नई दिल्ली | क्राइम इन दिल्ली डेस्क
दिल्ली को वर्ष 2027 तक नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ दिल्ली पुलिस ने नशे के खिलाफ अपने अभियान को और अधिक सशक्त कर दिया है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की परिकल्पना वाले “नशा मुक्त भारत अभियान” तथा दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के निर्देशों के अनुरूप संचालित की जा रही है। दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा, आईपीएस के नेतृत्व में यह अभियान निरंतर गति पकड़ रहा है।
इसी क्रम में दिल्ली पुलिस ने शिक्षा निदेशालय, दिल्ली सरकार के सहयोग से पुलिस मुख्यालय, जय सिंह रोड स्थित आदर्श ऑडिटोरियम में ड्रग एब्यूज पर कार्यशाला-सह-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में 300 से अधिक शारीरिक शिक्षा शिक्षक/प्रशिक्षक और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) कार्यक्रम अधिकारी शामिल हुए। इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया गया, जिसके माध्यम से दिल्ली के 1000 से अधिक सरकारी और निजी स्कूलों के छात्र-शिक्षक ऑनलाइन जुड़े।

कार्यक्रम की शुरुआत एसीपी/एपीआरओ श्री रंजन आत्रिश्य के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध एवं पीएमएमसी) देवेश चंद्र श्रीवास्तव, संयुक्त पुलिस आयुक्त (पीआरओ) संजय त्यागी, पुलिस उपायुक्त (अपराध) संजीव यादव सहित उपस्थित शिक्षकों और अधिकारियों का स्वागत किया तथा कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।
मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए देवेश चंद्र श्रीवास्तव, आईपीएस ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए दोहरी रणनीति आवश्यक है—एक ओर कानून प्रवर्तन के माध्यम से नशीले पदार्थों की आपूर्ति पर सख्त कार्रवाई और दूसरी ओर जागरूकता एवं शिक्षा के जरिए मांग में कमी। उन्होंने शिक्षकों को बताया कि नशीले पदार्थ किस-किस नाम और रूप में प्रचलन में हैं तथा छात्रों में अचानक व्यवहार परिवर्तन, चिड़चिड़ापन, सामाजिक अलगाव और पढ़ाई में गिरावट जैसे संकेतों पर सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
उन्होंने छात्रों को साथियों के दबाव से बचने, समय रहते सहायता लेने और नशे के विरुद्ध ई-प्रतिज्ञा लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि 14 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवा देश की अमूल्य धरोहर हैं और उन्हें नशे से सुरक्षित रखना विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में एक अनिवार्य कदम है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को MANAS हेल्पलाइन 1933 के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसके माध्यम से नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध खेती एवं संबंधित अपराधों की गुमनाम और सुरक्षित सूचना दी जा सकती है।
इस अवसर पर अस्मिता थिएटर ग्रुप द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने नशे के दुष्प्रभावों को प्रभावी और संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत किया, जिससे उपस्थित जनसमूह में गहरी जागरूकता देखने को मिली।

कार्यक्रम के अंत में संयुक्त पुलिस आयुक्त (पीआरओ) संजय त्यागी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी शिक्षकों, अधिकारियों और प्रतिभागियों के सहयोग की सराहना की।
दिल्ली पुलिस की यह पहल शिक्षकों को नशा विरोधी अभियान का सक्रिय भागीदार बनाकर स्कूल स्तर पर व्यापक जनजागरूकता फैलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम मानी जा रही है।
Source: Delhi Police





