नई दिल्ली,राजधानी में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत रोहिणी जिला पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने अंतरराज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए मणिपुर से दिल्ली-एनसीआर तक फैले हेरोइन नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। ज्वाइंट सीपी नॉर्थन रेंज विजय सिंह ने बताया कि इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 1568 ग्राम हेरोइन तथा 506 ग्राम क्रूड अफीम बरामद की है। बरामद मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 16 करोड़ रुपये आंकी गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद की गई 506 ग्राम क्रूड अफीम से लगभग 1.5 से 2 किलोग्राम हेरोइन तैयार की जा सकती थी। मामले में ड्रग्स सप्लाई में इस्तेमाल की जा रही एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और एक बोलेरो कार भी जब्त की गई है।
यह पूरी कार्रवाई डीसीपी रोहिणी जिला शशांक जायसवाल के निर्देशन तथा ज्वाइंट सीपी नॉर्दर्न रेंज विजय सिंह की निगरानी में एसीपी ऑपरेशंस अजर सिंह और इंस्पेक्टर संदीप गोदारा की टीम ने अंजाम दी।
मामला थाना बुद्ध विहार में दर्ज एफआईआर नंबर 142/26 के तहत सामने आया था। शुरुआती कार्रवाई में 17 अप्रैल 2026 को पुलिस ने समीर अहमद और आशीष सोनी को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से 300 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी पहले सामान्य नौकरी करते थे लेकिन जल्दी पैसा कमाने के लालच में ड्रग्स तस्करी से जुड़ गए।
समीर अहमद सदर बाजार इलाके में कॉस्मेटिक सामान की डिलीवरी करता था, जबकि आशीष सोनी पहले जिप्टो में डिलीवरी पार्टनर के रूप में काम कर चुका था।
इसके अगले दिन पुलिस ने मनोज सोनी उर्फ विक्की को गिरफ्तार किया, जो इस नेटवर्क का अहम सप्लायर निकला। उसके पास से 57 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पूछताछ में उसने कई अन्य सप्लायर्स और नेटवर्क से जुड़े लोगों के नाम उजागर किए।

मनोज सोनी की निशानदेही पर 21 अप्रैल को तिलक नगर इलाके में छापा मारकर 30 वर्षीय संध्या को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से करीब 275 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।
जांच में पता चला कि संध्या का पूरा परिवार पहले से ड्रग्स कारोबार में लिप्त रहा है। उसका पति विक्की उर्फ आकाश 16 आपराधिक मामलों में शामिल है और फिलहाल एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल में बंद है। उसकी सास सीमा भी एक अन्य एनडीपीएस मामले में जेल में है।
इसके बाद पुलिस टीम उत्तर प्रदेश पहुंची।
7 मई को बरेली में छापेमारी कर 51 वर्षीय मेहनाज उर्फ बेजी को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से 58 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। मेहनाज के खिलाफ पहले से एनडीपीएस एक्ट के दो मामले दर्ज हैं।
12 मई को मेहनाज की निशानदेही पर शाहजहांपुर में कार्रवाई कर यूनुस खान को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से 578 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पुलिस के अनुसार यूनुस इस पूरे नेटवर्क का बड़ा सप्लायर था और उसके खिलाफ भी एनडीपीएस एक्ट के दो मामले दर्ज हैं।
17 मई को यूनुस की निशानदेही पर बाराबंकी में छापा मारकर सब्बिर नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से 300 ग्राम हेरोइन मिली।
पूछताछ में यूनुस ने पुलिस को बताया कि वह मणिपुर से क्रूड अफीम मंगवाता था और अपने घर में उसे रिफाइन कर हेरोइन तैयार करता था। इसके बाद यह हेरोइन दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई की जाती थी।
इस खुलासे के बाद 20 मई को रोहिणी स्पेशल स्टाफ की टीम इंफाल, मणिपुर पहुंची। कई इलाकों में लगातार छापेमारी और तकनीकी निगरानी के बाद पुलिस ने मोहम्मद इस्ताफाम और फुंद्रेमायुम अमजद अली को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी बोलेरो कार में क्रूड अफीम की खेप लेकर पहुंचे थे।
जांच के दौरान पुलिस ने कार के गियर बॉक्स के अंदर बने गुप्त चैम्बर से 506 ग्राम क्रूड अफीम बरामद की। पुलिस के अनुसार यह कच्चा लेटेक्स अफीम पोस्ता से निकाला जाता है और इसका इस्तेमाल हेरोइन तैयार करने में किया जाता है।
पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से मणिपुर और दिल्ली के बीच सक्रिय एक बड़े अंतरराज्यीय नारकोटिक्स नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। जांच एजेंसियां अब इस सिंडिकेट के अन्य सदस्यों और आर्थिक लेनदेन की भी जांच कर रही हैं।
दिल्ली पुलिस के अनुसार राजधानी में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। हाल के महीनों में “ऑपरेशन कवच” और अन्य विशेष अभियानों के तहत हजारों तस्करों और सप्लायर्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है।





