नई दिल्ली,दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के साइबर थाना ने “वर्क फ्रॉम होम” के नाम पर चल रहे एक ऑनलाइन ठगी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए राजस्थान के करौली से 20 वर्षीय वेटरनरी छात्र को गिरफ्तार किया है। डीसीपी सेंट्रल डिस्ट्रिक रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर फर्जी विज्ञापनों के जरिए लोगों को झांसे में लेकर उनसे पैसे ऐंठता था।
29 अप्रैल 2026 को सीता राम बाजार निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि उसे इंस्टाग्राम आईडी “sweetywork67” के जरिए हैंडराइटिंग वर्क और घर बैठे काम का ऑफर मिला। आरोपियों ने रजिस्ट्रेशन फीस, मटेरियल चार्ज, जीएसटी और अकाउंट वेरिफिकेशन के नाम पर उससे अलग-अलग किस्तों में पैसे वसूले।
ठगों ने “पेमेंट फेल” और “छोटी रकम बाकी” जैसे बहाने बनाकर पीड़ित को बार-बार भुगतान करने के लिए मजबूर किया। इस तरह कुल ₹34,509.95 की ठगी की गई।
मामले में FIR नंबर 24/26, धारा 318(4) BNS के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने डिजिटल ट्रांजेक्शन का विश्लेषण करते हुए FamPay UPI आईडी ANUJKUNA@FAM तक पहुंच बनाई।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने राजस्थान के करौली में छापा मारकर 1 मई 2026 को आरोपी अनुज मीणा (20 वर्ष) को गिरफ्तार किया
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी अपने साथी गणेश शर्मा उर्फ प्रिंस/गोलू के साथ मिलकर काम करता था।
इंस्टाग्राम पर फर्जी “वर्क फ्रॉम होम” विज्ञापन डालना,Meta प्लेटफॉर्म के जरिए विज्ञापनों को बूस्ट करना,लोगों को छोटे-छोटे भुगतान के जाल में फंसाना,रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर छिपाना,गणेश शर्मा ऑनलाइन प्रोफाइल संभालता था, जबकि अनुज अपने बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराता था।
पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन और डिजिटल ट्रांजेक्शन से जुड़े साक्ष्य बरामद किए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि उसके बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से जुड़ी एक और शिकायत सूरत (गुजरात) से दर्ज है।
पुलिस सह-आरोपी गणेश शर्मा की तलाश में जुटी है और इस गिरोह से जुड़े अन्य पीड़ितों की पहचान की जा रही है। साथ ही ठगी की रकम के अन्य खातों में ट्रांसफर की भी जांच जारी है।






