने इस वर्ष भी बड़े स्तर पर योग दिवस का आयोजन किया।
कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा,मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त, उपायुक्त तथा विभिन्न रैंकों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। पुलिस आयुक्त ने योगाभ्यास में भाग लेने के साथ-साथ पुलिस बल को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में योग केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन के लिए आवश्यक आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को दिन-रात चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करना पड़ता है, ऐसे में योग उन्हें शारीरिक रूप से फिट, मानसिक रूप से मजबूत और भावनात्मक रूप से संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली पुलिस के वेलफेयर डिवीजन द्वारा विशेष पुलिस आयुक्त (वेलफेयर) अतुल कटियार,के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस के प्रशिक्षित और प्रमाणित योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुरूप विभिन्न योगासन, प्राणायाम तथा ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। योग सत्र के दौरान ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन सहित कई महत्वपूर्ण आसनों के साथ-साथ श्वास संबंधी अभ्यास और ध्यान तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।
योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को बताया कि नियमित योगाभ्यास शरीर की लचक बढ़ाने, रक्त संचार बेहतर करने, तनाव कम करने और मानसिक एकाग्रता बढ़ाने में अत्यंत प्रभावी है। साथ ही यह जीवनशैली से जुड़ी कई बीमारियों की रोकथाम में भी मददगार साबित होता है।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि पुलिस सेवा एक अत्यंत जिम्मेदारीपूर्ण और तनावपूर्ण कार्यक्षेत्र है, जहां कर्मियों को अक्सर कठिन परिस्थितियों, लंबे कार्य घंटों और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है। ऐसे में योग तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को प्रतिदिन कुछ समय योग और ध्यान के लिए निकालने की सलाह दी।
पुलिस मुख्यालय में आयोजित इस केंद्रीय कार्यक्रम के अतिरिक्त दिल्ली पुलिस के सभी जिलों, बटालियनों और विभिन्न इकाइयों में भी योग दिवस के अवसर पर विशेष योग सत्र आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लेकर योग के प्रति अपनी आस्था और जागरूकता का परिचय दिया।
योग दिवस के इस आयोजन ने दिल्ली पुलिस के भीतर स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूकता को और मजबूत किया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने योग को जीवनभर अपनाने, नियमित अभ्यास करने तथा अपने परिवार और समाज में भी इसके महत्व का प्रचार-प्रसार करने की शपथ ली।
दिल्ली पुलिस का यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक स्वस्थ, अनुशासित, तनावमुक्त और अधिक सक्षम पुलिस बल के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि योग के माध्यम से पुलिसकर्मी न केवल अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाएंगे, बल्कि जनता को बेहतर और अधिक प्रभावी सेवाएं देने में भी सक्षम होंगे।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 का यह आयोजन दिल्ली पुलिस के लिए स्वास्थ्य, अनुशासन, सेवा और समर्पण के मूल्यों को और अधिक सुदृढ़ करने का अवसर साबित हुआ, जिसने पूरे पुलिस बल को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा दी।





