नई दिल्ली, दिल्ली पुलिस सप्ताह 2026 के उपलक्ष्य में दिल्ली पुलिस द्वारा ऐतिहासिक लाल किला के प्रांगण में शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 की शाम कवि सम्मेलन “काव्यांजलि” का आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच संबंधों को और अधिक मजबूत करना तथा समाज में एकता, समावेशिता और सेवा की भावना को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में संयुक्त पुलिस आयुक्त (सेंट्रल रेंज) मधुर वर्मा, ने मुख्य अतिथि, पुलिस परिवार कल्याण समिति की अध्यक्ष रचना गोलछा, वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली जैसे महानगर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे दिल्ली पुलिस पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभा रही है।

अपने संबोधन में पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा ने सभी आमंत्रित कवियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस सप्ताह पुलिस कर्मियों के परिश्रम, समर्पण और बलिदान को सम्मानित करने का अवसर है। उन्होंने ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह सप्ताह पुलिस और जनता के बीच विश्वास एवं सहयोग को और मजबूत करने का अवसर भी है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे पुलिस के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखें, क्योंकि पुलिस की शक्ति समाज के विश्वास और सहयोग से ही आती है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है और समाज के सुझाव एवं सहयोग पुलिस व्यवस्था को और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कवि सम्मेलन में करीब 500 लोगों की उपस्थिति रही, जिन्होंने प्रतिष्ठित कवियों दिनेश रघुवंशी, सर्वेश अस्थाना, अनिल अग्रवंशी, राज कौशिक, आदेश त्यागी, खुशबू शर्मा सहित दिल्ली पुलिस के एसीपी राजेंद्र कलकल और रंजय अतृष्य की काव्य प्रस्तुतियों का आनंद लिया। कविताओं के माध्यम से पुलिस कर्मियों के समर्पण, संवेदनशीलता और मानवीय पक्ष को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम का समापन डीसीपी (नॉर्थ जिला) राजा बंथिया, द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर दिल्ली पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
दिल्ली पुलिस सप्ताह 2026 का आयोजन 16 से 22 फरवरी तक किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य पुलिस की गौरवशाली परंपरा, उपलब्धियों, आधुनिकीकरण और जन-केंद्रित पुलिसिंग प्रयासों को प्रदर्शित करना तथा जनता के साथ संबंधों को और सुदृढ़ करना है।




