नई दिल्ली डीसीपी आईएफएसओ IFSO विनीत कुमार ने बताया कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (IFSO यूनिट) ने हाल के वर्षों की सबसे बड़ी और गंभीर साइबर क्राइम कार्रवाई में एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह चीन, ताइवान, पाकिस्तान, नेपाल और कंबोडिया से संचालित हो रहा था और “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर आतंक व राष्ट्रीय सुरक्षा का डर दिखाकर देशभर के नागरिकों से करीब 100 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका था।
इस मामले में FIR No. 305/25 के तहत बीएनएस, आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
सितंबर 2025 से आरोपी खुद को एटीएस अधिकारी बताकर लोगों को कॉल कर रहे थे। पीड़ितों को पहलगाम आतंकी हमले और दिल्ली ब्लास्ट जैसे मामलों से जोड़ने की झूठी धमकी दी जाती थी और कहा जाता था कि उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जा रहा है। इसी मानसिक दबाव को “डिजिटल अरेस्ट” कहा गया, जिसके तहत पीड़ितों से तुरंत पैसे ट्रांसफर करवा लिए जाते थे।
जांच में सामने आया कि ठग गिरोह अवैध सिम्बोक्स सिस्टम का इस्तेमाल कर विदेश से आने वाली कॉल को भारतीय नंबर के रूप में दिखाता था।
कॉल को जानबूझकर 2G नेटवर्क पर रूट किया जाता था,IMEI नंबर बदलकर और घुमाकर जांच एजेंसियों को गुमराह किया जाता था,एक ही नंबर दिन में अलग-अलग शहरों से चलता दिखता था।
तकनीकी जांच और गुप्त निगरानी के बाद दिल्ली के गोयला डेयरी, कुतुब विहार, दीनपुर और शाहबाद डेयरी इलाकों में सिम्बोक्स सेटअप पकड़े गए।
पहली दो गिरफ्तारियां:
शशि प्रसाद (53) – सिम्बोक्स का फिजिकल कस्टोडियन
परविंदर सिंह (38)– ऑपरेशन और मेंटेनेंस हैंडलर
जांच में खुलासा हुआ कि सिम्बोक्स डिवाइस ताइवान के नागरिकों द्वारा सप्लाई और कॉन्फिगर की गई थीं।
21 दिसंबर 2025 को ताइवानी नागरिक I-Tsung Chen (30) को दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि वही इस नेटवर्क का तकनीकी मास्टरमाइंड था और भारत में अवैध सिम्बोक्स नेटवर्क फैला रहा था।
मोहाली (पंजाब):सरबदीप सिंह और जसप्रीत कौर गिरफ्तार, जो पहले कंबोडिया के स्कैम सेंटर्स में काम कर चुके थे
कोयंबटूर (तमिलनाडु):*क्रिप्टो करेंसी के जरिए पैसे घुमाने वाले दिनेश K की गिरफ्तारी
मुंबई (मालाड):सिम्बोक्स सेटअप के साथ अब्दुस सलाम गिरफ्तार
पूछताछ में सामने आया कि:कंबोडिया में भर्ती और ट्रेनिंग,चीन से सिम्बोक्स तकनीक
पाकिस्तान से फंडिंग और IMEI मैनेजमेंट
नेपाल से ऑपरेशन कंट्रोल,यह पूरा नेटवर्क भारत की टेलीकॉम और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुका था।
बड़ी बरामदगी 22 सिम्बोक्स
120 विदेशी सिम (चाइना मोबाइल)
20,000 से ज्यादा सिम /नंबर
5,000 से अधिक IMEI
लैपटॉप, मोबाइल, राउटर, CCTV, पासपोर्ट और कंबोडिया एम्प्लॉयमेंट कार्ड
I4C और नेशनल साइबर फॉरेंसिक लैब की मदद से पता चला कि देशभर की हजारों साइबर शिकायतें इसी एक नेटवर्क से जुड़ी थीं।
डीसीपी आईएफएसओ IFSO विनीत कुमार, के अनुसार, यह केस सिर्फ साइबर ठगी नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। विदेश में बैठे हैंडलर्स, मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला और क्रिप्टो चैनलों की जांच अभी जारी है।







