नई दिल्ली,राजधानी में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, तेज और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में दिल्ली पुलिस ने सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह पहल पुलिसिंग सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल और स्मार्ट बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
इस समझौते के तहत C-DOT की स्वदेशी और अत्याधुनिक तकनीकों को दिल्ली पुलिस के कामकाज में शामिल किया जाएगा, जिससे जांच, निगरानी, संचार और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार होगा।
इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य पुलिस की ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाना, सुरक्षित संचार प्रणाली विकसित करना और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। C-DOT द्वारा विकसित कई आधुनिक सिस्टम दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाएंगे।

फेसियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS)/FraudPro के जरिए संदिग्धों, लापता व्यक्तियों और आदतन अपराधियों की पहचान करना आसान हो जाएगा। यह सिस्टम फोटो को मौजूदा डाटाबेस से मिलाकर तुरंत पहचान सुनिश्चित करेगा। इससे जांच प्रक्रिया तेज होगी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी मजबूत होगी।
SAMVAD प्लेटफॉर्म के जरिए पुलिसकर्मियों को सुरक्षित चैट, ऑडियो-वीडियो कॉल और डेटा शेयरिंग की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही SAMVAD Prime एक विशेष सुरक्षित मैसेजिंग सिस्टम है, जिसका उपयोग संवेदनशील सूचनाओं के आदान-प्रदान में किया जाएगा। इससे विभिन्न यूनिट्स, जिलों और विशेष शाखाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
Mission Critical Services (MCX) प्लेटफॉर्म बड़े आयोजनों, दंगों या आपदाओं के दौरान रियल-टाइम और सुरक्षित कम्युनिकेशन सुनिश्चित करेगा। इससे फील्ड में तैनात पुलिसकर्मियों के बीच तालमेल बेहतर होगा और त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।
C-DOT Meet के जरिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, ब्रीफिंग और ट्रेनिंग सत्रों को आसान बनाया जाएगा। इसमें मल्टी-कैमरा एक्सेस, प्रेजेंटेशन शेयरिंग और व्हाइटबोर्ड जैसी सुविधाएं शामिल हैं, जो ऑपरेशनल प्लानिंग को और प्रभावी बनाएंगी।
इंटेलिजेंट अटेंडेंस सिस्टम फेसियल रिकग्निशन आधारित होगा, जिससे उपस्थिति दर्ज करने में पारदर्शिता आएगी और प्रॉक्सी अटेंडेंस जैसी समस्याओं पर रोक लगेगी। साथ ही संवेदनशील पुलिस प्रतिष्ठानों में एक्सेस कंट्रोल भी मजबूत होगा।
Cell Broadcast सिस्टम के जरिए दिल्ली पुलिस ट्रैफिक अपडेट, सार्वजनिक सलाह, लापता व्यक्तियों की जानकारी और आपातकालीन चेतावनियां सीधे लोगों के मोबाइल और सार्वजनिक डिस्प्ले सिस्टम तक पहुंचा सकेगी। इससे आम नागरिकों को समय पर सूचना मिल सकेगी।
Trinetra ESOC और Trinetra 360 जैसे AI आधारित प्लेटफॉर्म साइबर हमलों की पहचान, नेटवर्क मॉनिटरिंग और आईटी सिस्टम की सुरक्षा में मदद करेंगे। इससे CCTNS जैसे महत्वपूर्ण डिजिटल सिस्टम सुरक्षित रहेंगे और डेटा सुरक्षा को नया स्तर मिलेगा।
इस साझेदारी में क्वांटम आधारित सुरक्षा तकनीकों को भी शामिल किया गया है। Quantum Key Distribution (QKD) और अन्य एन्क्रिप्शन सिस्टम के जरिए डेटा, वॉइस और वीडियो कम्युनिकेशन को अत्यधिक सुरक्षित बनाया जाएगा, जिससे भविष्य के साइबर खतरों से निपटना आसान होगा।
इस अवसर पर पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा और C-DOT के CEO डॉ. राजकुमार उपाध्याय ने कहा कि यह साझेदारी दिल्ली पुलिस को तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनाएगी। उन्होंने बताया कि स्वदेशी तकनीकों के इस्तेमाल से न केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि पुलिसिंग का स्तर भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा।
दिल्ली पुलिस और C-DOT के बीच यह समझौता राजधानी में स्मार्ट पुलिसिंग के नए युग की शुरुआत है। यह पहल न केवल अपराध नियंत्रण और जांच प्रक्रिया को तेज करेगी, बल्कि आम जनता की सुरक्षा और विश्वास को भी मजबूत बनाएगी। आने वाले समय में यह मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।






