दिल्ली पुलिस की IFSO (Intelligence Fusion and Strategic Operations) टीम ने कथित Digital Arrest Fraud के एक मामले में समय रहते हस्तक्षेप कर एक वरिष्ठ नागरिक को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई।
दिल्ली पुलिस की आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, IFSO की Proactive Victim Identification and Protection Team ने एक distressed senior citizen के मामले में preventive action लिया और उन्हें तत्काल support प्रदान किया।
क्या है Digital Arrest Fraud?
Digital arrest fraud में साइबर अपराधी खुद को पुलिस, CBI, ED, RBI या किसी अन्य सरकारी अथॉरिटी का अधिकारी बताकर व्यक्ति को डराने की कोशिश करते हैं।
कई मामलों में पीड़ित को बताया जाता है कि उसके नाम से कोई अपराध हुआ है या उसके documents अथवा bank account का गलत इस्तेमाल हुआ है। इसके बाद आरोपी video call पर रहने, personal information देने या पैसे transfer करने का दबाव बना सकते हैं।
Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने भी इस तरह के मामलों को लेकर advisory जारी की है। Advisory के अनुसार, अपराधी law-enforcement agencies के अधिकारी बनकर intimidation, blackmail और extortion कर सकते हैं तथा video call के जरिए व्यक्ति को लगातार अपने संपर्क में रखने की कोशिश कर सकते हैं।
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‘Digital Arrest’ कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं
इस तरह के मामलों में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Indian law में “Digital Arrest” नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है।
Central Bureau of Investigation (CBI) ने मई 2026 में भी नागरिकों को इस scam से सावधान करते हुए स्पष्ट किया था कि “Digital Arrest” का भारतीय कानून में कोई legal existence नहीं है। CBI ने genuine notices की verification के लिए अपना ABHAY notice-verification system भी शुरू किया है।
अगर ऐसा फोन आए तो क्या करें?
अगर कोई व्यक्ति फोन या video call पर खुद को police या किसी central agency का अधिकारी बताकर आपको डराता है, तो:
- घबराकर पैसे transfer न करें।
- OTP, PIN, password या banking details साझा न करें।
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर screen-sharing या remote-access application install न करें।
- caller द्वारा भेजे गए documents या numbers पर भरोसा करने के बजाय संबंधित agency के official channel से independently verification करें।
- अगर financial cyber fraud हो चुका है, तो तुरंत 1930 पर report करें।
- Cybercrime complaint National Cyber Crime Reporting Portal पर भी दर्ज की जा सकती है। I4C के अनुसार cyber-fraud के लिए 1930 helpline 24×7 उपलब्ध है।
CrimeInDelhi Legal Awareness
Police या किसी investigating agency के नाम पर आया डरावना फोन अपने-आप में official notice नहीं होता।
किसी व्यक्ति को video call पर रखकर “digital arrest” करने की बात कही जाए, तो इसे गंभीर warning sign मानें। सबसे पहले बातचीत रोकें, स्वतंत्र रूप से verification करें और जरूरत पड़ने पर cybercrime authorities को report करें।
Delhi Police की यह कार्रवाई यह भी दिखाती है कि cyber-fraud prevention में early intervention और victim support महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
स्रोत: Delhi Police, IFSO
प्रेस रिलीज: 21 सितंबर 2026
श्रेणी: Cyber Crime / Cheating / Digital Arrest Fraud





