वेस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 182 दोपहिया वाहन बरामद; कई आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड, 10 घोषित बदमाश भी गिरफ्तार
नई दिल्ली,दिल्ली में वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए वेस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने ‘ऑपरेशन चक्रा-2’ के तहत 72 घंटे तक विशेष अभियान चलाकर बड़ी सफलता हासिल की है। इस अभियान के दौरान पुलिस ने चोरी के कुल 185 वाहन बरामद किए और 44 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में 10 घोषित बदमाश (बैड कैरेक्टर) भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए कई आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
यह विशेष अभियान वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी हरेश्वर वी. स्वामी,की समग्र निगरानी में चलाया गया। इसमें जिले के सभी थानों के साथ एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS), स्पेशल स्टाफ और एंटी-नारकोटिक्स यूनिट ने समन्वित तरीके से कार्रवाई की।
ऑपरेशन चक्रा-2 के दौरान बरामद किए गए 185 चोरी के वाहनों में 117 स्कूटी और 65 मोटरसाइकिल शामिल हैं। इनमें 17 हाई-स्पीड मोटरसाइकिल भी बरामद की गई हैं। इसके अलावा एक तीन पहिया वाहन और दो चार पहिया वाहन भी पुलिस ने बरामद किए।
पुलिस ने अभियान के दौरान 44 व्यक्तियों के खिलाफ कुल 46 गिरफ्तारी प्रविष्टियां दर्ज की गईं। इनमें तिलक नगर और विकासपुरी थाने से संबंधित एक-एक व्यक्ति को दो-दो बार गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में 10 बैड कैरेक्टर शामिल हैं, जिनसे संबंधित कुल 12 गिरफ्तारी प्रविष्टियां दर्ज हुईं।

वेस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने ऑपरेशन चक्रा-2 में पिछले अभियान की तुलना में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। ऑपरेशन चक्रा-1 के दौरान 72 घंटे में 116 चोरी के वाहन बरामद किए गए थे, जिनमें 113 दोपहिया वाहन शामिल थे।
वहीं, ऑपरेशन चक्रा-2 के दौरान इसी अवधि में 185 वाहन बरामद किए गए। इस तरह पिछली कार्रवाई की तुलना में 69 अधिक वाहन बरामद हुए। कुल बरामदगी में लगभग 59 प्रतिशत और दोपहिया वाहनों की बरामदगी में लगभग 61 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
इस अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि बरामद किए गए वाहनों का संबंध केवल वेस्ट डिस्ट्रिक्ट से नहीं था। कुल 185 वाहनों में से 91 वाहन वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के मामलों से संबंधित हैं, जबकि 94 वाहन दिल्ली के अन्य जिलों में दर्ज मामलों से जुड़े हैं।
इससे स्पष्ट होता है कि विभिन्न पुलिस इकाइयों के बीच समन्वय के जरिए वाहन चोरी के मामलों में व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई। अन्य जिलों से संबंधित वाहनों की बरामदगी से उन मामलों की जांच में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
ऑपरेशन चक्रा-2 के दौरान अलग-अलग पुलिस इकाइयों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) ने सबसे अधिक 27 वाहन बरामद किए।
इसके अलावा ख्याला थाना पुलिस ने 21, मोती नगर और तिलक नगर थानों ने 17-17, पंजाबी बाग और राजौरी गार्डन थानों ने 15-15 तथा कीर्ति नगर और विकासपुरी थानों ने 12-12 वाहन बरामद किए।
स्पेशल स्टाफ ने 11, हरि नगर थाना पुलिस ने आठ, जनकपुरी ने सात तथा मायापुरी, नारायणा और इंदरपुरी थानों ने छह-छह वाहन बरामद किए। एंटी-नारकोटिक्स यूनिट ने भी पांच चोरी के वाहन बरामद किए।
पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान ऐसे आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया, जिनके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामलों में संलिप्तता दर्ज है।इनमें स्पेशल स्टाफ द्वारा गिरफ्तार सुमित के खिलाफ 38 पूर्व आपराधिक संलिप्तताएं दर्ज बताई गई हैं। जनकपुरी थाना पुलिस ने घोषित बदमाश दिनेश लालू को गिरफ्तार किया, जिसके खिलाफ 33 पूर्व संलिप्तताएं हैं।इसी तरह तिलक नगर थाना पुलिस ने सुधीर उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया, जिसके खिलाफ 30 पूर्व संलिप्तताएं दर्ज हैं। पंजाबी बाग थाना पुलिस ने कासिम उर्फ वसीम को गिरफ्तार किया, जिसके खिलाफ 28 पूर्व संलिप्तताएं बताई गई हैं।
तिलक नगर पुलिस ने जतिन उर्फ भोकला को भी गिरफ्तार किया, जिसके खिलाफ 23 पूर्व संलिप्तताएं हैं। वहीं, विकासपुरी थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार अक्षय के खिलाफ 20 से अधिक पूर्व आपराधिक संलिप्तताएं दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
वेस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन चक्रा-2 का उद्देश्य वाहन चोरी की घटनाओं पर रोक लगाना, चोरी के वाहनों का पता लगाना, उन्हें बरामद करना और बार-बार अपराध में संलिप्त पाए जाने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करना है।





