नई दिल्ली। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक और अहम कदम उठाते हुए स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर वीमेन एंड चिल्ड्रन (SPUWAC), दिल्ली पुलिस ने आज 10वें सेल्फ डिफेंस विंटर कैंप–2025 का औपचारिक उद्घाटन किया। यह उद्घाटन गवर्नमेंट को-एजुकेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-6, आर.के. पुरम, नई दिल्ली में किया गया। इसके साथ ही यह कैंप दिल्ली के तीन अन्य स्थानों पर भी एक साथ शुरू हुआ।

उद्घाटन समारोह में नबाम गुंगटे, आईपीएस, संयुक्त पुलिस आयुक्त, SPUWAC एवं SPUNER मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर अंजिता चेप्याला, आईपीएस, पुलिस उपायुक्त, SPUWAC एवं SPUNER तथा SPUWAC के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत गुब्बारे छोड़कर की गई, जो महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण, आत्मविश्वास और सुरक्षा के प्रति दिल्ली पुलिस की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

समारोह को संबोधित करते हुए नबाम गुंगटे, आईपीएस ने वर्तमान समय में आत्मरक्षा प्रशिक्षण के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस महिलाओं और लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर एवं संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रयासरत है। उन्होंने दोहराया कि SPUWAC प्रशिक्षण, जागरूकता अभियानों और सामुदायिक सहभागिता के जरिए महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी पहलों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि एक सुरक्षित और समावेशी समाज का निर्माण किया जा सके।
अपने संदेश में अंजिता चेप्याला, आईपीएस, डीसीपी, SPUWAC एवं SPUNER ने कहा कि यह विंटर कैंप केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि साहस, अनुशासन, सतर्कता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रभावी प्रतिक्रिया देने की क्षमता विकसित करने का एक मंच है। उन्होंने बताया कि संरचित आत्मरक्षा प्रशिक्षण और सुरक्षा जागरूकता के माध्यम से यह पहल महिलाओं और बालिकाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने का कार्य कर रही है।
उन्होंने SPUWAC की सेल्फ डिफेंस टीम, प्रशिक्षकों, समन्वयकों और सहयोगी संस्थानों के समर्पण की सराहना की, जिनके निरंतर प्रयासों से यह कार्यक्रम वर्षों से सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। साथ ही, उन्होंने सभी प्रतिभागियों से सक्रिय रूप से भाग लेने, ईमानदारी से सीखने और सुरक्षा व आत्मनिर्भरता का संदेश समाज में आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
10वां सेल्फ डिफेंस विंटर कैंप–2025 दिल्ली के चार अलग-अलग स्थानों पर एक साथ आयोजित किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं और बालिकाओं तक इसका लाभ पहुंच सके। इस कैंप में प्रतिभागियों को व्यावहारिक आत्मरक्षा तकनीकें, परिस्थितिजन्य जागरूकता, कानूनी जानकारी और मानसिक तैयारी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे स्वयं की सुरक्षा कर सकें और संकट की स्थिति में निर्णायक कदम उठा सकें।







