सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और लगातार मैदानी जांच से मिली सफलता; करीब एक करोड़ रुपये की लूटी गई नकदी, मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल पिस्टलनुमा लाइटर बरामद
नई दिल्ली,सेंट्रल जिला पुलिस ने एक ऑटो रिक्शा में सवार कैश कलेक्टर से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की गन पॉइंट पर लूट के मामले का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। संयुक्त पुलिस आयुक्त, सेंट्रल रेंज, मधुर वर्मा ने बताया कि थाना दरियागंज, स्पेशल स्टाफ और एएटीएस की संयुक्त टीम ने दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में कार्रवाई करते हुए लूट की वारदात में शामिल कथित साजिशकर्ताओं और वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर करीब एक करोड़ रुपये की लूटी गई नकदी, वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, लूट के पैसों से खरीदा गया मोबाइल फोन तथा अन्य सामान बरामद किया गया है।
पुलिस ने वारदात के दौरान हथियार के रूप में कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया पिस्टलनुमा लाइटर भी बरामद किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने चांदनी चौक क्षेत्र से होने वाली नकदी की आवाजाही पर नजर रखकर वारदात की योजना तैयार की थी। इस मामले में एक अन्य आरोपी प्रिंस अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस के मुताबिक, 7 सितंबर 2026 को रात करीब 8 बजे शिकायतकर्ता, जो एक भुगतान कलेक्टर/डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता है, अपने सहयोगी नरेश के साथ चर्च मिशन टी-पॉइंट से सफदरजंग की ओर जा रहा था। दोनों एक ऑटो रिक्शा में सवार थे। उनके पास एक कारोबारी की संपत्ति संबंधी गतिविधियों से जुड़ी करीब तीन करोड़ रुपये की नकदी थी, जिसे दो अलग-अलग बैगों में रखा गया था। प्रत्येक बैग में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये थे।
जब ऑटो रिक्शा गीतांजलि नहीं, बल्कि गीता कॉलोनी फ्लाईओवर, आउटर रिंग रोड के पास पहुंचा, तभी काले रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार तीन बदमाशों ने ऑटो को रोक लिया। पुलिस के अनुसार, दो आरोपियों ने पिस्टल जैसे दिखने वाले सामान निकालकर ऑटो में बैठे दोनों व्यक्तियों को दोनों ओर से घेर लिया। हथियार के बल पर आरोपियों ने एक बैग छीन लिया, जिसमें करीब डेढ़ करोड़ रुपये थे। इसके बाद तीनों आरोपी आईटीओ की ओर फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलने पर थाना दरियागंज पुलिस ने शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर एफआईआर संख्या 329/2026, दिनांक 8 सितंबर 2026 दर्ज की। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(4), 309(6), 3(5) [पूर्ववर्ती आईपीसी की धारा 392/397/34] तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 27 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना दरियागंज, सेंट्रल जिला स्पेशल स्टाफ और एएटीएस की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम का नेतृत्व थाना दरियागंज के एसएचओ इंस्पेक्टर अजय शर्मा, स्पेशल स्टाफ के प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप यादव और एएटीएस के प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप डबास ने किया।
टीम को एसीपी दरियागंज धीरज नरंग और एसीपी ऑपरेशंस पदम सिंह राणा का मार्गदर्शन मिला। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, सेंट्रल प्रशांत चौधरी की निगरानी तथा डीसीपी सेंट्रल रोहित राजबीर सिंह के समग्र पर्यवेक्षण में पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया।
जांच टीम में एसआई अर्पित, एसआई दीपक, एसआई सुमित, एएसआई बिनोद, हेड कांस्टेबल सुनील, चुन्नीलाल, रोहित, खुशीराम, महेश तथा कांस्टेबल गौरव, गोविंद, विकास, अजय, बाबुधन और अशोक सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
पुलिस टीम ने शिकायतकर्ता और गवाहों से विस्तृत पूछताछ की। इसके अलावा, घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस ने शिकायतकर्ता के आने-जाने के मार्ग, आरोपियों की गतिविधियों तथा वारदात से पहले और बाद की संदिग्ध गतिविधियों का तकनीकी विश्लेषण किया।
जांच के दौरान पुराने आपराधिक मामलों में समान तरीके से वारदात को अंजाम देने वाले संदिग्धों की जानकारी जुटाई गई। तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और लगातार मैदानी पूछताछ के माध्यम से पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास तेज किए।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता की गतिविधियों और संदिग्धों की आवाजाही के बीच तालमेल स्थापित करने के लिए विभिन्न स्थानों की सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से अध्ययन किया गया। करीब चार दिनों की लगातार मेहनत के बाद जांच टीम को अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर कथित साजिश और वारदात में शामिल आरोपियों की पहचान की गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात में शामिल आरोपी अलग-अलग निजी कंपनियों में नौकरी करने या अन्य छोटे-मोटे काम करने वाले युवक थे। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी पैसों की जरूरत के चलते कथित रूप से एक आपराधिक योजना में शामिल हुए। जांच में यह भी पता चला कि गिरोह के सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।
पुलिस के मुताबिक, मुख्य साजिशकर्ताओं ने चांदनी चौक क्षेत्र में नकदी लेकर चलने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी। इसके बाद उपयुक्त स्थान पर ऑटो रिक्शा को रोककर नकदी लूटने की योजना बनाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पहले भी इस तरह की योजना को अंजाम देने का प्रयास किया था, लेकिन वे सफल नहीं हो सके थे।
लगातार जांच और तकनीकी निगरानी के दौरान पुलिस को आरोपी सूरज पांडे के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। पुलिस टीम ने 12 सितंबर 2026 को उसे आनंद विहार बस टर्मिनल से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, वह उत्तर प्रदेश के किसी दूरदराज के इलाके में भागने का प्रयास कर रहा था।
पूछताछ के दौरान सूरज पांडे ने कथित तौर पर अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात बताई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पुराने दिल्ली रेलवे स्टेशन के टी-पॉइंट के पास शिकायतकर्ता और उसके सहयोगी को देखा था। दोनों के पास नकदी से भरे बैग थे। मुख्य साजिशकर्ताओं रिंकू और दीपक ने कथित तौर पर लक्ष्य की पहचान की, जिसके बाद शिकायतकर्ता के ऑटो रिक्शा में बैठने के बाद उसका पीछा किया गया।
आरोपियों की योजना थी कि ऑटो रिक्शा को अपेक्षाकृत सुनसान स्थान पर रोककर नकदी लूटी जाए और तुरंत मौके से फरार हो जाया जाए।
पुलिस के अनुसार, वारदात के समय संदीप उर्फ सैंडी मोटरसाइकिल चला रहा था। सूरज पांडे बीच में बैठा था, जबकि दीपक गोस्वामी पीछे बैठा था। लूट के बाद आरोपी दिल्ली के नवादा स्थित किराए के कमरे में दोबारा एकत्र हुए, जहां कथित तौर पर लूटी गई रकम को आपस में बांटा गया।
जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि वारदात के लिए मोटरसाइकिल और हथियारनुमा सामान की व्यवस्था आरोपी प्रिंस ने की थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहले से ही वारदात को अंजाम देने के लिए आवश्यक संसाधन जुटाए थे।
सूरज पांडे की गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही तथा तकनीकी निगरानी के आधार पर दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में छापेमारी की गई। पुलिस ने 13 सितंबर 2026 को चार अन्य आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया।
आरोपी गिरफ्तारी का स्थान बरामदगी
सूरज पांडे आनंद विहार बस टर्मिनल, दिल्ली | ₹17 लाख नकद, लूट की रकम से खरीदा गया एप्पल आईफोन और अन्य सामान |
आदर्श तिवारी नवादा, दिल्ली ₹32.5 लाख नकद और लूट के पैसों से खरीदी गई नई मोटरसाइकिल |
दीपक गोस्वामी नवादा, दिल्ली ₹32.5 लाख नकद और नई मोटरसाइकिल की संयुक्त बरामदगी |संदीप उर्फ सैंडी फरीदाबाद, हरियाणा ₹11 लाख नकद
रिंकू लुधियाना, पंजाब ₹37.5 लाख नकद |
पुलिस के अनुसार, आदर्श तिवारी और दीपक गोस्वामी को नवादा, दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। दोनों की निशानदेही पर कुल ₹32.5 लाख नकद तथा लूट की रकम से खरीदी गई एक नई मोटरसाइकिल बरामद की गई। संदीप उर्फ सैंडी को फरीदाबाद, हरियाणा से गिरफ्तार कर उसके कब्जे से ₹11 लाख नकद बरामद किए गए।
वहीं, कथित मुख्य साजिशकर्ता रिंकू को तकनीकी निगरानी के आधार पर लुधियाना, पंजाब से गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर ₹37.5 लाख नकद बरामद किए गए।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों से अब तक करीब एक करोड़ रुपये की लूटी गई नकदी बरामद की जा चुकी है। इसके अलावा, वारदात के दौरान पहने गए कपड़े और जूते, करीब ₹2.10 लाख की एक नई मोटरसाइकिल, लूट के पैसों से खरीदा गया मोबाइल फोन तथा एक पिस्टलनुमा खिलौना/लाइटर भी बरामद किया गया है।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी रिंकू को उस क्षेत्र की जानकारी थी, जहां से बड़ी मात्रा में नकदी की आवाजाही होती थी। पुलिस का आरोप है कि उसने गिरोह के अन्य सदस्यों को चांदनी चौक और उसके आसपास के इलाकों में रेकी करने तथा बड़ी रकम लेकर चलने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने का काम सौंपा था।
जांच में सामने आया कि आरोपी आदर्श तिवारी को शिकायतकर्ता के ऑटो रिक्शा में सवार होने वाले स्थान के आसपास देखा गया था। पुलिस के अनुसार, वह शिकायतकर्ता के नजदीक रहकर उसकी गतिविधियों पर नजर रख रहा था। इसी निगरानी के आधार पर कथित रूप से शिकायतकर्ता को निशाना बनाया गया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
1. रिंकू, उम्र 27 वर्ष,निवासी: लुधियाना, पंजाब।शैक्षणिक योग्यता: बी.कॉम।
पूर्व कार्य,करोल बाग की एक दुकान में अकाउंटेंट के रूप में काम करता था।
भूमिका:पुलिस के अनुसार, मुख्य साजिशकर्ता।
पुलिस के मुताबिक, करीब तीन वर्ष पहले रिंकू अपने नियोक्ता के निर्देश पर नकदी लाने-ले जाने का काम करता था। इसी दौरान उसे नकदी की आवाजाही और संबंधित गतिविधियों की जानकारी हुई। पुलिस के अनुसार, रैपिडो राइड के दौरान आरोपी आदर्श तिवारी की मुलाकात प्रिंस से हुई थी। इसके बाद प्रिंस का रिंकू, आदर्श और दीपक के साझा किराए के कमरे में आना-जाना शुरू हुआ। पुलिस का आरोप है कि रिंकू ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर लूट की साजिश तैयार की और रेकी की जिम्मेदारी भी सौंपी।
2. आदर्श तिवारी, उम्र करीब 22 वर्ष निवासी:नजफगढ़, दिल्ली।शैक्षणिक योग्यता:** बी.कॉम और बी.एड।पूर्व कार्य: नजफगढ़ में ट्यूशन सेंटर चलाता था।भूमिका:पुलिस के अनुसार, प्रमुख साजिशकर्ताओं में शामिल।
पुलिस के मुताबिक, आदर्श तिवारी को शिकायतकर्ता के ऑटो रिक्शा में सवार होने वाले स्थान पर देखा गया था। वह शिकायतकर्ता के आसपास घूम रहा था और कथित रूप से उसकी गतिविधियों पर नजर रख रहा था।
3. दीपक गोस्वामी, उम्र करीब 25 वर्ष निवासी:हनुमानगढ़, राजस्थान।
शैक्षणिक योग्यता:12वीं पास।
पूर्व कार्य:निजी नौकरी करता था।
भूमिका: पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने वालों में शामिल।
पुलिस के मुताबिक, दीपक गोस्वामी मोटरसाइकिल पर पीछे बैठा था और उसने नकदी वाला बैग छीनने से पहले पिस्टल जैसा दिखने वाला सामान दिखाया था। जांच में पुलिस को पता चला कि वारदात में इस्तेमाल वस्तु असल हथियार नहीं, बल्कि पिस्टलनुमा लाइटर था। दीपक पहले करोल बाग की एक मोबाइल दुकान में रिंकू के साथ काम करता था।
4. सूरज पांडे, उम्र 20 वर्ष
निवासी:फरीदाबाद, हरियाणा।
शैक्षणिक योग्यता: 9वीं पास।
काम: रैपिडो राइडर और फरीदाबाद की एक निजी कंपनी में कर्मचारी।
भूमिका:पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने वालों में शामिल।
पुलिस के अनुसार, सूरज पांडे मोटरसाइकिल पर बीच में बैठा था और उसने भी लूट के दौरान पिस्टल जैसा सामान दिखाया था। वह फरीदाबाद में रहने वाले प्रिंस और संदीप उर्फ सैंडी के संपर्क में था।
5. संदीप उर्फ सैंडी, उम्र 21 वर्ष
निवासी:फरीदाबाद, हरियाणा।
शैक्षणिक योग्यता:12वीं पास।
काम:ब्लिंकिट/जेप्टो में राइडर।
भूमिका:पुलिस के अनुसार, वारदात के समय मोटरसाइकिल चला रहा था।
पुलिस के अनुसार, संदीप उर्फ सैंडी ने लूट की वारदात के दौरान मोटरसाइकिल चलाई थी। जांच में यह भी सामने आया कि वह पहले हरियाणा में पॉक्सो मामले में जेल में रह चुका है।
6. प्रिंस, उम्र 26 वर्ष — फरार
निवासी: फरीदाबाद, हरियाणा।
शैक्षणिक योग्यता:12वीं पास।
काम: ब्लिंकिट, जेप्टो और रैपिडो में राइडर।
भूमिका:पुलिस के अनुसार, साजिशकर्ता और संसाधन उपलब्ध कराने वाला आरोपी।
पुलिस के मुताबिक, प्रिंस ने वारदात से पहले इलाके की रेकी की थी। उसने कथित रूप से वारदात के लिए मोटरसाइकिल और अन्य आवश्यक सामान की व्यवस्था की। पुलिस के अनुसार, उसकी मोटरसाइकिल, जिसका पंजीकरण नंबर DL-3S-JE-बताया गया है, अपराध में इस्तेमाल की गई थी। प्रिंस अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।
सेंट्रल जिला पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है। फरार आरोपी प्रिंस को गिरफ्तार करने, लूटी गई शेष नकदी का पता लगाने तथा वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की जांच के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि लूट की रकम से किसी अन्य सामान की खरीदारी की गई थी या नहीं और इस आपराधिक साजिश में किसी अन्य व्यक्ति ने सहयोग किया था या नहीं।






