कंपनी में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत था आरोपी, 20 वर्षीय युवती से दुष्कर्म का है आरोप; एक साल से अधिक समय तक चली जांच और अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के बाद मिली सफलता
नई दिल्ली, 5 नवंबर। दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ने अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग और विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से दुष्कर्म के एक आरोपी को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत लाने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी की पहचान साजीर पल्ली मूप्पन उर्फ साजीर पीएम (38) के रूप में हुई है। वह जॉयअलुक्कास कंपनी में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत था। आरोपी को अबू धाबी से प्रत्यर्पित कर 4 नवंबर 2026 को भारत लाया गया।
इस पूरी कार्रवाई में दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), इंटरपोल, गृह मंत्रालय (MHA), विदेश मंत्रालय (MEA) और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया। आरोपी के विदेश भाग जाने के बाद उसके खिलाफ इंटरपोल के माध्यम से 7 जुलाई 2026 को रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी कराया गया था।
पुलिस के अनुसार, 1 अक्टूबर 2025 की रात पंजाबी बाग स्थित एक लाउंज में कंपनी के कर्मचारियों की ओर से जन्मदिन की पार्टी आयोजित की गई थी। इसमें 20 वर्षीय युवती भी शामिल हुई थी। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी साजीर ने युवती को शराब और नशीले पदार्थों का सेवन कराया। इसके बाद वह उसे करोल बाग स्थित एक होटल में ले गया, जहां 2 अक्टूबर की सुबह कथित तौर पर उसकी इच्छा के विरुद्ध यौन उत्पीड़न किया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि होटल में चेक-इन के दौरान आरोपी ने पीड़िता की पहचान छिपाने के लिए किसी तीसरे व्यक्ति के पहचान संबंधी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।
घटना के बाद पीड़िता ने सबसे पहले कंपनी प्रबंधन को शिकायत दी। 4 अक्टूबर 2025 को कंपनी ने आरोपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया और POSH कानून के तहत आंतरिक समिति के माध्यम से जांच शुरू की। हालांकि, आरोपी आंतरिक जांच में शामिल नहीं हुआ।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी 4 अक्टूबर 2025 से कंपनी से अनुपस्थित रहने लगा और कानूनी कार्रवाई की आशंका के बीच देश छोड़ने की तैयारी करने लगा। उसने 5 जनवरी 2026 को भारत छोड़ दिया और बाद में UAE में काम करने लगा।
इसके बाद 18 फरवरी 2026 को पीड़िता ने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया। उसकी शिकायत पर करोल बाग थाने में FIR संख्या 237/26 दर्ज की गई। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1), 123, 319 और 3(5) के तहत दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया और कानूनी प्रक्रिया के तहत उसका बयान दर्ज किया। पंजाबी बाग के लाउंज और करोल बाग के होटल से तकनीकी एवं दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए गए। होटल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और पहचान संबंधी दस्तावेजों की भी जांच की गई।
शुरुआत में करोल बाग पुलिस की टीम आरोपी की तलाश में केरल पहुंची, लेकिन जांच में पता चला कि वह पहले ही भारत छोड़ चुका है और 5 जनवरी 2026 को UAE चला गया था।
इसके बाद 30 अप्रैल 2026 को BHARATPOL के माध्यम से इंटरपोल को संदर्भ भेजा गया। लगातार जांच और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 7 जुलाई 2026 को आरोपी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया गया।
आरोपी के प्रत्यर्पण के लिए दिल्ली पुलिस ने CBI, इंटरपोल, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा। इस प्रक्रिया में BHARATPOL डिजिटल प्लेटफॉर्म की भी मदद ली गई।
पुलिस के अनुसार, 9 अक्टूबर 2026 को अबू धाबी के सक्षम प्राधिकारी ने प्रत्यर्पण अनुरोध को मंजूरी दे दी। इसके बाद 31 अक्टूबर को इंस्पेक्टर कपिल खोखर, एसआई काजल त्यागी और एसआई संदीप की तीन सदस्यीय पुलिस टीम UAE रवाना हुई।
सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 4 नवंबर 2026 को UAE अधिकारियों ने आरोपी को दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद उसे भारत लाया गया, जहां अब उसके खिलाफ कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई में इंस्पेक्टर कपिल खोखर, एसआई संदीप, एसआई काजल त्यागी, एएसआई अरविंद, हेड कांस्टेबल रणवीर, कांस्टेबल अनमोल और कांस्टेबल पंकज की अहम भूमिका रही। पूरी कार्रवाई SHO करोल बाग और ACP करोल बाग की निगरानी में तथा DCP सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट रोहित राजबीर सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।
दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर (जोन-1) देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और पीड़ितों को न्याय दिलाना दिल्ली पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। अपराधी देश के भीतर हो या विदेश भाग जाए, उसे कानून के दायरे में लाने के लिए हरसंभव कानूनी प्रयास किए जाएंगे।
दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि गंभीर अपराधों में आरोपी विदेश भागकर भी कानून की कार्रवाई से बच नहीं सकते।





