नई दिल्ली,दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने गुरुवार को ट्रैफिक मुख्यालय, तोडापुर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सड़क अनुशासन को बढ़ावा देने में अहम योगदान देने वाले ट्रैफिक प्रहरियों को सम्मानित किया।
उपराज्यपाल का स्वागत दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा विशेष पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक प्रबंधन) नीरज ठाकुर तथा ट्रैफिक यूनिट के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुई।

इस अवसर पर उपराज्यपाल ने ट्रैफिक प्रहरी ऐप से जुड़े उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले ट्रैफिक प्रहरियों को सम्मानित किया। यह प्रोत्साहन योजना सितंबर 2024 में शुरू की गई थी, जिसके तहत नागरिक ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की सूचना ऐप के माध्यम से दे सकते हैं। योजना के तहत प्रथम स्थान पर ₹50,000, द्वितीय पर ₹25,000, तृतीय पर ₹15,000 और चतुर्थ स्थान पर ₹10,000 का पुरस्कार दिया जाता है।

उपराज्यपाल ने मार्च 2025 से फरवरी 2026 की अवधि के लिए 21 नागरिकों को उनकी उत्कृष्ट भागीदारी और प्रभावी योगदान के लिए पुरस्कृत किया। इस पहल ने ट्रैफिक नियमों के पालन में जनभागीदारी को मजबूत किया है।
इसके अलावा, महिला ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के लिए 38 नई स्कूटी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह पहल भीड़भाड़ वाले इलाकों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने, ट्रैफिक जाम को कम करने और सड़कों पर महिला पुलिस की प्रभावी मौजूदगी बढ़ाने में मददगार साबित होगी।

साथ ही, दो अत्याधुनिक आपदा प्रतिक्रिया वाहनों को भी शामिल किया गया, जिनमें स्टील कटर, ट्री कटर, फ्लोटिंग वॉटर पंप, जनरेटर और टावर लाइट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। ये वाहन सड़क आपात स्थितियों से निपटने में ट्रैफिक पुलिस की क्षमता को और मजबूत करेंगे।
दौरे के दौरान उपराज्यपाल को ट्रैफिक यूनिट के कार्यों, प्रवर्तन प्रणाली और पब्लिक इंटरफेस यूनिट (PIU) के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने वर्तमान व्यवस्था के परिणामों की समीक्षा की और राजधानी में ट्रैफिक प्रबंधन के आधुनिकीकरण तथा जाम से निपटने की भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की।
यह दौरा दिल्ली में सुरक्षित और सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए तकनीक, जनसहभागिता और संसाधनों के सुदृढ़ीकरण पर प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।






