Jewellery खरीदने के लिए चलने वाली कथित “Kitty Scheme” में 700 से ज्यादा लोगों को निशाना बनाए जाने का मामला सामने आया है। Delhi Police की Economic Offences Wing (EOW) ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
Delhi Police ने 15 September 2026 को जारी अपनी official press release में बताया कि आरोपी ने Jewellery Kitty Scheme के जरिए 700 से अधिक लोगों को कथित तौर पर cheat किया। मामला EOW के तहत cheating के रूप में दर्ज किया गया है।
Jewellery Kitty Scheme में क्या हुआ?
Police के अनुसार आरोपी ने ऐसी scheme के माध्यम से लोगों से रकम जुटाई। ऐसी schemes में आम तौर पर ग्राहक नियमित रूप से एक निश्चित राशि जमा करते हैं और तय अवधि के बाद jewellery खरीदने या किसी promised benefit का दावा किया जाता है।
इस मामले में आरोप है कि scheme से जुड़े 700 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए।
हालांकि, आरोपी की गिरफ्तारी और Police द्वारा लगाए गए आरोपों को अदालत में सिद्ध होना अभी बाकी है।
700 से ज्यादा लोगों का मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
यह मामला सिर्फ एक alleged cheating case नहीं है। बड़ी संख्या में प्रभावित लोगों के कारण यह सवाल भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि consumers को jewellery schemes में पैसा लगाने से पहले किन बातों की जांच करनी चाहिए।
किसी भी ऐसी scheme में पैसा देने से पहले ग्राहक को कम से कम इन बातों को लिखित रूप में समझना चाहिए:
- Scheme की पूरी terms and conditions क्या हैं?
- हर महीने जमा की गई राशि का legal treatment क्या है?
- Jewellery कब और किस valuation पर मिलेगी?
- क्या कोई making charges, GST या अन्य charges अलग से लगेंगे?
- Refund या premature exit का provision क्या है?
- Payment किस registered business entity के account में जा रहा है?
- Receipt और agreement किस नाम पर जारी हो रहे हैं?
अगर Jewellery Scheme में आपका पैसा फंस जाए तो क्या करें?
सबसे पहले सभी documentary और digital evidence सुरक्षित रखें—payment receipts, bank statements, invoices, WhatsApp conversations, advertisements, scheme documents और किसी भी written assurance की copies।
इसके बाद मामले की प्रकृति के अनुसार Police complaint/EOW complaint तथा उपलब्ध consumer और civil remedies पर legal advice लिया जा सकता है।
CrimeInDelhi Legal Awareness
किसी भी attractive “investment”, “kitty”, “advance purchase” या “guaranteed benefit” scheme में केवल verbal promise पर भरोसा करना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
पैसा देने से पहले agreement पढ़ें, business entity verify करें और हर payment की proper receipt लें।
Official Source: Delhi Police, New Press Releases — 15 September 2026.





