नई दिल्ली,सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की थाना हौज काजी पुलिस ने तकनीक आधारित जांच, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से चोरी की एक बड़ी वारदात का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया।डीसीपी सेंट्रल डिस्ट्रिक रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने एक कुख्यात और आदतन सेंधमार को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की गई बड़ी रकम, चांदी एवं कृत्रिम आभूषण तथा वारदात में इस्तेमाल किए गए औजार बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं।
पुलिस के अनुसार 30 मई 2026 को थाना हौज काजी में एक एसी मैकेनिक ने शिकायत दर्ज कराई कि वह 29 मई की शाम करीब चार बजे अपनी पत्नी के साथ घर में ताला लगाकर बाहर गया था। जब दोनों देर रात करीब 12:45 बजे वापस लौटे तो घर के मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ मिला। घर के भीतर प्रवेश करने पर उन्होंने देखा कि अलमारी का लॉक भी तोड़ दिया गया था और उसमें रखी लगभग 3.75 लाख रुपये की नकदी के साथ सोने, चांदी और कृत्रिम आभूषण चोरी हो चुके थे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना हौज काजी में ई-एफआईआर संख्या 80044374/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले को चुनौतीपूर्ण मानते हुए पुलिस अधिकारियों ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया, जिसमें एएसआई पंकज यादव, हेड कांस्टेबल भागीरथ, हेड कांस्टेबल रवि, कांस्टेबल गणेश, कांस्टेबल सोनू और महिला कांस्टेबल पूनम को शामिल किया गया। टीम ने एसएचओ इंस्पेक्टर अमरेंद्र कुमार सुमन और इंस्पेक्टर (इन्वेस्टिगेशन) सुशील कुमार तिवारी के नेतृत्व में तथा एसीपी कमला मार्केट राजीव भारद्वाज की निगरानी में जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला। संदिग्ध की गतिविधियों को एक कैमरे से दूसरे कैमरे तक ट्रैक करते हुए उसकी मूवमेंट का पूरा रूट तैयार किया गया। इसके साथ-साथ स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय किया गया और तकनीकी निगरानी के जरिए संदिग्ध की पहचान करने का प्रयास शुरू किया गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। लगातार की गई कार्रवाई और समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप पुलिस ने वारदात के मात्र 24 घंटे के भीतर आरोपी को चांदनी महल इलाके से दबोच लिया। इस त्वरित कार्रवाई को सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 38 वर्षीय अरशद अली निवासी चांदनी महल, दिल्ली के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने चोरी की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। उसने पुलिस को बताया कि वह स्कूल छोड़ चुका है और वर्तमान में बेरोजगार है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वह एक आदतन अपराधी है और पहले भी कई चोरी और सेंधमारी के मामलों में शामिल रह चुका है।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके कब्जे से 1 लाख 80 हजार रुपये नकद, चोरी की गई चांदी की ज्वेलरी, कृत्रिम आभूषण, वारदात के समय पहने गए कपड़े और ताले तोड़ने के लिए इस्तेमाल किए गए औजार बरामद किए हैं। बरामदगी के बाद पुलिस अब चोरी गए शेष सामान को तलाशने में जुटी हुई है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी के खिलाफ पहले से थाना हौज काजी, थाना चांदनी महल और थाना जामा मस्जिद में चोरी, सेंधमारी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े पांच मामले दर्ज हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं आरोपी हाल के दिनों में हुई अन्य चोरी और सेंधमारी की घटनाओं में भी शामिल तो नहीं रहा।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले की आगे की जांच जारी है और चोरी गई शेष संपत्ति की बरामदगी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार तकनीक आधारित जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और स्थानीय खुफिया तंत्र के समन्वय से अपराधियों को जल्द कानून के शिकंजे में लाना संभव हो रहा है। इस मामले में भी हाईटेक जांच और तेज कार्रवाई की बदौलत पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बड़ी सफलता हासिल की है।
यह मामला दिल्ली पुलिस की तकनीक आधारित जांच और त्वरित कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है, जिसमें वारदात के एक दिन के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी बरामदगी की गई।





