नई दिल्ली। महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर उनके लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सेंट्रल जिला पुलिस ने ‘ऑपरेशन शिष्टाचार’ के तहत महिला-केंद्रित जनसंपर्क और निवारक पुलिसिंग को तेज कर दिया है। अभियान के तहत बाजारों, पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और छात्राओं के आवासीय क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता बढ़ाई गई है।
इस पहल के दौरान एसीपी, एसएचओ और पुलिस टीमों ने महिलाओं, छात्रों, स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और अन्य लोगों से सीधे संवाद कर उनकी सुरक्षा संबंधी चिंताओं और समस्याओं को समझा। पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर सामने आ रही समस्याओं को सुनते हुए आवश्यक कार्रवाई और पुलिस सहायता का भरोसा दिया।

करोल बाग के एसीपी ने राजेंद्र नगर स्थित सिंधी पार्क में 100 से अधिक यूपीएससी अभ्यर्थियों, वरिष्ठ नागरिकों और स्थानीय लोगों से बातचीत की। इस दौरान महिला अभ्यर्थियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। पुलिस ने उनकी चिंताओं को सुना और आवश्यक सुरक्षा उपायों पर जानकारी साझा की।
इसी क्रम में अजमल खान पार्क में आरडब्ल्यूए और एमडब्ल्यूए के 50 से अधिक सदस्यों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्थानीय सुरक्षा संबंधी मुद्दों, महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस-जन सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई।

पुलिस टीमों ने छात्राओं के पीजी और अन्य आवासीय परिसरों का भी दौरा किया। वहां रहने वाली महिलाओं से सीधे बातचीत कर उनकी सुरक्षा संबंधी चिंताओं और शिकायतों की जानकारी ली गई, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय पर पुलिस हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जा सके।
अभियान के तहत पुलिस का ‘Eyes & Ears’ नेटवर्क भी मजबूत किया जा रहा है। स्थानीय निवासियों और सामुदायिक प्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों, छेड़छाड़ या अन्य सुरक्षा संबंधी घटनाओं की सूचना समय पर पुलिस तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

महिला सुरक्षा के साथ-साथ संवेदनशील और अधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में निवारक गश्त और एरिया डोमिनेशन भी बढ़ाया गया है। सेंट्रल पार्क, आराम बाग, टेसू पार्क, दुर्गा पूजा पार्क और मोतिया खान रोड स्थित सेंट्रल पार्क सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर नियमित निगरानी की जा रही है।
सेंट्रल जिला पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन शिष्टाचार का उद्देश्य केवल पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना नहीं, बल्कि महिलाओं और आम नागरिकों के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर उनकी सुरक्षा संबंधी चिंताओं का समय पर समाधान करना है। पुलिस ने महिला सुरक्षा को लेकर सामुदायिक भागीदारी और सतर्कता को अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।





