नई दिल्ली,राजधानी में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की थाना हौज काजी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। डीसीपी सेंट्रल डिस्ट्रिक रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि एक सुनियोजित और बहुस्तरीय ऑपरेशन के जरिए पुलिस ने बिहार से दिल्ली तक फैले एक संगठित इंटरस्टेट ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए उसके मुख्य सप्लायर (किंगपिन) को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई में स्ट्रीट लेवल उपभोक्ता से लेकर सप्लाई चेन के शीर्ष स्तर तक की पूरी कड़ी को तोड़ दिया गया है।
24 मार्च 2026 को थाना हौज काजी के एएसआई भुवनेश्वर अपनी टीम के साथ नियमित गश्त पर थे। इसी दौरान उन्होंने एक संदिग्ध व्यक्ति मोहम्मद अली को स्मैक का सेवन करते हुए पकड़ा। पूछताछ में सामने आया कि वह लंबे समय से नशे का आदी है और स्थानीय स्तर पर सप्लाई हो रहे ड्रग नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।
इस संबंध में थाना हौज काजी में FIR नंबर 213/26 के तहत NDPS एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। यहीं से पुलिस को एक बड़े नेटवर्क का सुराग मिला।
मोहम्मद अली से पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि वह स्मैक सोनू नाम के एक सप्लायर से खरीदता था, जो पहाड़गंज पुल के पास सक्रिय था। इस इनपुट को गंभीरता से लेते हुए एसएचओ हौज काजी और इंस्पेक्टर ओमवीर दाबस के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
तकनीकी विश्लेषण (CDR), मुखबिरों की सूचना और लगातार निगरानी के आधार पर पुलिस ने 27 मार्च 2026 को टोडापुर इलाके में छापेमारी कर बिनोद कुमार, सोनू कुमार मंडल और संजीत कुमार को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 8.505 किलोग्राम गांजा और 10 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।
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गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि ड्रग्स की सप्लाई रघुबीर नगर और बिहार दोनों जगहों से होती थी। इसके बाद पुलिस ने रघुबीर नगर में छापा मारकर सुरेंद्र प्रसाद को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 10.66 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।
इस गिरफ्तारी ने साफ कर दिया कि नेटवर्क दिल्ली के कई इलाकों में सक्रिय था और अलग-अलग स्तरों पर काम कर रहा था।
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी बिहार से ₹5,000–6,000 प्रति किलो की दर से गांजा खरीदते थे और दिल्ली में इसे ₹12,000–13,000 प्रति किलो तक बेचते थे। इससे यह स्पष्ट हुआ कि यह एक संगठित इंटरस्टेट नेटवर्क है, जो बड़े पैमाने पर मुनाफा कमाने के लिए काम कर रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना हौज काजी की टीम बिहार के मधेपुरा रवाना हुई। लगातार तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर 6 अप्रैल 2026 को पुलिस ने मुख्य सप्लायर बंटी कुमार उर्फ लल्लन साह (24 वर्ष) को बाबा बिशु रावत मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने बिनोद को 9 किलोग्राम गांजा सप्लाई किया था और वह लंबे समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी मंदिर के आसपास “प्रसाद” के नाम पर गांजा सप्लाई करता था, जिससे स्थानीय लोगों को भ्रमित किया जाता था। इस तरीके से वह न सिर्फ पुलिस की नजरों से बचने की कोशिश करता था, बल्कि धार्मिक आस्था का भी दुरुपयोग कर रहा था।
दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई में ड्रग सप्लाई की पूरी चेन — उपभोक्ता, लोकल सप्लायर, इंटरस्टेट सप्लायर और किंगपिन — को ध्वस्त कर दिया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
इस ऑपरेशन की सफलता में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) विश्लेषण, सटीक खुफिया जानकारी, जमीनी स्तर पर लगातार निगरानी और टीमवर्क की अहम भूमिका रही।
सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई दिल्ली में ड्रग्स के खिलाफ एक बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ऐसे नेटवर्क्स को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इस तरह के ऑपरेशन जारी रहेंगे।






