नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस के मध्य जिला अंतर्गत थाना हौज काजी पुलिस ने तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए ऑपरेशन मिलाप के तहत महज 50 मिनट के भीतर 13 वर्षीय लापता बच्चे को तलाश कर सुरक्षित उसके परिवार से मिला दिया। डीसीपी सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से बच्चे के परिजनों ने राहत की सांस ली।
पुलिस के अनुसार, 2 नवंबर 2026 को थाना हौज काजी के सामने लाल कुआं मार्केट में गश्त कर रहे हेड कांस्टेबल राहुल और महिला कांस्टेबल निधि ने एक 13 वर्षीय बच्चे को रोते हुए अकेले घूमते देखा। पुलिसकर्मियों ने तुरंत बच्चे के पास पहुंचकर उसे सांत्वना दी और खाने-पीने की चीजें उपलब्ध कराईं। इसके बाद उसकी पहचान और परिवार का पता लगाने की कार्रवाई शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना एसएचओ इंस्पेक्टर अमरेंद्र कुमार सुमन के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल राहुल, हेड कांस्टेबल पंकज और महिला कांस्टेबल निधि की विशेष टीम गठित की गई। एसीपी कमला मार्केट राजीव भारद्वाज के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने आसपास के थानों चांदनी महल, कमला मार्केट, दरियागंज, लाहौरी गेट और कोतवाली को बच्चे की जानकारी साझा की। साथ ही आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और अमन कमेटी के सदस्यों तथा आरडब्ल्यूए व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से भी मदद मांगी गई।
बच्चे से बातचीत में पता चला कि वह मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी जिले का रहने वाला है और पंजाब में अपने एक भाई के पास से दिल्ली आया था। उसे उत्तम नगर में अपनी बहन और जाफराबाद में रहने वाले दूसरे भाई के पास जाना था, लेकिन रेलवे स्टेशन से बाहर निकलने के बाद वह रास्ता भटक गया और लाल कुआं मार्केट पहुंच गया।
पुलिस टीम ने बिहार के सीतामढ़ी जिले के थाना बेला से संपर्क कर बच्चे के माता-पिता का फोन नंबर प्राप्त किया। इसके बाद परिजनों की मदद से जाफराबाद में रह रहे उसके भाई से संपर्क स्थापित किया गया।करीब 50 मिनट की त्वरित कार्रवाई के बाद बच्चे के परिजनों का पता लगा लिया गया। आवश्यक सत्यापन के बाद बच्चे को उसके भाई के सुपुर्द कर दिया गया।
मध्य जिला के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने पुलिस टीम की तत्परता, संवेदनशीलता और सराहनीय कार्य की जानकारी दी। यह कार्रवाई बच्चों की सुरक्षा के प्रति दिल्ली पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।





