महिलाओं की सुरक्षा पर खास फोकस, 18 अतिरिक्त महिला कांस्टेबल तैनात; गुलाबी स्कूटरों पर ‘झांसी’ दस्ते की गश्त तेज
नई दिल्ली, 23 सितंबर। राजधानी में सार्वजनिक स्थानों को असामाजिक तत्वों से मुक्त रखने और आम नागरिकों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस की सेंट्रल रेंज ने व्यापक एरिया डोमिनेशन और कॉम्बिंग-सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। 22 और 23 सितंबर को चले विशेष अभियान में पार्कों, सबवे, फुटओवर ब्रिज, फ्लाईओवर और अन्य संवेदनशील स्थानों की सघन जांच की गई। इस दौरान 379 लोगों के खिलाफ दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत कार्रवाई की गई, जबकि विभिन्न कानूनों के तहत भी कार्रवाई हुई। पुलिस ने 33 बैड कैरेक्टरों की भी जांच की।
पुलिस के मुताबिक अभियान का मकसद केवल संदिग्धों की धरपकड़ नहीं, बल्कि उन सार्वजनिक स्थानों को दोबारा सुरक्षित और नागरिकों के लिए सहज बनाना है, जहां अवैध गतिविधियों या असामाजिक तत्वों की मौजूदगी से लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा होती है।
सेंट्रल रेंज के विभिन्न इलाकों में पुलिस टीमों ने पार्कों और सार्वजनिक स्थानों की व्यवस्थित जांच की। दरीयागंज में पांच पार्कों की चेकिंग के दौरान 66 लोगों के खिलाफ धारा 65 के तहत कार्रवाई की गई। जामा मस्जिद इलाके में कई पार्कों और सार्वजनिक स्थानों की जांच के दौरान 45 लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई और BNSS के तहत निवारक कदम उठाए गए।

कमला मार्केट क्षेत्र में मिंटो रोड कॉम्प्लेक्स पार्क, शिवाजी पार्क, डीबीजी पार्क, नेहरू पार्क और शास्त्री पार्क समेत कई स्थानों पर जांच अभियान चलाया गया। यहां 60 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई और तीन वाहन जब्त किए गए। दिल्ली आबकारी अधिनियम और BNSS के तहत भी कार्रवाई की गई।
पटेल नगर में पांच पार्कों की जांच के दौरान 82 लोगों को धारा 65 के तहत पकड़ा गया। वहीं प्रसाद नगर में 23 लोगों के खिलाफ दिल्ली आबकारी अधिनियम की धारा 40(A) के तहत कार्रवाई की गई। जुआ अधिनियम और आबकारी अधिनियम के तहत भी कार्रवाई हुई।
दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि अभियान केवल धरपकड़ तक सीमित नहीं रहेगा। पुलिस टीमें सार्वजनिक स्थानों का सिक्योरिटी ऑडिट भी कर रही हैं। इसमें अंधेरे और कम रोशनी वाले स्थान, टूटी फेंसिंग, अतिक्रमण, रास्तों में अवरोध, असुरक्षित प्रवेश-निकास, सबवे और फुटओवर ब्रिज जैसी जगहों को चिन्हित किया जा रहा है।
जहां सड़क, रोशनी, फेंसिंग या अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी कमियां मिलेंगी, उनकी रिपोर्ट PWD, MCD और संबंधित एजेंसियों को भेजी जाएगी, ताकि आवश्यक सुधार कराया जा सके।
पुलिस इस पूरी कवायद को ‘ब्रोकन विंडोज’ दृष्टिकोण से जोड़ रही है। इसके तहत सार्वजनिक स्थानों में दिखाई देने वाली अव्यवस्था और उपेक्षा को दूर करने के साथ नियमित पुलिसिंग पर जोर दिया जाता है।
अभियान में महिलाओं की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई है। नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के महिला पुलिस स्टेशन में 18 अतिरिक्त महिला कांस्टेबलों को स्वीकृति देकर तैनात किया गया है।
इसके साथ ही ‘झांसी’ ऑल-वुमेन पेट्रोलिंग स्क्वॉड गुलाबी स्कूटरों पर संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रही हैं। इन टीमों की निगरानी एसीपी सदर बाजार, महिला थाना एसएचओ और महिला पुलिसकर्मियों द्वारा की जा रही है।
पुलिस का उद्देश्य पार्कों, बाजारों, सड़कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर महिला पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना और महिलाओं के बीच सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है।
सेंट्रल रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने कहा कि सार्वजनिक स्थान आम नागरिकों के लिए हैं और उन्हें असामाजिक तत्वों के कब्जे या गैरकानूनी गतिविधियों का केंद्र नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा अभियान केवल एक-दो दिन की चेकिंग नहीं है, बल्कि इसे लगातार चलने वाले एरिया-डोमिनेशन कार्यक्रम के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पुलिस एक ओर गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ निवारक और कानूनी कार्रवाई करेगी, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक स्थानों की रोशनी, फेंसिंग, अतिक्रमण और अन्य सुरक्षा कमियों की पहचान कर संबंधित नागरिक एजेंसियों को सुधार के लिए भेजेगी।
दिल्ली विश्वविद्यालय की डिप्टी प्रॉक्टर अत्मोजा बोस ने विश्वविद्यालय क्षेत्र में बढ़ी पुलिस मौजूदगी और नियमित गश्त को छात्रों, विशेषकर छात्राओं के लिए सुरक्षा का भरोसा बढ़ाने वाला कदम बताया।
न्यू राजेंद्र नगर rwa की सचिव शालिनी जैन ने पार्कों में नियमित पुलिस जांच और गश्त को स्थानीय निवासियों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपयोगी बताया।
दौलत राम कॉलेज की प्रिंसिपल सविता रॉय ने नॉर्थ कैंपस क्षेत्र में महिला पुलिसकर्मियों की गश्त और महिला सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को छात्राओं और कर्मचारियों के लिए भरोसा बढ़ाने वाला बताया।
दिल्ली पुलिस के अनुसार सेंट्रल रेंज में यह अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा। प्रत्येक चिन्हित सार्वजनिक स्थान की सुरक्षा के लिहाज से जांच की जाएगी, ताकि पार्क, बाजार, सड़क, सबवे और अन्य सार्वजनिक स्थल आम नागरिकों के लिए सुरक्षित और सुगम बने रहें।





