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ऑपरेशन “गैंग बस्ट” : दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई में दो कुख्यात शूटर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

करोल बाग फायरिंग केस के आरोपी साहिल उर्फ बाउंसर और अविनाश दबोचे गए, पुलिस टीम पर की थी ताबड़तोड़ फायरिंग

Shahzad Ahmed by Shahzad Ahmed
May 10, 2026
in Crime News, News
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नई दिल्ली,राजधानी दिल्ली में गैंगस्टरों, शार्प शूटरों और संगठित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन गैंग बस्ट”के तहत सेंट्रल रेंज पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। डीसीपी सेंट्रल डिस्ट्रिक रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की स्पेशल स्टाफ टीम ने करोल बाग फायरिंग केस में वांछित दो कुख्यात शूटरों — दीपांशु उर्फ साहिल उर्फ बाउंसर और अविनाश — को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई 9 मई 2026 की रात कमला मार्केट इलाके में की गई, जहां आरोपियों ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग कर दी थी।

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दिल्ली पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे और करोल बाग इलाके में हुई फायरिंग की वारदात में सक्रिय रूप से शामिल थे। पुलिस का दावा है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो दोनों आरोपी प्रतिद्वंदी गैंग के सदस्य की हत्या जैसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते थे।

सेंट्रल और नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट में अपराधियों, गैंगस्टरों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ दिल्ली पुलिस का “ऑपरेशन गैंग बस्ट” लगातार जारी है। इसी अभियान के दौरान पहले भी कई अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हाल ही में थाना सदर बाजार के घोषित बदमाश विकास उर्फ कालिया को भी डीबीजी रोड इलाके में हुई सशस्त्र लूट के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि विकास उर्फ कालिया ने करोल बाग फायरिंग केस में शामिल अपराधियों को समर्थन और पनाह दी थी।

इस मामले में पुलिस पहले ही पंकज उर्फ मोहित, अजय उर्फ गूंगा, मोंटू और आकाश को गिरफ्तार कर चुकी थी, लेकिन साहिल उर्फ बाउंसर और अविनाश लगातार पुलिस से बच रहे थे। दोनों अपराधी सेंट्रल और नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के कई मामलों में सक्रिय बताए जा रहे थे।

स्पेशल स्टाफ, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट को 9 मई की शाम करीब 8:50 बजे एक महत्वपूर्ण गुप्त सूचना प्राप्त हुई। सूचना में बताया गया कि करोल बाग फायरिंग केस के वांछित आरोपी साहिल उर्फ बाउंसर और अविनाश गांधी मार्केट गोल चक्कर से सिविक सेंटर की तरफ आने वाले हैं। दोनों आरोपी एक भूरे रंग की एक्टिवा स्कूटी पर सवार होंगे और प्रतिद्वंदी रोहित उर्फ मोटा गैंग के एक शूटर को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं।

सूचना में यह भी बताया गया कि दोनों के पास अवैध हथियार हैं और यदि समय रहते कार्रवाई की जाए तो किसी बड़ी वारदात को रोका जा सकता है।

सूचना मिलते ही सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ के प्रभारी इंस्पेक्टर रोहित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में एसआई ओमबीर सिंह त्यागी, एसआई रोहित रावल, एसआई दीपक, एएसआई प्रताप, एएसआई प्रमोद, एएसआई यजुर्वेंद्र, हेड कांस्टेबल मुनेश शर्मा, प्रवीण, मनीष, अमित तथा कांस्टेबल तरुण और अनिल शामिल थे। पूरी कार्रवाई एसीपी ऑपरेशन पदम सिंह राणा की निगरानी में संचालित की गई।पुलिस टीम निजी वाहनों में सादे कपड़ों में आवश्यक हथियार और उपकरण लेकर तुरंत कमला मार्केट स्थित प्रतिभा विद्यालय, तुर्कमान रोड नंबर-1 और जाकिर हुसैन कॉलेज के पास पहुंची। वहां आरोपियों को पकड़ने के लिए रणनीतिक तरीके से घेराबंदी की गई।

रात करीब 10:20 बजे दोनों आरोपी गांधी मार्केट की ओर से स्कूटी पर आते दिखाई दिए। मुखबिर ने उनकी पहचान की पुष्टि की, जिसके बाद पुलिस टीम ने उन्हें घेरने का प्रयास किया।

खुद को चारों तरफ से घिरा देख दोनों आरोपी स्कूटी और एक पेड़ की आड़ लेकर पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग करने लगे। आरोपियों ने लगातार चार राउंड फायर किए। इस दौरान एक गोली इंस्पेक्टर रोहित कुमार की बुलेटप्रूफ जैकेट पर सामने की तरफ लगी। हालांकि जैकेट होने की वजह से वह बाल-बाल बच गए।

स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी थी, लेकिन पुलिस टीम ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए जवाबी कार्रवाई की। इंस्पेक्टर रोहित कुमार और हेड कांस्टेबल मुनेश शर्मा समेत टीम के अन्य सदस्यों ने आत्मरक्षा में फायरिंग की। पुलिस द्वारा चलाई गई गोली दोनों आरोपियों के पैरों में लगी, जिसके बाद उन्हें मौके पर ही दबोच लिया गया।

मुठभेड़ में घायल हुए दोनों आरोपियों की पहचान— 1. दीपांशु उर्फ साहिल उर्फ बाउंसर (28 वर्ष) निवासी: फैज रोड, अशोका पहाड़ी, करोल बाग, दिल्ली
2. अविनाश (24 वर्ष) निवासी: तिब्बिया कॉलेज क्षेत्र, करोल बाग, दिल्ली

के रूप में हुई। साहिल के दाहिने पैर और अविनाश के बाएं पैर में गोली लगी। दोनों को तुरंत पुलिस सुरक्षा में एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

घटनास्थल से पुलिस ने एक पिस्टल, एक देसी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस, दस खाली खोखे और एक भूरे रंग की एक्टिवा स्कूटी बरामद की। जांच में पता चला कि स्कूटी नंबर DL3SDJ3095 मालवीय नगर इलाके से चोरी हुई थी और इस संबंध में ई-एफआईआर पहले से दर्ज थी।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दीपांशु उर्फ साहिल ने दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी, लेकिन बाद में गलत संगत और नशे की लत के कारण अपराध की दुनिया में उतर गया। शराब और ड्रग्स की बढ़ती लत ने उसे लूट, फायरिंग और अन्य गंभीर अपराधों की ओर धकेल दिया। वह पहले भी कई मामलों में जेल जा चुका है।

वहीं अविनाश ने ग्रेजुएशन तक पढ़ाई की थी, लेकिन गलत संगत और नशे की वजह से अपराध में शामिल हो गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह पहले भी लूट के एक मामले में जेल जा चुका है।

दीपांशु उर्फ साहिल उर्फ बाउंसर के खिलाफ दर्ज मामले:थाना सराय रोहिल्ला में लूट और फायरिंग से जुड़े मामले, थाना आनंद पर्वत में मारपीट और धमकी का मामला,करोल बाग फायरिंग केस दर्ज है।

अविनाश के खिलाफ दर्ज मामले:थाना सराय रोहिल्ला में लूट का मामला,करोल बाग फायरिंग केस दर्ज है।

पूरी कार्रवाई के बाद थाना कमला मार्केट में आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, पुलिस पर हमला, अवैध हथियार रखने और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों आरोपी किन-किन गैंग्स से जुड़े थे और उनके अन्य साथी कहां छिपे हुए हैं।

दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में गैंगस्टरों और हथियारबंद अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

Tags: central districtdelhi police
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