• Home
  • Crime News
  • Court & Judgements
  • Delhi Police Crime Update
  • Public Alerts
  • Law Explained
  • Disclaimer
  • Contact us
No Result
View All Result
Crime in Delhi
  • Home
  • Crime News
  • Court & Judgements
  • Delhi Police Crime Update
  • Public Alerts
  • Law Explained
  • Disclaimer
  • Contact us
No Result
View All Result
Crime in Delhi
No Result
View All Result
Home Law Explained

चोरी और डकैती में क्या अंतर है❓❓

???? जानकार बनिए सतर्क रहिये !!!

Shahzad Ahmed by Shahzad Ahmed
September 23, 2022
in Law Explained
0
355
SHARES
2.7k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

You Might Also Like

Speed That Killed: Juvenile Driving, Legal Accountability and the Dwarka Tragedy

New Criminal Laws in Delhi 2025: BNS, BNSS & BSA Explained

Difference Between Complaint, NCR and FIR

✅चोरी, लूट और डकैती ऐसे अपराध हैं जो चल संपत्ति के अपने मूल स्थान से हटने, संपत्ति के मालिक से असहमति और साथ में बेईमानी के आशय से किये जाते हैं।
✅ये सभी अपराध काफी प्रचलित हैं और अकसर इस तरह की घटनाएं देखने सुनने को मिल जाती हैं।
आइये देखते हैं चोरी और डकैती क्या हैं और इनके बीच क्या अंतर है ?
????चोरी किसे कहते हैं❓❓
✅हमारे समाज में चोरी एक बहुत ही सामान्य और बहुत ही प्रचलित अपराध है जो अकसर घटित होती है।
✅चोरी मानव सभ्यता के सबसे पुराने अपराधों में से एक है। कई बार तो चोरी हमारे आँखों के सामने से हो जाती है जैसे कोई किसी अन्य की अनुपस्थिति में उसका सामान लेकर भाग गया।
✅चोरी को हमारे कानून के हिसाब से परिभाषित किया गया है और उसके लिए सजा भी निर्धारित की गयी है।
????कानून के अनुसार चोरी की परिभाषा
भारतीय दंड संहिता यानि इंडियन पीनल कोड में धारा 378 में चोरी की परिभाषा देते हुए कहा गया है कि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति के कब्ज़े से उसकी सहमति के बिना कोई चल संपत्ति यदि बेईमानी की नियत से हटाता है तो यह घटना चोरी कहलाएगी। इस परिभाषा के अनुसार कोई घटना चोरी तभी कही जायेगी जब किसी चल संपत्ति को उसकी जगह से हटाया जाये, उस संपत्ति के मालिक की अनुमति के बिना हटाया जाये और तीसरी इम्पोर्टेन्ट बात बेईमानी की नियत से हटाया जाय। इनमे से एक की भी अनुपस्थिति में वह घटना चोरी के अंतर्गत नहीं आएगी। इस प्रकार चोरी की घटना में निम्न तत्व का होना अनिवार्य है
????कानून के अनुसार चोरी की सजा क्या है❓❓
यदि कोई घटना चोरी सिद्ध हो जाती है तो उसपर IPC की धारा 379 के तहत सजा सुनाई जाती है। धारा 379 के अनुसार चोरी के लिए कम से कम तीन साल की सजा या जुर्माना या दोनों ही लगाया जा सकता है। यह एक संज्ञेय अपराध है। चोरी को एक समझौतावादी अपराध माना जाता है यानि सम्पति के मालिक से सुलह पर मामला ख़त्म हो सकता है। इस धारा के अनुसार यह एक गैर जमानती अपराध है। हालाँकि इसमें जमानत के लिए सत्र न्यायलय में अप्लीकेशन दिया जा सकता है।
????डकैती क्या है❓❓
चोरी की तरह ही डकैती का भी सम्बन्ध चल संपत्ति, बिना अनुमति और बेईमानी से होता है। लेकिन यहाँ एक बात ध्यान देने योग्य है कि इन तीनों के साथ ही लूट का होना अनिवार्य है अर्थात इंडियन पीनल कोड की धारा 390 के अनुसार जबरन वसूली और इस प्रक्रिया में हिंसा का भय या हिंसा कारित हो या इसका प्रयत्न किया जाय। जैसे चोरी कुछ बातों के शामिल होने से लूट बन जाती है और उसी प्रकार लूट कुछ तत्वों के सम्मिलित होने से डकैती बन जाती है। हालांकि लूट और डकैती सीधे भी हो सकती है। चोरी लूट में बदल जाती है यदि उस चोरी को करने के लिए या उस चोरी से प्राप्त होने वाली संपत्ति को अपने साथ ले जाने के लिए या ले जाने के प्रयत्न में अपराधी उस उद्देशय से या स्वेच्छा से किसी व्यक्ति को मारने का या सदोष अवरोध का भय कारित करता है या ऐसा करने का प्रयास करता है। वास्तव में डकैती चोरी और लूट से बड़ी घटना है और इसी वजह से इसे IPC में चोरी से अलग स्थान दिया गया है।
????कानून के अनुसार डकैती की परिभाषा‼️
डकैती की परिभाषा इंडियन पीनल कोड के धारा 391 में दी गयी है। इस धारा के अनुसार डकैती वह घटना है जिसमे पांच या अधिक व्यक्ति एक साथ लूट करते हैं या लूट का प्रयास करते हैं। अब इसमें ये सारे व्यक्ति या तो संयुक्त रूप से लूट करते हैं या लूट का प्रयास करते हैं या उपस्थित व्यक्ति लूट करने वाले व्यक्ति की सहायता करते हैं। डकैती की घटना में इन तत्वों की अनिवार्य उपस्थिति होती है
????कानून के अनुसार डकैती की सजा‼️
इंडियन पीनल कोड की धारा 395 में डकैती के अपराध के लिए सजा का निर्धारण किया गया है। इस अपराध के लिए आजीवन कारावास या दस वर्ष का सश्रम कारावास और आर्थिक दंड दिया जा सकता है।
????चोरी और डकैती में क्या अंतर है‼️
✅भारतीय दंड संहिता के अनुसार चोरी का अपराध अकेला व्यक्ति भी कर सकता है किन्तु डकैती का अपराध होने के लिए कम से कम पांच व्यक्तियों की सम्मिलती अनिवार्य है।
✅चोरी के मुख्य तत्व चल संपत्ति, ओनर की असहमति के बिना हटाना और बेईमानी का आशय होना अनिवार्य है जबकि डकैती में इन तत्वों के साथ साथ लूट और कम से कम पांच लोगों की सम्मिलती होना अनिवार्य है।
✅चोरी का अपराध समझौतावादी है यानि इसमें सुलह की गुंजाईश होती है किन्तु डकैती समझौतावादी नहीं होता है।
✅चोरी के अपराध के लिए तीन वर्ष का कारावास या जुरमाना या दोनों लगाया जाता है जबकि डकैती के लिए आजीवन सजा या दस वर्ष कठिन कारावास के साथ जुरमाना का प्रावधान है।
????जानकारी उपयोगी लगे तो बाक़ी लोगों को भी जानकारी दें ????
………………………………………………
जानकार बनिए ,
सबको जानकार बनाइए ,
कोई प्रश्न हो ,
निःशंकोच पूछिए ,
क्यूंकि आप बढ़ेंगे – तो देश बढ़ेगा
From the wall of Dr. Nitin Shakya – Nodal Officer
Tags: theft and dacoityचोरी और डकैतीचोरी और डकैती में क्या अंतर है
Previous Post

दिल्ली पुलिस की आईजीआईए टीम ने एक फर्जी वीजा रैकेट का किया भंडाफोड़

Next Post

पैतृक संपत्ति में कैसे पा सकते हैं अपना हिस्सा❓❓

Shahzad Ahmed

Shahzad Ahmed

Related News

Dwarka accident case

Speed That Killed: Juvenile Driving, Legal Accountability and the Dwarka Tragedy

by Ravi Tondak
February 19, 2026
0

A tragic road accident in Dwarka involving a juvenile allegedly driving an SUV at high speed has once again raised...

new criminal laws in india

New Criminal Laws in Delhi 2025: BNS, BNSS & BSA Explained

by Ravi Tondak
February 18, 2026
0

India’s IPC and CrPC have been replaced by BNS, BNSS, and BSA. Here’s what Delhi residents must know: India’s criminal justice...

Complaint vs NCR vs FIR

Difference Between Complaint, NCR and FIR

by Ravi Tondak
February 9, 2026
0

Understanding the difference between a Complaint, NCR (Non-Cognizable Report), and an FIR (First Information Report) is crucial for citizens approaching...

ARREST IS THE EXCEPTION, NOT THE RULE

Arrest Is Now the Exception, Not the Rule: Supreme Court Reaffirms Citizen Rights

by Ravi Tondak
February 5, 2026
0

In a significant reaffirmation of personal liberty, the Supreme Court of India, while interpreting the Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita (BNSS),...

Next Post
पैतृक संपत्ति में कैसे पा सकते हैं अपना हिस्सा❓❓

पैतृक संपत्ति में कैसे पा सकते हैं अपना हिस्सा❓❓

Lieutenant Governor of Delhi visited and inspected Delhi Police Academy

Lieutenant Governor of Delhi visited and inspected Delhi Police Academy

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Crime News

  • जमानत पर छूटते ही दोबारा वारदात, 48 घंटे में फिर पहुंचा सलाखों के पीछे नबी करीम थाना पुलिस ने रात की चोरी का किया पर्दाफाश, कुख्यात बदमाश गिरफ्तार
  • Delhi Police में पिपिंग सेरेमनी का आयोजन, 88 पुलिसकर्मियों को सेवानिवृत्ति पर मिली मानद पदोन्नति
  • Daily Crime Update via Delhi Police Press Release – 24 February 2026
  • जन-पुलिस साझेदारी के संदेश के साथ संपन्न हुआ दिल्ली पुलिस वीक 2026, जागरूकता कार्यक्रमों और संगीतमय शाम ने बनाया यादगार
  • SIM Swap Fraud in Delhi: If Money Disappears From Your Bank Account then What?
  • Crime News
  • Law Explained
  • Privacy Policy

Categories

  • Home
  • Crime News
  • Court & Judgements
  • Delhi Police Crime Update
  • Public Alerts
  • Law Explained
  • Disclaimer
  • Contact us

Recent Posts

  • जमानत पर छूटते ही दोबारा वारदात, 48 घंटे में फिर पहुंचा सलाखों के पीछे नबी करीम थाना पुलिस ने रात की चोरी का किया पर्दाफाश, कुख्यात बदमाश गिरफ्तार
  • Delhi Police में पिपिंग सेरेमनी का आयोजन, 88 पुलिसकर्मियों को सेवानिवृत्ति पर मिली मानद पदोन्नति
  • Daily Crime Update via Delhi Police Press Release – 24 February 2026
  • जन-पुलिस साझेदारी के संदेश के साथ संपन्न हुआ दिल्ली पुलिस वीक 2026, जागरूकता कार्यक्रमों और संगीतमय शाम ने बनाया यादगार

Most Viewed

  • जमानत पर छूटते ही दोबारा वारदात, 48 घंटे में फिर पहुंचा सलाखों के पीछे नबी करीम थाना पुलिस ने रात की चोरी का किया पर्दाफाश, कुख्यात बदमाश गिरफ्तार
  • Delhi Police में पिपिंग सेरेमनी का आयोजन, 88 पुलिसकर्मियों को सेवानिवृत्ति पर मिली मानद पदोन्नति
  • Daily Crime Update via Delhi Police Press Release – 24 February 2026

© 2025-26 Crime in Delhi – Designed by Website Designing Company CrimeinDelhi.

No Result
View All Result
  • Contact us
  • Disclaimer
  • Home
  • Privacy Policy

© 2025-26 Crime in Delhi – Designed by Website Designing Company CrimeinDelhi.