Fake Identity के सहारे 28 साल तक कानून से बचता रहा आरोपी, क्राइम ब्रांच ने आखिरकार किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लगभग 28 वर्षों से फरार चल रहे हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार आरोपी वर्षों तक फर्जी पहचान और अलग-अलग नामों का इस्तेमाल कर कानून की गिरफ्त से बचता रहा। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही वर्ष 1997 के दो पुराने हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) के मामलों की जांच में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
हत्या के मामले में था वांछित
पुलिस के अनुसार आरोपी राजिंदर बैरागी वर्ष 1998 में हरियाणा पुलिस के एक कर्मी की हत्या के मामले में वांछित था। घटना के बाद वह फरार हो गया और लगातार अपना ठिकाना तथा पहचान बदलता रहा, जिससे उसकी गिरफ्तारी लंबे समय तक नहीं हो सकी।
फर्जी पहचान बनाकर वर्षों तक बचता रहा
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कई फर्जी पहचान अपनाईं और अलग-अलग स्थानों पर सामान्य व्यक्ति की तरह जीवन बिताता रहा। पुलिस ने तकनीकी निगरानी, खुफिया सूचना और लंबे समय तक की गई जांच के आधार पर उसकी गतिविधियों का पता लगाया और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया।
दो पुराने मामलों की गुत्थी भी सुलझी
दिल्ली पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से वर्ष 1997 के दो हत्या के प्रयास के मामलों में भी अहम सुराग मिले हैं। इन मामलों की जांच अब आगे बढ़ाई जा रही है और पुलिस अन्य तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है।
पुलिस की जांच जारी
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि फरारी के दौरान उसने किन-किन लोगों की मदद ली और किन स्थानों पर वह छिपकर रह रहा था। जांच एजेंसियां उसके द्वारा इस्तेमाल की गई फर्जी पहचान और दस्तावेजों की भी जांच कर रही हैं।
करीब तीन दशक तक फरार रहे आरोपी की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि गंभीर आपराधिक मामलों में जांच एजेंसियां वर्षों बाद भी कार्रवाई जारी रखती हैं। हालांकि, आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।
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