भारत के राजस्व खुफिया निदेशालय (Directorate of Revenue Intelligence — DRI) ने कथित अंतरराष्ट्रीय आयात अनियमितता के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। DRI की प्रारंभिक जांच के अनुसार, पाकिस्तान-मूल के औद्योगिक एवं हिमालयन रॉक सॉल्ट को श्रीलंका के रास्ते भारत लाकर उसके मूल देश की पहचान छिपाने का प्रयास किया गया। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और संबंधित परिसरों की तलाशी दिल्ली सहित कई शहरों में ली गई।
भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) द्वारा 14 अक्टूबर 2026 को जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस कार्रवाई को Operation Deep Manifest नाम दिया गया था।
7,311 मीट्रिक टन रॉक सॉल्ट से जुड़ा मामला
DRI के अनुसार, जांच में 295 कंटेनरों में लाए गए कुल 7,311 मीट्रिक टन पाकिस्तान-मूल के औद्योगिक एवं हिमालयन रॉक सॉल्ट का पता चला। इसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग ₹30 करोड़ बताई गई है।
हालांकि, यह समझना महत्वपूर्ण है कि 7,311 मीट्रिक टन पूरी खेप की वह मात्रा है जिसका आयात जांच में सामने आया; पूरी मात्रा जब्त किए जाने की सूचना नहीं है।
आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार:
- 295 कंटेनर: कथित अनियमित आयात से संबंधित।
- कुल मात्रा: 7,311 मीट्रिक टन।
- अनुमानित बाजार मूल्य: लगभग ₹30 करोड़।
- गिरफ्तार व्यक्ति: चार।
- जब्त रॉक सॉल्ट: पांच कंटेनरों में 140 मीट्रिक टन, जिसकी कीमत ₹24.41 लाख बताई गई।
- जब्त बिक्री राशि: आयातकों के बैंक खातों में मौजूद ₹20.96 लाख।
- जांच में शामिल स्थान: गांधीनगर क्षेत्र के गांधिधाम, आदिपुर और वेरावल के अलावा पानीपत, पुणे, पटियाला, दिल्ली और मुंबई।
DRI के अनुसार, नौ आयातकों ने मार्च 2026 से मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों के माध्यम से इन 295 कंटेनरों का आयात किया था।
श्रीलंका के रास्ते कैसे छिपाया गया कथित मूल देश?
DRI की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि संबंधित खेप पाकिस्तान से श्रीलंका के कोलंबो बंदरगाह होते हुए भारत लाई गई थी। जांच एजेंसी के अनुसार, दस्तावेजों में सामान का मूल देश छिपाने के लिए कथित रूप से फर्जी Certificate of Origin और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) स्थित संस्थाओं द्वारा जारी इनवॉइस का इस्तेमाल किया गया।
प्रेस रिलीज के अनुसार, पाकिस्तान से श्रीलंका तक की खेप से संबंधित Bills of Lading और श्रीलंका के सीमा शुल्क विभाग में दाखिल घोषणाओं में पाकिस्तान को मूल देश तथा भारत को अंतिम गंतव्य बताया गया था। इसके विपरीत, आयात के समय प्रस्तुत कुछ Certificates of Origin को DRI ने फर्जी पाया।
जांच एजेंसी ने पाकिस्तानी, UAE, श्रीलंकाई और भारतीय नागरिकों से जुड़ी संस्थाओं के एक कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की भी पहचान की है। इस नेटवर्क की भूमिका और प्रत्येक आरोपी की जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के अधीन होगा।
चार लोगों की गिरफ्तारी
PIB की आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, चार लोगों को Customs Act, 1962 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया। इनमें आयात करने वाली फर्मों के दो मालिक या साझेदार, एक Customs Broker का G-card धारक और दुबई स्थित एक सप्लायर का मालिक शामिल बताया गया है।
DRI के अनुसार, दुबई स्थित सप्लायर ने अपने पिता के नाम पर एक आयात फर्म भी स्थापित की और संचालित की थी।
यह मामला इस बात को रेखांकित करता है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में दस्तावेजों, माल की वास्तविक उत्पत्ति, भुगतान और परिवहन मार्ग की जांच आर्थिक अपराधों की पड़ताल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
पाकिस्तान-मूल के सामान के आयात पर क्या प्रतिबंध है?
PIB की प्रेस रिलीज के अनुसार, भारत सरकार ने 2 मई 2025 को DGFT Notification No. 06/2025-26 के माध्यम से पाकिस्तान में उत्पन्न या पाकिस्तान से निर्यात किए गए सभी सामान के प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष आयात और ट्रांजिट पर प्रतिबंध लगाया था।
DRI की इस कार्रवाई का संबंध इसी प्रतिबंध के कथित उल्लंघन से है। जांच एजेंसी का आरोप है कि तीसरे देश के माध्यम से खेप भेजकर और दस्तावेजों में कथित हेरफेर करके प्रतिबंध से बचने का प्रयास किया गया।
इस मामले में संबंधित अधिसूचना, आयात दस्तावेजों और Customs Act के लागू प्रावधानों को साथ पढ़ना आवश्यक है। किसी विशेष व्यक्ति पर अंतिम कानूनी जिम्मेदारी का निर्धारण अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और लागू कानून के अनुसार होगा।
दिल्ली के लिए यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है?
भले ही रॉक सॉल्ट की बताई गई जब्ती कांडला बंदरगाह पर हुई, लेकिन DRI की आधिकारिक जानकारी के अनुसार दिल्ली में भी संबंधित परिसरों की तलाशी ली गई। इसलिए यह मामला दिल्ली के पाठकों के लिए अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अपराध की जांच का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
यह खबर तीन प्रमुख पहलुओं को सामने लाती है:
- दस्तावेजों के माध्यम से कथित धोखाधड़ी: मूल देश छिपाने के लिए फर्जी व्यापारिक दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप।
- अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला: एक देश से दूसरे देश के रास्ते सामान भेजे जाने की प्रक्रिया की जांच।
- वित्तीय जांच और जब्ती: कथित अवैध आयात से संबंधित बिक्री राशि और माल की जब्ती।
Operation Deep Manifest की इस कार्रवाई में DRI ने पाकिस्तान-मूल के रॉक सॉल्ट के कथित अवैध आयात से जुड़े 295 कंटेनरों और 7,311 मीट्रिक टन माल का पता लगाया है। एजेंसी के अनुसार, इस मामले में चार गिरफ्तारियां हुई हैं और दिल्ली सहित कई शहरों में तलाशी ली गई।
यह मामला अंतरराष्ट्रीय व्यापार, मूल देश के प्रमाणपत्रों, सीमा शुल्क अनुपालन और कथित आर्थिक अपराधों की जांच के महत्व को उजागर करता है। हालांकि, जांच एजेंसी के आरोपों और अदालत द्वारा सिद्ध तथ्यों के बीच अंतर बनाए रखना आवश्यक है।
Source: Press Information Bureau (PIB), Ministry of Finance — Directorate of Revenue Intelligence.
CrimeInDelhi Legal Awareness: अंतरराष्ट्रीय व्यापार में गलत घोषणा या फर्जी दस्तावेजों के आरोप गंभीर कानूनी परिणाम पैदा कर सकते हैं। किसी भी मामले में लागू कानून, वास्तविक दस्तावेजों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही कानूनी जिम्मेदारी तय होती है।





