Delhi Police वीक 2026 का भव्य समापन:
“सहयोग – जन-पुलिस भागीदारी से सुरक्षित दिल्ली” पर जोर
नई दिल्ली में 22 फरवरी को दिल्ली पुलिस वीक 2026 का औपचारिक समापन “सहयोग – जन-पुलिस भागीदारी से सुरक्षित दिल्ली” थीम के साथ किया गया। सप्ताह भर चले कार्यक्रमों की श्रृंखला ने सामुदायिक पुलिसिंग की अवधारणा को व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत किया, जिससे यह संदेश दिया गया कि कानून-व्यवस्था केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक साझेदारी का विषय भी है।

दिल्ली पुलिस वीक 16 फरवरी से 22 फरवरी 2026 तक मनाया गया, जिसमें राजधानी के सभी जिलों और पुलिस थानों में विभिन्न जनहित कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान पुलिस की उपलब्धियों, आधुनिकीकरण प्रयासों और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग मॉडल को प्रदर्शित किया गया।
पुलिस वीक के अंतिम दिन राजधानी के विभिन्न पुलिस थानों में कई विशेष आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें पुलिस के साथ साझेदारी में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था।

डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा पर विशेष फोकस
तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों को ध्यान में रखते हुए नागरिकों के लिए व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन सत्रों में ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया स्कैम और डेटा सुरक्षा से जुड़े जोखिमों पर विस्तार से चर्चा की गई।
विशेषज्ञ अधिकारियों ने नागरिकों को सलाह दी कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या वित्तीय लेनदेन के प्रति सतर्क रहें और समय रहते पुलिस हेल्पलाइन या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। डिजिटल साक्षरता को अपराध-निवारण की पहली सीढ़ी बताया गया।

नशा मुक्त समाज की दिशा में जागरूकता अभियान
युवाओं और विद्यार्थियों को लक्षित करते हुए नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों पर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। सामाजिक, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नशे के दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए युवाओं से “नशा मुक्त भारत” के संकल्प में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नशे के विरुद्ध संघर्ष केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक जागरूकता और परिवार-समुदाय के सहयोग से ही इसे प्रभावी बनाया जा सकता है।
“नाज़ुक” पहल के तहत बाल सुरक्षा पर जोर
बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों में “नाज़ुक” कार्यक्रम के माध्यम से गुड टच और बैड टच की जानकारी दी गई। बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए किसी भी अनुचित व्यवहार के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
यह पहल बाल संरक्षण और लैंगिक संवेदनशीलता के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

स्वास्थ्य एवं कानूनी जागरूकता कार्यक्रम
पुलिस कर्मियों तथा नागरिकों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए गए, जिनमें चिकित्सा परामर्श और प्राथमिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
साथ ही, नए आपराधिक कानूनों, यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा मानकों पर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। नागरिकों को सुरक्षित ड्राइविंग, दंड प्रावधानों और विधिक दायित्वों की जानकारी दी गई, जिससे कानून के प्रति जागरूक और उत्तरदायी समाज का निर्माण हो सके।
जन सुनवाई शिविर: संवाद और समाधान का मंच
पुलिस वीक के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में जन सुनवाई शिविर आयोजित किए गए, जहां नागरिकों को सीधे वरिष्ठ अधिकारियों से संवाद का अवसर मिला। शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी गई।
इन शिविरों ने पुलिस-जन विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और यह दर्शाया कि शिकायत निवारण तंत्र को अधिक सुलभ और उत्तरदायी बनाया जा रहा है।

सेंट्रल पार्क, कनॉट प्लेस में संगीतमय समापन
समापन समारोह का आयोजन Central Park में किया गया, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच प्रसिद्ध गायक Mohit Chauhan ने अपनी प्रस्तुति से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर पुलिस कर्मियों, उनके परिवारों और नागरिकों की बड़ी संख्या उपस्थित रही। कार्यक्रम ने पुलिस और समाज के बीच सकारात्मक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने का संदेश दिया।

सात थीम के माध्यम से पुलिस की प्रतिबद्धता का प्रदर्शन
दिल्ली पुलिस वीक 2026 के अंतर्गत सात प्रमुख थीम निर्धारित की गईं:
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सेवा – निस्वार्थ जनसेवा का संकल्प
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सुरक्षा – सुरक्षा से विश्वास तक
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समर्पण – कर्तव्य सर्वोपरि
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साहस – हर चुनौती में अडिग
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संवेदना – मानवीय पुलिसिंग की पहचान
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सतर्कता – नए पुलिस कानूनों का महत्व
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सहयोग – जन-पुलिस भागीदारी से सुरक्षित दिल्ली
इन विषयों के माध्यम से पुलिस की जिम्मेदारी, अनुशासन, संवेदनशीलता और जनप्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया।
इन थीम के माध्यम से पुलिस की जिम्मेदारियों, समर्पण और जनता के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया गया।
पुलिस वीक के दौरान कई आकर्षक और महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें शामिल हैं:
राजधानी के पुलिस भवनों को विशेष रोशनी से सजाया गया
सार्वजनिक स्थानों पर दिल्ली पुलिस बैंड की प्रस्तुतियां हुईं
जनसंपर्क वाहन के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया गया
दिल्ली पुलिस के इतिहास और आधुनिकीकरण को प्रदर्शित करने के लिए मेगा प्रदर्शनी आयोजित की गई
ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली गली ओलंपिक्स का आयोजन हुआ
जनजागरूकता के लिए विशेष पॉडकास्ट तैयार किए गए
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया
गणतंत्र दिवस परेड 2026 में सर्वश्रेष्ठ घोषित दिल्ली पुलिस की मार्चिंग टुकड़ी ने मार्च-पास्ट किया
दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षित समाज के निर्माण में पुलिस और जनता की साझेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से ही अपराध नियंत्रण, जागरूकता और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाया जा सकता है।
दिल्ली पुलिस वीक 2026 ने न केवल पुलिस की उपलब्धियों और आधुनिकीकरण को प्रदर्शित किया, बल्कि नागरिकों के साथ मजबूत संबंध स्थापित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे सुरक्षा से जुड़े मामलों में सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि मिलकर एक सुरक्षित और सशक्त दिल्ली का निर्माण किया जा सके।
साझेदारी से सुरक्षित राजधानी की ओर
दिल्ली पुलिस वीक 2026 ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि सुरक्षित समाज का निर्माण केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पुलिस और नागरिकों के संयुक्त प्रयास का परिणाम है। सामुदायिक पुलिसिंग, डिजिटल जागरूकता, नशा उन्मूलन और बाल सुरक्षा जैसे विषयों पर केंद्रित पहलें भविष्य की सुरक्षा रणनीति की आधारशिला हैं।
नागरिकों से अपील की गई कि वे सतर्क रहें, कानून का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। जनभागीदारी ही सुरक्षित, जागरूक और सशक्त दिल्ली की वास्तविक पहचान बन सकती है।
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