नई दिल्ली,पुरानी दिल्ली के चांदनी महल थाना क्षेत्र में निर्वाचन आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक महिला बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) एवं पीजीटी (स्पेशल एजुकेशन टीचर) के साथ कथित अभद्रता, अपमानजनक व्यवहार और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में दिल्ली पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता शिक्षिका 5 जुलाई 2026 को फाटक तेलियान इलाके में निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)अभियान के तहत मतदाता सूची के सत्यापन और प्रपत्र वितरण का कार्य कर रही थीं। इसी दौरान एक व्यक्ति ने कथित रूप से उनके विरोध के बावजूद उनका BLO रजिस्टर उनकी गोद में रखकर उस पर हस्ताक्षर कर दिए। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि मौके पर मौजूद कुछ अन्य लोगों ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, SIR के फॉर्म लेने से इनकार किया और ऐसा व्यवहार किया जिससे उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित होना पड़ा। इसके कारण वह अपना सरकारी दायित्व सुचारु रूप से नहीं निभा सकीं।

घटना 5 जुलाई को हुई थी, लेकिन इसकी जानकारी पुलिस को 15 जुलाई को मिली। शिकायतकर्ता पहले ओल्ड दिल्ली के एडीएम के पास पहुंचीं, जिन्होंने मामले से पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद पुलिस ने तत्काल शिकायतकर्ता से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि शिकायत दर्ज कराने में देरी इसलिए हुई क्योंकि वह इस पूरे मामले में अपने वरिष्ठ अधिकारियों से सलाह-मशविरा कर रही थीं और उचित कानूनी कार्रवाई को लेकर मार्गदर्शन प्राप्त कर रही थीं।
पुलिस ने शिकायत, उपलब्ध तथ्यों और अन्य सामग्री का सत्यापन किया। जांच के दौरान प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 221, 132, 79, 74 तथा 3(5)के तहत एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद शिकायत में नामजद सभी चार आरोपियों को कानून के अनुसार गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद सबरीन (44 वर्ष), अतीक-उर-रहमान (58 वर्ष), मोहम्मद आसिफ (50 वर्ष) और मोहम्मद आफताब (44 वर्ष) के रूप में हुई है। सभी आरोपी तुर्कमान गेट क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि चुनाव संबंधी कार्य में लगे सरकारी कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता, धमकी या सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामलों को गंभीरता से लिया जाता है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





