New Delhi–Bengaluru और Hazrat Nizamuddin–Pune train routes पर DRI की कार्रवाई; 15 दिन में करीब 150 किलो Amphetamine-Type Stimulant drugs intercept करने का दावा
नई दिल्ली: देश में synthetic drugs की तस्करी के खिलाफ Directorate of Revenue Intelligence (DRI) की कार्रवाई तेज होती दिख रही है। DRI ने 25 अगस्त 2026 को दो अलग-अलग intelligence-led operations में 18 किलो से अधिक Amphetamine और MDMA जब्त किया और चार लोगों को गिरफ्तार किया।
इन दोनों कार्रवाइयों में दिल्ली का भी सीधा transit connection सामने आया है। एक मामले में संदिग्ध महिला New Delhi से Bengaluru जाने वाली train से यात्रा कर रही थी, जबकि दूसरे मामले में महिला यात्री Hazrat Nizamuddin Railway Station, Delhi से Pune जाने वाली train में सवार हुई थी।
हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि बरामद drugs दिल्ली में ही तैयार या यहीं से source हुई थीं। फिलहाल official release केवल इन यात्राओं और seizures की जानकारी देती है।
New Delhi से Bengaluru जा रही train में 14.9 किलो Amphetamine
DRI के अनुसार, 25 अगस्त 2026 को officers ने KSR Bengaluru Railway Station पर एक भारतीय महिला यात्री को intercept किया।
वह New Delhi से Bengaluru train से पहुंची थी और उसके baggage पर संदेह के आधार पर जांच की गई।
जांच के दौरान baggage से सात packets मिले, जिनमें crystalline substance था। इसका कुल वजन लगभग 14.9 किलो था।
DRI के field drug detection kit से preliminary testing में substance के Amphetamine होने के संकेत मिले। इसके बाद substance, packaging और concealment material को NDPS Act, 1985 के तहत seize किया गया।
इसके बाद DRI ने उस व्यक्ति को भी intercept किया जो कथित तौर पर baggage receive करने के लिए designated delivery location पर पहुंचा था।
जांच आगे बढ़ने पर एक अन्य व्यक्ति को भी intercept किया गया, जो कथित तौर पर contraband receive करने आया था।
इस मामले में transportation और attempted receipt से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।
Hazrat Nizamuddin से Pune जा रही train में Amphetamine और MDMA
दूसरा मामला अलग operation का है।
DRI ने 25 अगस्त 2026 को Pune Junction पर एक अन्य भारतीय महिला यात्री को intercept किया।
वह Hazrat Nizamuddin Railway Station, Delhi से Pune जाने वाली train से यात्रा कर रही थी।
DRI के अनुसार, उसके सामान की जांच में लगभग:
- 2.53 किलो Amphetamine
- 878 ग्राम MDMA tablets
बरामद किए गए।
दोनों seizures को मिलाकर कुल मात्रा 18 किलो से अधिक रही। इस दूसरे मामले में भी कार्रवाई NDPS Act, 1985 के तहत की गई।
15 दिनों में करीब 150 किलो ATS drugs
इस पूरी कार्रवाई का सबसे बड़ा आंकड़ा शायद यही है।
DRI के अनुसार, उसने एक fortnight में पांच अलग-अलग operations के दौरान लगभग 150 किलो Amphetamine-Type Stimulant (ATS) drugs intercept किए हैं।
यह आंकड़ा केवल इन दो railway seizures का नहीं है, बल्कि DRI द्वारा बताए गए पांच operations का cumulative figure है। इसलिए इसे article में उसी qualification के साथ रखना जरूरी है।
यह दिखाता है कि enforcement agencies synthetic drugs की trafficking को लेकर विशेष निगरानी कर रही हैं।
Amphetamine और MDMA क्या हैं?
Amphetamine और MDMA दोनों psychotropic substances की category में आते हैं और NDPS Act के regulatory framework के अंतर्गत आते हैं।
भारत में इनके possession, transportation, sale, purchase और trafficking से जुड़े offences परिस्थितियों और quantity के आधार पर गंभीर criminal consequences पैदा कर सकते हैं।
Official quantity notification के अनुसार:
- Amphetamine की commercial quantity — 50 ग्राम
- MDMA की commercial quantity — 10 ग्राम
इसलिए DRI द्वारा बताई गई 14.9 किलो Amphetamine, 2.53 किलो Amphetamine और 878 ग्राम MDMA की मात्राएँ अपने-अपने commercial-quantity thresholds से बहुत अधिक हैं।
यह distinction इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि NDPS Act में punishment quantity के आधार पर काफी अलग हो सकती है।
NDPS Act में commercial quantity होने पर क्या फर्क पड़ता है?
NDPS Act की Section 22 psychotropic substances से संबंधित offences के लिए punishment का framework देती है।
जहाँ offence में commercial quantity शामिल हो, वहाँ Section 22(c) के तहत 10 से 20 वर्ष तक rigorous imprisonment और ₹1 लाख से ₹2 लाख तक fine का प्रावधान है। Court reasons record करके ₹2 लाख से अधिक fine भी impose कर सकता है। इसलिए synthetic-drug trafficking के मामलों में quantity केवल एक statistical figure नहीं होती।
Quantity सीधे legal consequences को प्रभावित कर सकती है।
हालांकि, किसी specific accused पर कौन-सी provision लागू होगी और conviction होगी या नहीं, यह investigation, evidence और trial में established facts पर निर्भर करेगा।
Delhi के लिए यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है?
इस कार्रवाई में Delhi का नाम केवल incidental रूप से नहीं आया। दोनों मामलों में railway movement का Delhi connection है:
New Delhi → Bengaluru और Hazrat Nizamuddin → Pune
लेकिन यहाँ एक जरूरी सावधानी है। इन routes से drug seizure होने का अर्थ यह नहीं है कि Delhi drug का source था या Delhi में कोई particular trafficking network चल रहा था।
Official DRI release ऐसा कोई निष्कर्ष नहीं देती।
फिलहाल इतना verified है कि Delhi से शुरू हुई या Delhi से गुजरने वाली इन railway journeys के दौरान suspects को drugs के साथ intercept किया गया।
यही distinction CrimeInDelhi के लिए महत्वपूर्ण है—crime reporting में fact और inference को अलग रखना।
Synthetic drugs पर बढ़ती enforcement
यह कार्रवाई अकेली नहीं है। पिछले कुछ सप्ताह में DRI ने synthetic drugs के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाइयों की जानकारी दी है।
19 August 2026 को DRI ने एक export consignment से लगभग 56 किलो Methamphetamine बरामद करने की जानकारी दी थी। DRI के अनुसार यह substance maize की खेप में conceal किया गया था और उसे Saudi Arabia भेजे जाने का प्रयास किया जा रहा था।
इससे यह साफ होता है कि enforcement agencies केवल traditional narcotics ही नहीं, बल्कि synthetic and psychotropic substances की trafficking पर भी विशेष ध्यान दे रही हैं।
एक और जरूरी बात: हर drug seizure का मतलब conviction नहीं
Crime reporting में यह distinction बहुत जरूरी है। किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी या उसके पास से किसी substance की कथित बरामदगी conviction के बराबर नहीं होती।
इस मामले में DRI ने arrests और seizures की जानकारी दी है। आगे investigation में prosecution को relevant facts और evidence establish करने होंगे और अंततः guilt का determination competent court करेगा।
इसलिए किसी arrested व्यक्ति को article में “drug trafficker” या “अपराधी” कहना, conviction से पहले, legally उचित नहीं होगा। “आरोपी”, “गिरफ्तार व्यक्ति” या “DRI के अनुसार” जैसे शब्द ज्यादा सही हैं।
CrimeInDelhi की नजर से
इस पूरे मामले की सबसे बड़ी कहानी सिर्फ 18 किलो से अधिक drugs की बरामदगी नहीं है। यह कहानी तीन महत्वपूर्ण सवाल उठाती है— क्या synthetic drugs की trafficking के लिए railway networks का इस्तेमाल बढ़ रहा है?
क्या दिल्ली देश के अलग-अलग हिस्सों के बीच drug movement में एक महत्वपूर्ण transit point बन रही है?
और सबसे महत्वपूर्ण— क्या traditional narcotics के मुकाबले synthetic drugs की changing nature law-enforcement के लिए नई चुनौती पैदा कर रही है?
इन सवालों के जवाब इस particular case की investigation से आगे निकलकर broader drug-enforcement picture से मिलेंगे।
फिलहाल official record इतना जरूर दिखाता है कि DRI ने 25 अगस्त की दो कार्रवाइयों में 18 किलो से अधिक Amphetamine और MDMA जब्त किया, चार लोगों को गिरफ्तार किया और पिछले एक fortnight में लगभग 150 किलो ATS drugs intercept करने की जानकारी दी है।
Delhi से Bengaluru और Hazrat Nizamuddin से Pune जाने वाली trains से जुड़े इन दो cases ने एक बार फिर synthetic-drug trafficking पर ध्यान खींचा है। लेकिन इस story का सबसे महत्वपूर्ण lesson यही है—
Drug trafficking के खिलाफ कार्रवाई केवल seizure तक सीमित नहीं होती। असली सवाल यह है कि drugs कहाँ से आए, किस network ने उन्हें move किया, किसे deliver किया जाना था और उस पूरे chain में कौन-कौन शामिल था।
अब DRI की investigation में इन सवालों के जवाब सामने आना बाकी है।
Official Source
Official PIB release — DRI synthetic-drug seizure, 29 August 2026
Legal reference: Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act, 1985; relevant quantity notification and Section 22.





