नई दिल्ली,आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए दिल्ली पुलिस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय में एक उच्चस्तरीय अंतरराज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें देश के कई राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय खुफिया एवं प्रवर्तन एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में आतंकवाद से लेकर ड्रोन गतिविधियों, सोशल मीडिया निगरानी, संगठित अपराध, अवैध हथियारों की तस्करी और मादक पदार्थों की आपूर्ति जैसे संवेदनशील मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई तथा इनसे निपटने के लिए संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति बनी।
बैठक की अध्यक्षता दिल्ली के पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने की। इस अवसर पर हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड, बिहार, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर तथा चंडीगढ़ (यूटी) के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा केंद्रीय खुफिया और प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया। दिल्ली पुलिस की ओर से स्पेशल कमिश्नर (कानून व्यवस्था, स्पेशल सेल, ट्रैफिक, प्रोटेक्टिव सिक्योरिटी डिवीजन, क्राइम, ट्रांसपोर्ट और इंटेलिजेंस), संयुक्त पुलिस आयुक्त, विभिन्न जिलों के पुलिस उपायुक्त, सुरक्षा इकाई, अपराध शाखा, आईजीआई एयरपोर्ट, रेलवे और मेट्रो पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

बैठक में स्वतंत्रता दिवस के दौरान संभावित सुरक्षा चुनौतियों का विस्तृत आकलन किया गया। अधिकारियों ने आतंकवादी गतिविधियों की आशंका को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में चौकसी बढ़ाने, अंतरराज्यीय सीमाओं पर वाहनों की सघन जांच, संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन और खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर विशेष जोर दिया। यह निर्णय लिया गया कि यदि किसी भी राज्य में कोई संदिग्ध व्यक्ति, वाहन या गतिविधि सामने आती है तो उसकी सूचना तत्काल अन्य राज्यों और संबंधित एजेंसियों के साथ साझा की जाएगी, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बैठक के दौरान आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों पर भी विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि ड्रोन, पैराग्लाइडर और अन्य उड़ने वाली वस्तुओं का दुरुपयोग सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसलिए खुले क्षेत्रों, संवेदनशील स्थानों और समारोह स्थल के आसपास इनकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने तथा आवश्यकतानुसार प्रतिबंधात्मक और तकनीकी उपाय अपनाने पर सहमति बनी।
सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए बैठक में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की चौबीसों घंटे निगरानी रखने पर बल दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि अफवाह फैलाने, भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने या सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न करने वाले तत्वों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विभिन्न राज्यों की साइबर और खुफिया इकाइयों के बीच समन्वय को और मजबूत बनाने का निर्णय लिया गया।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सक्रिय अंतरराज्यीय अपराधी गिरोहों पर भी बैठक में गंभीरता से चर्चा हुई। अधिकारियों ने ऐसे गिरोहों के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने, उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने तथा राज्यों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। विशेष रूप से विदेशों से संचालित होने वाले संगठित अपराध सिंडिकेट पर कड़ी निगरानी रखने और उनके खिलाफ समन्वित कार्रवाई की रणनीति तैयार की गई।
बैठक में अवैध हथियारों की तस्करी और मादक पदार्थों के बढ़ते नेटवर्क को भी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बताया गया। अधिकारियों ने इन अपराधों में शामिल गिरोहों के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने, सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और खुफिया तंत्र को और अधिक सक्रिय बनाने पर सहमति व्यक्त की।
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राजधानी में लागू होने वाले यातायात प्रतिबंधों और सुरक्षा प्रबंधों की भी समीक्षा की गई। संवेदनशील मार्गों, वीआईपी मूवमेंट, समारोह स्थल और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ अंतरराज्यीय सीमाओं पर अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की योजना पर चर्चा हुई।
दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व की सुरक्षा केवल दिल्ली पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी राज्यों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साझा प्रयास से ही सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने पिछले वर्षों में सभी एजेंसियों द्वारा दिए गए सहयोग की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि इस वर्ष भी सभी विभाग पूरी प्रतिबद्धता और समन्वय के साथ कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर बेहतर तालमेल, सोशल मीडिया की निरंतर निगरानी, खुफिया सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई तथा संगठित अपराध, ड्रग तस्करी और अवैध हथियारों के नेटवर्क के विरुद्ध संयुक्त अभियान समय की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी एजेंसियां साझा रणनीति के तहत कार्य करें, ताकि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राजधानी में अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
बैठक के अंत में सभी राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों ने स्वतंत्रता दिवस 2026 के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और आपसी समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प दोहराया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि संयुक्त प्रयासों के माध्यम से राष्ट्रीय राजधानी में स्वतंत्रता दिवस समारोह सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक आयोजित किया जाएगा।





