नई दिल्ली, 15 जुलाई 2026।राजधानी के सबसे व्यस्त और प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में शुमार करोल बाग में सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती देने और पुलिस सेवाओं को आम जनता के और करीब लाने के उद्देश्य से सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने दो अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड पुलिस फैसिलिटेशन बूथों की शुरुआत की है। मंगलवार, 14 जुलाई को विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था), जोन-1, देवेश चंद्र श्रीवास्तव,ने कालका दास पुलिस बूथ और अर्पित गोल चक्कर पुलिस बूथ का विधिवत उद्घाटन किया। यह पहल तकनीक आधारित, जन-केंद्रित और सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इन दोनों पुलिस बूथों को करोल बाग के ऐसे स्थानों पर स्थापित किया गया है, जहां प्रतिदिन हजारों लोग खरीदारी, व्यापार और आवागमन के लिए पहुंचते हैं। कालका दास पुलिस बूथ थाना करोल बाग, थाना डीबीजी रोड और थाना पहाड़गंज की सीमाओं के महत्वपूर्ण जंक्शन पर बनाया गया है, जबकि अर्पित गोल चक्कर पुलिस बूथ भी एक व्यस्त और संवेदनशील स्थान पर स्थापित किया गया है। इन बूथों के माध्यम से स्थानीय निवासियों, व्यापारियों, पर्यटकों और बाजार में आने वाले लोगों को तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इन इंटीग्रेटेड फैसिलिटेशन बूथों को केवल पुलिस चौकी के रूप में नहीं बल्कि जन सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। यहां आने वाला कोई भी नागरिक अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगा, एफआईआर दर्ज कराने में सहायता प्राप्त करेगा, साइबर अपराध से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकेगा तथा विभिन्न पुलिस सेवाओं और कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी भी प्राप्त कर सकेगा।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों बूथ सामान्य रूप से सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होंगे, जबकि आवश्यकता पड़ने पर रात्रि के समय भी पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी समय नागरिकों को सहायता मिल सके।
दोनों पुलिस बूथों को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया गया है। इनमें एलईडी डिस्प्ले स्क्रीन, हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, कंप्यूटर और हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।
एलईडी स्क्रीन पर समय-समय पर ट्रैफिक एडवाइजरी, आपातकालीन अलर्ट, साइबर अपराध से बचाव, महिलाओं की सुरक्षा, वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा तथा अपराध रोकथाम से संबंधित जागरूकता संदेश प्रसारित किए जाएंगे। वहीं सीसीटीवी कैमरे बाजार क्षेत्र की चौबीसों घंटे निगरानी करेंगे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने में पुलिस की सहायता करेंगे।

सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस के अनुसार इन बूथों की स्थापना केवल नागरिक सुविधाओं तक सीमित नहीं है बल्कि यह आतंकवाद विरोधी सुरक्षा व्यवस्था, भीड़भाड़ वाले बाजारों की निगरानी और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया को भी मजबूत करेगी।
उद्घाटन समारोह के दौरान संयुक्त पुलिस आयुक्त (सेंट्रल रेंज) मधुर वर्मा, आईपीएस ने इन बूथों के साथ एक पीसीआर वाहन तैनात करने का प्रस्ताव रखा। इस पर विशेष पुलिस आयुक्त देवेश श्रीवास्तव ने सहमति व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि दोनों बूथों के साथ पीसीआर वाहन भी तैनात किया जाएगा ताकि किसी भी घटना पर तुरंत पुलिस मौके पर पहुंच सके।
नई व्यवस्था में महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। बाजार में आने वाली महिलाओं या जरूरतमंद नागरिकों को अब दूर पुलिस थाने जाने की आवश्यकता नहीं होगी। किसी भी परेशानी की स्थिति में वे सीधे इन पुलिस बूथों से सहायता प्राप्त कर सकेंगे।पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इससे नागरिकों का पुलिस पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा अपराधियों में कानून का भय भी बढ़ेगा।
उद्घाटन समारोह के दौरान विशेष पुलिस आयुक्त ने मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन (MWA),रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों के साथ संवाद किया। उन्होंने सभी से अपील की कि वे बाजारों को सुरक्षित और अपराध मुक्त बनाने में पुलिस का सक्रिय सहयोग करें।
उन्होंने दुकानदारों और बाजार संघों से अपने प्रतिष्ठानों पर PTZ कैमरे, फिक्स्ड सीसीटीवी कैमरे और ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे लगाने का आग्रह किया। उनका कहना था कि आधुनिक कैमरों के माध्यम से अपराधियों की पहचान तेजी से हो सकेगी और चोरी, झपटमारी, वाहन चोरी तथा अन्य सड़क अपराधों की रोकथाम में पुलिस को बड़ी सहायता मिलेगी।
इसके अलावा उन्होंने अतिक्रमण हटाने, अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने तथा करोल बाग बाजार में नकली और डुप्लीकेट सामान की बिक्री रोकने के लिए भी व्यापारियों से सहयोग मांगा।
कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधिकारियों, बाजार संघों, आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसके बाद हाई-टी का आयोजन हुआ। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली पुलिस की यह पहल केवल पुलिसिंग को आधुनिक बनाने का प्रयास नहीं है, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास, सहभागिता और संवाद को मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस का मानना है कि करोल बाग जैसे व्यस्त बाजार क्षेत्र में स्थापित ये दोनों हाईटेक पुलिस बूथ भविष्य में स्मार्ट, तकनीक आधारित और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग का मॉडल बनेंगे तथा कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।






