हौज काजी इलाके में घर से पर्स और दो मोबाइल चोरी का मामला सुलझा, आरोपी के कब्जे से नकदी, एटीएम कार्ड समेत दस्तावेज बरामद
नई दिल्ली,केंद्रीय जिला पुलिस ने थाना हौज काजी इलाके में हुई चोरी की वारदात को महज दो दिनों में सुलझाते हुए एक आदतन आरोपी को गिरफ्तार किया है। डीसीपी सेंट्रल डिस्ट्रिक रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपी की पहचान 35 वर्षीय यूसुफ के रूप में की है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ पहले भी चोरी समेत सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी के कब्जे से शिकायतकर्ता का चोरी हुआ पर्स, नकदी, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। चोरी किए गए दो मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, 9 सितंबर 2026 को गली बोरीयान, बाजार सीताराम स्थित मकान नंबर 1567 में चोरी की शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति घर में घुसकर उसका पर्स चोरी कर ले गया। पर्स में जरूरी दस्तावेज और एटीएम कार्ड के अलावा दो मोबाइल फोन भी चोरी किए गए थे।
शिकायत मिलने के बाद थाना हौज काजी में FIR संख्या 80075954/2026 के तहत धारा 305 BNS में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले को सुलझाने के लिए थाना हौज काजी के एसएचओ अमरेंद्र कुमार की निगरानी में और एसीपी कमला मार्केट के समग्र पर्यवेक्षण में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम में एसआई राजेश्वर परमार, IC PP हिम्मतगढ़, हेड कांस्टेबल जगदीश और कांस्टेबल विनोद शामिल थे।
जांच टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया। पुलिस ने अलग-अलग कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया, जिसके आधार पर संदिग्ध की पहचान यूसुफ के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले भी चोरी की घटनाओं में शामिल रहा है।सीसीटीवी फुटेज से पहचान होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी। इसके साथ ही गुप्त सूचना तंत्र को सक्रिय कर उसके संभावित ठिकानों और गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई गई।
पुलिस टीम को 11 सितंबर 2026 को आरोपी के बारे में विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली। सूचना के आधार पर टीम ने कार्रवाई करते हुए यूसुफ को गली बोरीयान, हिम्मतगढ़ चौक के पास से दोपहर करीब 12 बजे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह घुमंतू जीवन जीता है और कचरा/कबाड़ एकत्र करने का काम करता है। उसने कथित तौर पर बताया कि घटना वाले दिन उसने देखा कि शिकायतकर्ता के घर का दरवाजा खुला था और अंदर कोई मौजूद नहीं था। इसी मौके का फायदा उठाकर वह घर में दाखिल हुआ और चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि चोरी किए गए दोनों मोबाइल फोन उसने एक स्थानीय रिक्शा चालक को करीब 3,000 से 4,000 रुपये में बेच दिए थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने मोबाइल बेचकर मिली पूरी रकम अपनी रोजमर्रा की जरूरतों और खर्चों में इस्तेमाल कर ली।अब पुलिस आरोपी द्वारा बताए गए रिसीवरों से दोनों मोबाइल फोन बरामद करने के प्रयास में जुटी है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने इससे पहले कितनी अन्य वारदातों को अंजाम दिया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी यूसुफ का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। वह केंद्रीय और उत्तरी जिलों में दर्ज सात पूर्व आपराधिक मामलों में कथित तौर पर शामिल रहा है। इनमें थाना चांदनी महल, कमला मार्केट, कोतवाली, जामा मस्जिद और रेलवे ई-पुलिस स्टेशन से संबंधित मामले शामिल हैं।
केंद्रीय जिला पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज का व्यवस्थित विश्लेषण, गुप्त सूचना तंत्र और पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई के कारण चोरी के इस मामले का कम समय में खुलासा किया जा सका। आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले की आगे की जांच की जा रही है।





