• Home
  • Crime News
  • Court & Judgements
  • Delhi Police Crime Update
  • Know Your Rights
  • Law Explained
  • Disclaimer
  • Contact us
No Result
View All Result
Crime in Delhi
  • Home
  • Crime News
  • Court & Judgements
  • Delhi Police Crime Update
  • Know Your Rights
  • Law Explained
  • Disclaimer
  • Contact us
No Result
View All Result
Crime in Delhi
No Result
View All Result
Home Law Explained

चोरी और डकैती में क्या अंतर है❓❓

???? जानकार बनिए सतर्क रहिये !!!

Shahzad Ahmed by Shahzad Ahmed
September 23, 2022
in Law Explained
0
356
SHARES
2.7k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

You Might Also Like

NCRB Data 2024: देश में Cyber Crime के 1 लाख से ज्यादा मामले, दिल्ली में 404 केस दर्ज; जानिए क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

NDPS Act Explained: कितनी मात्रा में Drugs रखने पर कितनी सजा?

NCRB Data 2024 में Juvenile Crime के 34,878 मामले दर्ज, एक साल में 11.2% की बढ़ोतरी

✅चोरी, लूट और डकैती ऐसे अपराध हैं जो चल संपत्ति के अपने मूल स्थान से हटने, संपत्ति के मालिक से असहमति और साथ में बेईमानी के आशय से किये जाते हैं।
✅ये सभी अपराध काफी प्रचलित हैं और अकसर इस तरह की घटनाएं देखने सुनने को मिल जाती हैं।
आइये देखते हैं चोरी और डकैती क्या हैं और इनके बीच क्या अंतर है ?
????चोरी किसे कहते हैं❓❓
✅हमारे समाज में चोरी एक बहुत ही सामान्य और बहुत ही प्रचलित अपराध है जो अकसर घटित होती है।
✅चोरी मानव सभ्यता के सबसे पुराने अपराधों में से एक है। कई बार तो चोरी हमारे आँखों के सामने से हो जाती है जैसे कोई किसी अन्य की अनुपस्थिति में उसका सामान लेकर भाग गया।
✅चोरी को हमारे कानून के हिसाब से परिभाषित किया गया है और उसके लिए सजा भी निर्धारित की गयी है।
????कानून के अनुसार चोरी की परिभाषा
भारतीय दंड संहिता यानि इंडियन पीनल कोड में धारा 378 में चोरी की परिभाषा देते हुए कहा गया है कि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति के कब्ज़े से उसकी सहमति के बिना कोई चल संपत्ति यदि बेईमानी की नियत से हटाता है तो यह घटना चोरी कहलाएगी। इस परिभाषा के अनुसार कोई घटना चोरी तभी कही जायेगी जब किसी चल संपत्ति को उसकी जगह से हटाया जाये, उस संपत्ति के मालिक की अनुमति के बिना हटाया जाये और तीसरी इम्पोर्टेन्ट बात बेईमानी की नियत से हटाया जाय। इनमे से एक की भी अनुपस्थिति में वह घटना चोरी के अंतर्गत नहीं आएगी। इस प्रकार चोरी की घटना में निम्न तत्व का होना अनिवार्य है
????कानून के अनुसार चोरी की सजा क्या है❓❓
यदि कोई घटना चोरी सिद्ध हो जाती है तो उसपर IPC की धारा 379 के तहत सजा सुनाई जाती है। धारा 379 के अनुसार चोरी के लिए कम से कम तीन साल की सजा या जुर्माना या दोनों ही लगाया जा सकता है। यह एक संज्ञेय अपराध है। चोरी को एक समझौतावादी अपराध माना जाता है यानि सम्पति के मालिक से सुलह पर मामला ख़त्म हो सकता है। इस धारा के अनुसार यह एक गैर जमानती अपराध है। हालाँकि इसमें जमानत के लिए सत्र न्यायलय में अप्लीकेशन दिया जा सकता है।
????डकैती क्या है❓❓
चोरी की तरह ही डकैती का भी सम्बन्ध चल संपत्ति, बिना अनुमति और बेईमानी से होता है। लेकिन यहाँ एक बात ध्यान देने योग्य है कि इन तीनों के साथ ही लूट का होना अनिवार्य है अर्थात इंडियन पीनल कोड की धारा 390 के अनुसार जबरन वसूली और इस प्रक्रिया में हिंसा का भय या हिंसा कारित हो या इसका प्रयत्न किया जाय। जैसे चोरी कुछ बातों के शामिल होने से लूट बन जाती है और उसी प्रकार लूट कुछ तत्वों के सम्मिलित होने से डकैती बन जाती है। हालांकि लूट और डकैती सीधे भी हो सकती है। चोरी लूट में बदल जाती है यदि उस चोरी को करने के लिए या उस चोरी से प्राप्त होने वाली संपत्ति को अपने साथ ले जाने के लिए या ले जाने के प्रयत्न में अपराधी उस उद्देशय से या स्वेच्छा से किसी व्यक्ति को मारने का या सदोष अवरोध का भय कारित करता है या ऐसा करने का प्रयास करता है। वास्तव में डकैती चोरी और लूट से बड़ी घटना है और इसी वजह से इसे IPC में चोरी से अलग स्थान दिया गया है।
????कानून के अनुसार डकैती की परिभाषा‼️
डकैती की परिभाषा इंडियन पीनल कोड के धारा 391 में दी गयी है। इस धारा के अनुसार डकैती वह घटना है जिसमे पांच या अधिक व्यक्ति एक साथ लूट करते हैं या लूट का प्रयास करते हैं। अब इसमें ये सारे व्यक्ति या तो संयुक्त रूप से लूट करते हैं या लूट का प्रयास करते हैं या उपस्थित व्यक्ति लूट करने वाले व्यक्ति की सहायता करते हैं। डकैती की घटना में इन तत्वों की अनिवार्य उपस्थिति होती है
????कानून के अनुसार डकैती की सजा‼️
इंडियन पीनल कोड की धारा 395 में डकैती के अपराध के लिए सजा का निर्धारण किया गया है। इस अपराध के लिए आजीवन कारावास या दस वर्ष का सश्रम कारावास और आर्थिक दंड दिया जा सकता है।
????चोरी और डकैती में क्या अंतर है‼️
✅भारतीय दंड संहिता के अनुसार चोरी का अपराध अकेला व्यक्ति भी कर सकता है किन्तु डकैती का अपराध होने के लिए कम से कम पांच व्यक्तियों की सम्मिलती अनिवार्य है।
✅चोरी के मुख्य तत्व चल संपत्ति, ओनर की असहमति के बिना हटाना और बेईमानी का आशय होना अनिवार्य है जबकि डकैती में इन तत्वों के साथ साथ लूट और कम से कम पांच लोगों की सम्मिलती होना अनिवार्य है।
✅चोरी का अपराध समझौतावादी है यानि इसमें सुलह की गुंजाईश होती है किन्तु डकैती समझौतावादी नहीं होता है।
✅चोरी के अपराध के लिए तीन वर्ष का कारावास या जुरमाना या दोनों लगाया जाता है जबकि डकैती के लिए आजीवन सजा या दस वर्ष कठिन कारावास के साथ जुरमाना का प्रावधान है।
????जानकारी उपयोगी लगे तो बाक़ी लोगों को भी जानकारी दें ????
………………………………………………
जानकार बनिए ,
सबको जानकार बनाइए ,
कोई प्रश्न हो ,
निःशंकोच पूछिए ,
क्यूंकि आप बढ़ेंगे – तो देश बढ़ेगा
From the wall of Dr. Nitin Shakya – Nodal Officer
Tags: theft and dacoityचोरी और डकैतीचोरी और डकैती में क्या अंतर है
Previous Post

दिल्ली पुलिस की आईजीआईए टीम ने एक फर्जी वीजा रैकेट का किया भंडाफोड़

Next Post

पैतृक संपत्ति में कैसे पा सकते हैं अपना हिस्सा❓❓

Shahzad Ahmed

Shahzad Ahmed

Related News

Cyber Crime Latest Data by Govt

NCRB Data 2024: देश में Cyber Crime के 1 लाख से ज्यादा मामले, दिल्ली में 404 केस दर्ज; जानिए क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

by Ravi Tondak
July 21, 2026
0

CrimeInDelhi Data Desk | 21 July 2026 भारत में cyber crime के मामलों में लगातार बढ़ोतरी सामने आ रही है।...

NDPS Act explained

NDPS Act Explained: कितनी मात्रा में Drugs रखने पर कितनी सजा?

by Ravi Tondak
July 21, 2026
0

भारत में drugs और narcotic substances से जुड़े मामलों में NDPS Act, 1985 यानी Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act...

ncrb data 2024: juvenile crime

NCRB Data 2024 में Juvenile Crime के 34,878 मामले दर्ज, एक साल में 11.2% की बढ़ोतरी

by Ravi Tondak
July 20, 2026
0

CrimeInDelhi Data Desk | 20 July 2026 देश में नाबालिगों से जुड़े अपराध के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई...

Cheque bounce section 138 NI ACT

Rajpal Yadav Cheque Bounce Case Explained: Why the Delhi High Court Upheld His Conviction Under Section 138 NI Act

by Ravi Tondak
July 17, 2026
0

Published by CrimeInDelhi Key Takeaways The Delhi High Court has upheld actor Rajpal Yadav's conviction in seven cheque dishonour cases...

Next Post
पैतृक संपत्ति में कैसे पा सकते हैं अपना हिस्सा❓❓

पैतृक संपत्ति में कैसे पा सकते हैं अपना हिस्सा❓❓

Lieutenant Governor of Delhi visited and inspected Delhi Police Academy

Lieutenant Governor of Delhi visited and inspected Delhi Police Academy

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Crime News

  • ₹10,000 की साइबर ठगी की जांच से खुला ₹70 करोड़ का अंतरराष्ट्रीय म्यूल अकाउंट सिंडिकेट, दिल्ली पुलिस ने बैंक मैनेजर समेत 10 लोगों पर की बड़ी कार्रवाई
  • दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: आनंद पर्वत थाना पुलिस ने दो लुटेरों को दबोचा, महिला आरोपी निकली छह मामलों में शामिल
  • Nagarcoil Sub-Jail Custodial Death: Chief Warden Among 3 Jail Staff Arrested After Remand Prisoner’s Death
  • कनॉट प्लेस हिंसा मामले में जांच तेज, घायल पुलिसकर्मियों ने दर्ज कराए बयान
  • दिल्ली पुलिस ने सुलझाया बवाना ब्लाइंड मर्डर केस, 4 नाबालिग समेत 5 आरोपी गिरफ्तार
  • Crime News
  • Law Explained
  • Privacy Policy

Categories

  • Home
  • Crime News
  • Court & Judgements
  • Delhi Police Crime Update
  • Know Your Rights
  • Law Explained
  • Disclaimer
  • Contact us

Recent Posts

  • ₹10,000 की साइबर ठगी की जांच से खुला ₹70 करोड़ का अंतरराष्ट्रीय म्यूल अकाउंट सिंडिकेट, दिल्ली पुलिस ने बैंक मैनेजर समेत 10 लोगों पर की बड़ी कार्रवाई
  • दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: आनंद पर्वत थाना पुलिस ने दो लुटेरों को दबोचा, महिला आरोपी निकली छह मामलों में शामिल
  • Nagarcoil Sub-Jail Custodial Death: Chief Warden Among 3 Jail Staff Arrested After Remand Prisoner’s Death
  • कनॉट प्लेस हिंसा मामले में जांच तेज, घायल पुलिसकर्मियों ने दर्ज कराए बयान

Most Viewed

  • ₹10,000 की साइबर ठगी की जांच से खुला ₹70 करोड़ का अंतरराष्ट्रीय म्यूल अकाउंट सिंडिकेट, दिल्ली पुलिस ने बैंक मैनेजर समेत 10 लोगों पर की बड़ी कार्रवाई
  • दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: आनंद पर्वत थाना पुलिस ने दो लुटेरों को दबोचा, महिला आरोपी निकली छह मामलों में शामिल
  • Nagarcoil Sub-Jail Custodial Death: Chief Warden Among 3 Jail Staff Arrested After Remand Prisoner’s Death

© 2025-26 Crime in Delhi – Designed by Website Designing Company CrimeinDelhi.

No Result
View All Result
  • Contact us
  • Disclaimer
  • Home
  • Privacy Policy

© 2025-26 Crime in Delhi – Designed by Website Designing Company CrimeinDelhi.