नई दिल्ली,अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर दिल्ली पुलिस ने ‘नशा मुक्त भारत पखवाड़ा-2026’ का समापन एक भव्य सांस्कृतिक एवं जनजागरूकता कार्यक्रम के साथ किया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए जनभागीदारी को मजबूत करना था। इस अभियान के तहत दिल्ली भर में दो सप्ताह तक जागरूकता कार्यक्रम, विशेष अभियान और प्रवर्तन कार्रवाई चलाई गई।
कार्यक्रम में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोल्छा, स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम) एच.जी.एस. ढालीवाल, दिल्ली पुलिस के अनेक वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य अतिथि तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत दिल्ली पुलिस बैंड की आकर्षक प्रस्तुति से हुई। इसके बाद पैंटोमाइम शो के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण प्रसिद्ध बॉलीवुड गायक मीका सिंह की लाइव म्यूजिकल प्रस्तुति रही। संगीत के माध्यम से हजारों लोगों तक यह संदेश पहुंचाया गया कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बाद कर देता है।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के मार्गदर्शन एवं पुलिस आयुक्त सतीश गोल्छा के नेतृत्व में राजधानी में मादक पदार्थों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’की नीति अपनाई गई है। पुलिस केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क और आर्थिक तंत्र को खत्म करने की दिशा में लगातार कार्रवाई कर रही है।
दिल्ली पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) द्वारा संचालित ऑपरेशन “कवच” के तहत ड्रग तस्करी के नेटवर्क पर लगातार प्रहार किया जा रहा है। मादक पदार्थों की बरामदगी, तस्करों की गिरफ्तारी, PITNDPS Act के तहत निरोधात्मक कार्रवाई तथा ड्रग माफिया की संपत्तियों को जब्त कर उनके आर्थिक स्रोतों को समाप्त करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 2,154 मामले दर्ज किए गए और 2,853 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया।वहीं 15 जून 2026 तक 1,418 एनडीपीएस मामले दर्ज किए जा चुके हैं तथा 1,812 तस्करों की गिरफ्तारी** हो चुकी है।इसके अतिरिक्त PITNDPS Act के तहत अब तक 14.99 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। पुलिस ने 39 डिटेंशन ऑर्डर जारी किए हैं जबकि 48 प्रस्ताव प्रक्रिया में हैं।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि मई 2023 में शुरू किए गए ऑपरेशन “कवच” के तहत अब तक 14 बड़े अभियान चलाए जा चुके हैं।सबसे हालिया अभियान 22 से 24 जून 2026 के बीच 48 घंटे तक चला, जिसमें 1,474 पुलिस टीमों ने दिल्ली के 15 पुलिस जिलों में 4,035 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।
इस दौरान:एनडीपीएस एक्ट के 212 मामले दर्ज किए गए।255 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार** किया गया।आर्म्स एक्ट के 315 मामलों में 329 आरोपी गिरफ्तार किए गए और बड़ी संख्या में अवैध हथियार बरामद किए गए।
एक्साइज एक्ट के 398 मामलों में 405 लोगों की गिरफ्तारी हुई तथा भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई।दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह अभियान राजधानी में संगठित अपराध, ड्रग्स, अवैध हथियार और अवैध शराब के नेटवर्क पर एक साथ प्रभावी कार्रवाई का उदाहरण है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार लगातार चल रही कार्रवाई का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। नशीले पदार्थों की आपूर्ति में कमी आई है तथा बड़े ड्रग तस्कर पुलिस कार्रवाई के डर से भूमिगत होने लगे हैं। कई तस्कर अब दिल्ली में व्यावसायिक मात्रा में ड्रग्स भेजने से भी बच रहे हैं क्योंकि गिरफ्तारी का खतरा पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है।
12 जून 2026 को लाल किले से शुरू हुए ‘नशा मुक्त भारत पखवाड़ा’ के दौरान राजधानी के स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों, पार्कों और रिहायशी इलाकों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान पेंटिंग प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक, पैंटोमाइम शो, जागरूकता वीडियो वैन, जनसंवाद कार्यक्रम और छात्र-युवा संवाद आयोजित किए गए। साथ ही एनडीपीएस मामलों की जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला भी आयोजित की गई।
मुख्य अतिथि गोविंद मोहन ने दिल्ली पुलिस के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य 2027 तक ड्रग्स मुक्त दिल्ली बनाना है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून से नहीं बल्कि परिवार, समाज और युवाओं के सहयोग से जीती जा सकती है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक अभिभावक की जिम्मेदारी है कि वह अपने बच्चों को नशे के खतरे से बचाए। उन्होंने नागरिकों से MANAS पोर्टल का उपयोग कर ड्रग्स संबंधी सूचनाएं साझा करने की अपील की तथा युवाओं से कहा”नशे की जगह खेल चुनिए, दबाव की जगह उद्देश्य चुनिए और लत की जगह जीवन चुनिए।”
कार्यक्रम के समापन पर दिल्ली पुलिस ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस या सरकार की नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। युवाओं को जागरूक बनाकर, परिवारों को साथ जोड़कर और समाज की सक्रिय भागीदारी से ही ड्रग्स मुक्त भारत का सपना साकार किया जा सकता है।दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि यदि उनके आसपास कहीं भी नशीले पदार्थों की तस्करी या सेवन की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि राजधानी को सुरक्षित, स्वस्थ और नशा मुक्त बनाने के लिए उसका अभियान आगे भी पूरी मजबूती से जारी रहेगा।






