नई दिल्ली:आगामी गणतंत्र दिवस समारोहों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने आज राजधानी भर में ‘आइज़ एंड ईयर्स’ (Eyes and Ears) योजना के तहत व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया। यह कार्यक्रम दिल्ली के सभी जिलों के पुलिस थानों के साथ-साथ मेट्रो और आईजीआई एयरपोर्ट (IGIA) यूनिट्स में आयोजित किया गया, जिसमें हजारों नागरिकों और हितधारकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन (MWA), होटल मालिक, सेकेंड-हैंड कार डीलर, फल-सब्ज़ी विक्रेता, सुरक्षा गार्ड,पोर्टर सहित विभिन्न वर्गों के लोग मौजूद रहे। अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षा व्यवस्था में भागीदार बनाना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि, व्यक्ति या वस्तु की सूचना तुरंत पुलिस तक पहुँचाने के लिए प्रेरित करना था।

इस अवसर पर एसीपी/एपीआरओ रंजनय अत्रिश्य और एसीपी/स्पेशल सेल कैलाश बिष्ट द्वारा एक संयुक्त जागरूकता सत्र आयोजित किया गया, जिसे दिल्ली पुलिस के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर लाइव प्रसारित किया गया। अधिकतम लोगों तक संदेश पहुँचाने के लिए सभी पुलिस थानों, मेट्रो और आईजीआई यूनिट्स में लाइव प्रसारण देखने की विशेष व्यवस्था की गई।
चर्चा के दौरान वक्ताओं ने ‘आइज़ एंड ईयर्स’ से जुड़े नागरिकों को सूचना की पहली कड़ी बताते हुए उनकी भूमिका की सराहना की। RWAs को सीसीटीवी लगाने, किरायेदार सत्यापन और फेरीवालों की निगरानी पर जोर दिया गया। वहीं MWAs को सीसीटीवी कवरेज बढ़ाने, फुटेज सुरक्षित रखने, पुलिस ब्रीफिंग में भाग लेने और जानकारी साझा करने की सलाह दी गई।

होटल मालिकों को अतिथियों की सख्त जांच और रिकॉर्ड संधारण के निर्देश दिए गए। **सिम कार्ड विक्रेताओं को दूरसंचार विभाग (DoT) के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया, जबकि सेकेंड-हैंड कार डीलरों को खरीदार सत्यापन और वाहन स्वामित्व के समय पर ट्रांसफर पर विशेष ध्यान देने की अपील की गई।
कार्यक्रम में पार्किंग अटेंडेंट्स और केमिकल विक्रेताओं की भूमिका पर भी खास जोर दिया गया। पार्किंग अटेंडेंट्स को हर समय सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए। केमिकल दुकानदारों को बड़ी मात्रा में रसायन बेचते समय खरीदार की वैधता और उपयोग के उद्देश्य की जांच करने की सलाह दी गई।

इस दौरान आपातकालीन हेल्पलाइन 112 और दिल्ली पुलिस ‘आइज़ एंड ईयर्स’ हेल्पलाइन 14547 की जानकारी भी साझा की गई। नागरिकों से संदिग्ध गतिविधियों, लावारिस वस्तुओं या किसी भी संदेहास्पद स्थिति की तुरंत सूचना देने की अपील की गई।
कार्यक्रम में शामिल लोगों को जागरूकता पर्चे वितरित किए गए, जबकि पोस्टर और स्टैंडी प्रमुख स्थानों पर लगाए गए। लाइव सत्र से पहले जागरूकता वीडियो भी दिखाए गए।
यह अभियान पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा के नेतृत्व में दिल्ली पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने और जनसहयोग से सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।







