• Home
  • Crime News
  • Court & Judgements
  • Delhi Police Update
  • Know Your Rights
  • Law Explained
  • Constitution & Citizen Rights
  • Disclaimer
  • Contact us
No Result
View All Result
Crime in Delhi
  • Home
  • Crime News
  • Court & Judgements
  • Delhi Police Update
  • Know Your Rights
  • Law Explained
  • Constitution & Citizen Rights
  • Disclaimer
  • Contact us
No Result
View All Result
Crime in Delhi
No Result
View All Result
Home Crime News

फर्जी एयरलाइन के नाम पर नौकरी का झांसा देकर युवाओं से ठगी, छह गिरफ्तार

Shahzad Ahmed by Shahzad Ahmed
August 24, 2026
in Crime News, News
0
323
SHARES
2.5k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

‘ब्रेटिश एयरवेज’ और ‘फ्यूचर विंग्स लर्निंग इंस्टीट्यूट’ के नाम से चल रहा था फर्जीवाड़ा, 7 से 10 हजार रुपये तक वसूलते थे आरोपी

You Might Also Like

दिल्ली पुलिस के 101 सेवानिवृत्त कर्मियों को मिला मानद पदोन्नति का सम्मान, पुलिस मुख्यालय में हुआ पिपिंग समारोह

जीबी रोड के कोठा नंबर-58 में मानव तस्करी का बड़ा खुलासा, महिलाओं को नौकरी का झांसा देकर देह व्यापार में धकेलने वाले गिरोह का पर्दाफाश

दवा या नशे का नेटवर्क? 66.80 लाख Psychotropic Tablets जब्त

नई दिल्ली,दिल्ली पुलिस की साइबर पुलिस स्टेशन, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ने एयरलाइन और एविएशन क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें गिरोह का कथित मास्टरमाइंड, उसका सहयोगी, फर्जी वेबसाइट बनाने वाला व्यक्ति और तीन टेली-कॉलर शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, गिरोह ‘ब्रेटिश एयरवेज’ और ‘फ्यूचर विंग्स लर्निंग इंस्टीट्यूट’ के नाम से फर्जी वेबसाइट संचालित कर रहा था। सोशल मीडिया और ऑनलाइन नौकरी पोर्टलों के माध्यम से नौकरी तलाशने वाले युवाओं का विवरण जुटाया जाता था। इसके बाद टेली-कॉलर खुद को एयरलाइन कंपनी का मानव संसाधन अधिकारी बताकर युवाओं से संपर्क करते और उन्हें दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नौकरी दिलाने का झांसा देते थे।

नौकरी की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर पीड़ितों से 7,000 से 10,000 रुपये तक प्रवेश और पंजीकरण शुल्क वसूला जाता था। पैसे मिलने के बाद उन्हें फर्जी प्रवेश पर्ची, अनापत्ति प्रमाणपत्र, प्रमाणपत्र और नौकरी का नियुक्ति पत्र भेजकर भरोसे में रखा जाता था।

मामले की शुरुआत एक पीड़ित की शिकायत से हुई। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि 10 जून 2026 को इंस्टाग्राम चलाते समय उसे ‘ब्रेटिश एयरवेज’ में आईजीआई एयरपोर्ट पर नौकरी का विज्ञापन दिखाई दिया। नौकरी की उम्मीद में उसने विज्ञापन में मांगी गई अपनी जानकारी भर दी।

कुछ समय बाद उसके पास एक महिला का फोन आया। महिला ने खुद को ‘करिश्मा, मानव संसाधन अधिकारी, ब्रेटिश एयरवेज’ बताया। बातचीत के दौरान उसने शिकायतकर्ता से व्हाट्सऐप के जरिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, अंकतालिका और बायोडाटा मंगवा लिया।

इसके बाद उसे बताया गया कि एयरलाइन में नौकरी के लिए ‘फ्यूचर विंग्स लर्निंग इंस्टीट्यूट’से विमानन एवं हवाईअड्डा प्रबंधन का डिप्लोमा करना अनिवार्य है। इसी बहाने उससे प्रवेश और पंजीकरण शुल्क के नाम पर पैसे मांगे गए।

पीड़ित ने आरोपियों के बताए बैंक खातों में यूपीआई के माध्यम से कुल 7,000 रुपये जमा कर दिए। रकम प्राप्त करने के बाद आरोपियों ने उसे फर्जी प्रवेश पर्ची, अनापत्ति प्रमाणपत्र और नौकरी का प्रस्ताव पत्र भेज दिया।

कुछ समय बाद जब पीड़ित ने ‘ब्रेटिश एयरवेज’ के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश की तो उसे पता चला कि इस नाम की कोई वास्तविक एयरलाइन मौजूद नहीं है। इसके बाद आरोपियों के मोबाइल नंबरों पर संपर्क भी नहीं हो पाया।

ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।शिकायत के आधार पर 14 जुलाई 2026 को साइबर पुलिस स्टेशन सेंट्रल में प्राथमिकी संख्या 34/2026 दर्ज की गई। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2) और 61 के तहत कार्रवाई शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर पुलिस स्टेशन सेंट्रल की विशेष टीम गठित की गई। टीम में उपनिरीक्षक अंकुर सेजवाल, हेड कांस्टेबल हरविंदर, हेड कांस्टेबल दीपक, हेड कांस्टेबल जयकिशन और हेड कांस्टेबल दीक्षा शामिल थे।

टीम ने मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच के साथ इंटरनेट प्रोटोकॉल विवरण, ब्रॉडबैंड कनेक्शन, यूपीआई लेनदेन, बैंक खातों में रकम की आवाजाही और फर्जी वेबसाइटों के पंजीकरण से संबंधित जानकारी जुटाई।

तकनीकी सुराग और पैसों के लेनदेन की कड़ी जोड़ते हुए पुलिस आरोपियों तक नोएडा, उत्तर प्रदेश पहुंची। पुलिस ने 18 अगस्त 2026 को संदीप कुमार और उसके सहयोगी अखिल कुमार को गिरफ्तार किया।

पूछताछ और आगे की तकनीकी जांच के दौरान पूरे गिरोह के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। इसके बाद फर्जी वेबसाइट तैयार करने वाले व्यक्ति और तीन टेली-कॉलर्स की भूमिका का पता चला और उन्हें भी पुलिस ने पकड़ लिया।

पुलिस जांच में सामने आया कि 23 वर्षीय संदीप कुमार पहले फर्जी विमानन नौकरी कंपनियों में टेली-कॉलर के तौर पर काम कर चुका था। इसी दौरान उसने नौकरी के नाम पर लोगों को ठगने का तरीका सीखा।

इसके बाद उसने खुद ‘प्रगति एयरवेज’ नाम से फर्जी कारोबार शुरू किया। बाद में उसने अखिल कुमार के साथ 50-50 की साझेदारी में ‘ब्रेटिश एयरवेज’ और ‘फ्यूचर विंग्स लर्निंग इंस्टीट्यूट’ के नाम से नया फर्जी नेटवर्क तैयार किया।

दोनों ने नोएडा के गौर सिटी सेंटर मॉल में किराये पर कार्यालय लिया। फर्जी कंपनियों के लिए वेबसाइट तैयार कराने के लिए एक वेबसाइट डेवलपर को लगाया गया।

गिरोह नौकरी तलाशने वाले युवाओं का डेटा ऑनलाइन नौकरी पोर्टलों से हासिल करता था। इस डेटा में मौजूद मोबाइल नंबरों पर टेली-कॉलर संपर्क करते थे।

गिरोह में काम करने वाली महिलाएं खुद को एयरलाइन कंपनियों की मानव संसाधन अधिकारी बताकर नौकरी के इच्छुक युवाओं को फोन करती थीं। बातचीत के दौरान उन्हें बताया जाता था कि उनका चयन हो गया है या चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, लेकिन नौकरी पाने के लिए विमानन क्षेत्र का डिप्लोमा या ऑनलाइन पाठ्यक्रम करना जरूरी है।

इसके बाद प्रत्येक उम्मीदवार से 7,000 से 10,000 रुपये तक प्रवेश या पंजीकरण शुल्क के रूप में वसूले जाते थे।

आरोपियों ने वेबसाइट डेवलपर की मदद से दोनों फर्जी संस्थानों की वेबसाइट तैयार करवाई थी। वेबसाइटों पर ऐसी जानकारियां प्रदर्शित की जाती थीं, जिससे नौकरी तलाशने वाले युवाओं को यह विश्वास हो कि वे किसी वास्तविक एयरलाइन और विमानन प्रशिक्षण संस्थान से संपर्क कर रहे हैं।

पैसे लेने के बाद पीड़ितों को फर्जी दस्तावेज भेजे जाते थे। उन्हें प्रवेश पर्ची, प्रमाणपत्र, अनापत्ति प्रमाणपत्र और नौकरी का प्रस्ताव पत्र भेजकर कुछ समय तक भरोसे में रखा जाता था।

पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य लगातार अपने ठिकाने, वेबसाइट, मोबाइल फोन और सिम कार्ड बदलते रहते थे ताकि पुलिस की पकड़ से बच सकें।

जब ‘ब्रेटिश एयरवेज’ के खिलाफ शिकायतें आने लगीं तो आरोपियों ने नया जाल बिछाना शुरू कर दिया। उन्होंने ‘शंख एयरवेज’ और ‘एक्सीलेंस लर्निंग इंस्टीट्यूट’ के नाम से नई फर्जी वेबसाइटें तैयार कीं और नए किराये के कार्यालय से काम शुरू कर दिया।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में संदीप कुमार को गिरोह का मुख्य संचालक और मास्टरमाइंड बताया गया है। वह ग्रेटर नोएडा का रहने वाला है।

अखिल कुमार, निवासी मुरादाबाद, गिरोह में संदीप का सहयोगी और 50-50 साझेदार था। ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए उसके बैंक खाते का इस्तेमाल किया गया।

राकेश कुमार, उम्र 47 वर्ष, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गाजियाबाद का रहने वाला है। उसने गिरोह के लिए फर्जी वेबसाइट तैयार करने और उन्हें संचालित करने में मदद की।

इसके अलावा श्वेता, सपना और साक्षी टेली-कॉलर के रूप में काम करती थीं। इनमें सपना कथित तौर पर पीड़ितों से बातचीत के दौरान ‘करिश्मा’ नाम से खुद को एयरलाइन की मानव संसाधन अधिकारी बताती थी। साक्षी की उम्र 20 वर्ष बताई गई है और वह गाजियाबाद की रहने वाली है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो लैपटॉप, आठ मोबाइल फोन, आठ सिम कार्ड और दो रजिस्टर बरामद किए हैं। रजिस्टरों में नौकरी की तलाश कर रहे लोगों का डेटा और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज थीं।

पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन में मौजूद बातचीत, व्हाट्सऐप संदेश और अन्य डिजिटल सामग्री को भी जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है। इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और पीड़ितों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

मामले की जांच के दौरान राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की शिकायतों की भी जांच की गई। इसमें ‘ब्रेटिश एयरवेज’, आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों और बैंक खातों से जुड़ी 10 शिकायतें सामने आईं।

पुलिस अब इन सभी शिकायतों को मौजूदा मामले से जोड़कर जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, ठगी की वास्तविक रकम और पीड़ितों की संख्या इससे अधिक हो सकती है, क्योंकि कई लोगों से अपेक्षाकृत कम रकम ठगी गई और उन्होंने शिकायत दर्ज नहीं कराई।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने युवाओं को अपना शिकार बनाया और कितनी रकम की ठगी की। फर्जी वेबसाइटों को तैयार करने, नौकरी तलाशने वालों का डेटा उपलब्ध कराने, बैंक खाते उपलब्ध कराने और रकम को आगे भेजने में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।

पुलिस के अनुसार मामले की आगे की जांच जारी है और फर्जी एयरलाइन तथा विमानन प्रशिक्षण संस्थानों के नाम पर चल रहे इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली पुलिस ने नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। पुलिस ने कहा है कि सोशल मीडिया या अनजान वेबसाइटों पर दिखाई देने वाले नौकरी के विज्ञापनों पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें।

किसी एयरलाइन, हवाईअड्डे या बड़ी कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर यदि पहले ही प्रवेश शुल्क, पंजीकरण शुल्क, प्रशिक्षण शुल्क, डिप्लोमा शुल्क या किसी अन्य नाम से पैसे मांगे जाएं तो उसकी पूरी तरह जांच करनी चाहिए।

पुलिस ने नागरिकों से कहा है कि नौकरी से संबंधित जानकारी केवल संबंधित कंपनी के आधिकारिक और सत्यापित माध्यमों से ही जांचें और किसी अनजान व्यक्ति को आधार कार्ड, पैन कार्ड, अंकतालिका, बायोडाटा अथवा अन्य निजी दस्तावेज भेजने से पहले पूरी सावधानी बरतें।

किसी भी तरह की साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।

दिल्ली पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर 24 अगस्त 2026 की प्रेस विज्ञप्तियों में इस मामले को सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के साइबर पुलिस स्टेशन की कार्रवाई के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

Previous Post

Mother कमाती है तो क्या Father की Child Maintenance आधी हो जाएगी? Supreme Court का बड़ा फैसला

Next Post

सिर्फ “समानता” लिख देना काफी था? संविधान का Article 14 आखिर हमें क्या देता है?

Shahzad Ahmed

Shahzad Ahmed

Related News

दिल्ली पुलिस के 101 सेवानिवृत्त कर्मियों को मिला मानद पदोन्नति का सम्मान, पुलिस मुख्यालय में हुआ पिपिंग समारोह

दिल्ली पुलिस के 101 सेवानिवृत्त कर्मियों को मिला मानद पदोन्नति का सम्मान, पुलिस मुख्यालय में हुआ पिपिंग समारोह

by Shahzad Ahmed
September 1, 2026
0

नई दिल्ली, दिल्ली पुलिस मुख्यालय स्थित आदर्श ऑडिटोरियम में सोमवार को सेवानिवृत्त होने वाले दिल्ली पुलिस के 101 कर्मियों के...

जीबी रोड के कोठा नंबर-58 में मानव तस्करी का बड़ा खुलासा, महिलाओं को नौकरी का झांसा देकर देह व्यापार में धकेलने वाले गिरोह का पर्दाफाश

जीबी रोड के कोठा नंबर-58 में मानव तस्करी का बड़ा खुलासा, महिलाओं को नौकरी का झांसा देकर देह व्यापार में धकेलने वाले गिरोह का पर्दाफाश

by Shahzad Ahmed
August 31, 2026
0

कमला मार्किट पुलिस ने दो महिलाओं को कराया मुक्त, तीन आरोपी महिलाएं गिरफ्तार; एक पीड़िता को पश्चिम बंगाल से दिल्ली...

दवा या नशे का नेटवर्क? 66.80 लाख Psychotropic Tablets जब्त

दवा या नशे का नेटवर्क? 66.80 लाख Psychotropic Tablets जब्त

by Ravi Tondak
August 31, 2026
0

Operation Vajra 2.0 में 66,79,980 tablets जब्त, एक गिरफ्तार; CBN के अनुसार 2026 में अब तक 12.72 करोड़ tablets और...

दिल्ली से जुड़ी ट्रेनों में Synthetic Drugs की बड़ी खेप, 18 किलो से ज्यादा Amphetamine-MDMA बरामद; 4 गिरफ्तार

दिल्ली से जुड़ी ट्रेनों में Synthetic Drugs की बड़ी खेप, 18 किलो से ज्यादा Amphetamine-MDMA बरामद; 4 गिरफ्तार

by Ravi Tondak
August 30, 2026
0

New Delhi–Bengaluru और Hazrat Nizamuddin–Pune train routes पर DRI की कार्रवाई; 15 दिन में करीब 150 किलो Amphetamine-Type Stimulant drugs...

Next Post
Article 14 क्या है? समानता का अधिकार और Equality Before Law

सिर्फ “समानता” लिख देना काफी था? संविधान का Article 14 आखिर हमें क्या देता है?

दिल्ली से जुड़ी ट्रेनों में Synthetic Drugs की बड़ी खेप, 18 किलो से ज्यादा Amphetamine-MDMA बरामद; 4 गिरफ्तार

दिल्ली से जुड़ी ट्रेनों में Synthetic Drugs की बड़ी खेप, 18 किलो से ज्यादा Amphetamine-MDMA बरामद; 4 गिरफ्तार

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Crime News

  • दिल्ली पुलिस के 101 सेवानिवृत्त कर्मियों को मिला मानद पदोन्नति का सम्मान, पुलिस मुख्यालय में हुआ पिपिंग समारोह
  • जीबी रोड के कोठा नंबर-58 में मानव तस्करी का बड़ा खुलासा, महिलाओं को नौकरी का झांसा देकर देह व्यापार में धकेलने वाले गिरोह का पर्दाफाश
  • दवा या नशे का नेटवर्क? 66.80 लाख Psychotropic Tablets जब्त
  • दिल्ली से जुड़ी ट्रेनों में Synthetic Drugs की बड़ी खेप, 18 किलो से ज्यादा Amphetamine-MDMA बरामद; 4 गिरफ्तार
  • सिर्फ “समानता” लिख देना काफी था? संविधान का Article 14 आखिर हमें क्या देता है?
  • Crime News
  • Law Explained
  • Privacy Policy

Categories

  • Home
  • Crime News
  • Court & Judgements
  • Delhi Police Update
  • Know Your Rights
  • Law Explained
  • Constitution & Citizen Rights
  • Disclaimer
  • Contact us

Recent Posts

  • दिल्ली पुलिस के 101 सेवानिवृत्त कर्मियों को मिला मानद पदोन्नति का सम्मान, पुलिस मुख्यालय में हुआ पिपिंग समारोह
  • जीबी रोड के कोठा नंबर-58 में मानव तस्करी का बड़ा खुलासा, महिलाओं को नौकरी का झांसा देकर देह व्यापार में धकेलने वाले गिरोह का पर्दाफाश
  • दवा या नशे का नेटवर्क? 66.80 लाख Psychotropic Tablets जब्त
  • दिल्ली से जुड़ी ट्रेनों में Synthetic Drugs की बड़ी खेप, 18 किलो से ज्यादा Amphetamine-MDMA बरामद; 4 गिरफ्तार

Most Viewed

  • दिल्ली पुलिस के 101 सेवानिवृत्त कर्मियों को मिला मानद पदोन्नति का सम्मान, पुलिस मुख्यालय में हुआ पिपिंग समारोह
  • जीबी रोड के कोठा नंबर-58 में मानव तस्करी का बड़ा खुलासा, महिलाओं को नौकरी का झांसा देकर देह व्यापार में धकेलने वाले गिरोह का पर्दाफाश
  • दवा या नशे का नेटवर्क? 66.80 लाख Psychotropic Tablets जब्त

© 2025-26 Crime in Delhi – Designed by Website Designing Company CrimeinDelhi.

No Result
View All Result
  • Contact us
  • Disclaimer
  • Home
  • Privacy Policy

© 2025-26 Crime in Delhi – Designed by Website Designing Company CrimeinDelhi.