नई दिल्ली, डीसीपी सेंट्रल डिस्ट्रिक रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि राजधानी दिल्ली में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन कवच”के तहत सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 60 वर्षीय महिला ड्रग पेडलर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 286 ग्राम स्मैक बरामद की है, जिसकी बाजार में कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।
दिल्ली पुलिस द्वारा नशीले पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एंटी-नारकोटिक्स सेल को विशेष रूप से सक्रिय किया गया है। इसी क्रम में ड्रग नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए खुफिया तंत्र को मजबूत करते हुए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
इस ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए एंटी-नारकोटिक्स सेल, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की एक समर्पित टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर रोहित कुमार (इंचार्ज ANC) कर रहे थे। टीम में एसआई मोनू चौहान, एसआई पंकज कुमार, एएसआई सुनील, एएसआई सुधीर, हेड कांस्टेबल दिलशाद, कांस्टेबल दीपक और महिला कांस्टेबल जानकी शामिल थीं। पूरी कार्रवाई एसीपी ऑपरेशंस पदम सिंह राणा की निगरानी में की गई।
31 मार्च 2026 को टीम को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि जामा मस्जिद इलाके में एक बुजुर्ग महिला स्मैक की बिक्री में सक्रिय है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत हरकत में आई और बताए गए स्थान पर पहुंचकर गुप्त रूप से निगरानी शुरू कर दी।
चार्टीलाल गोयल हेरिटेज पार्क के सामने पुलिस टीम ने रणनीतिक तरीके से जाल बिछाया। कुछ समय की निगरानी के बाद मुखबिर के इशारे पर संदिग्ध महिला को मौके पर ही दबोच लिया गया।
तलाशी लेने पर महिला के कब्जे से 286 ग्राम स्मैक बरामद हुई। पुलिस के अनुसार इतनी मात्रा में स्मैक का मिलना यह दर्शाता है कि आरोपी केवल छोटे स्तर की पेडलर नहीं बल्कि सप्लाई चेन का अहम हिस्सा हो सकती है।
गिरफ्तार महिला की पहचान बेगम (उम्र लगभग 60 वर्ष), निवासी पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है। उसके खिलाफ थाना जामा मस्जिद में एफआईआर नंबर 201/26, धारा 21 NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया है।
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड पुराना है। वह पहले भी NDPS एक्ट के चार मामलों में संलिप्त रह चुकी है। ये मामले जामा मस्जिद और दरियागंज थानों में दर्ज हैं, जिनमें वर्ष 2004, 2013 और 2020 के केस शामिल हैं।
पुलिस अब इस पूरे मामले को केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रख रही है, बल्कि ड्रग सप्लाई नेटवर्क के पूरे तंत्र को तोड़ने पर ध्यान दे रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी स्मैक कहां से लाती थी, उसके सप्लायर कौन हैं और वह किन-किन इलाकों में सप्लाई करती थी।
इसके साथ ही पुलिस आगे और पीछे के लिंक की भी जांच कर रही है, ताकि इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सके।
सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने स्पष्ट किया है कि “ऑपरेशन कवच” के तहत नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। राजधानी में ड्रग्स के नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है और आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।





