नई दिल्ली,दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट साइबर थाना टीम ने एक बड़े ऑनलाइन “स्पिरिचुअल फ्रॉड” रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को पंजाब के खरड़, मोहाली से गिरफ्तार किया है। डीसीपी सेंट्रल डिस्ट्रिक रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर लोगों को प्रेम, शादी, पारिवारिक विवाद और निजी परेशानियों का समाधान करने का झांसा देते थे और फिर पूजा-पाठ, तंत्र विद्या एवं विशेष अनुष्ठानों के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करते थे।
पुलिस के अनुसार, साइबर थाना सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में ई-एफआईआर संख्या 0092/26 धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में आए तथाकथित “आध्यात्मिक हीलर्स” ने उसकी भावनाओं और निजी समस्याओं का फायदा उठाया। आरोपियों ने दावा किया कि विशेष पूजा और आध्यात्मिक उपायों के जरिए उसकी समस्याएं दूर की जा सकती हैं। इस झांसे में आकर पीड़ित ने छह अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से कुल 2.51 लाख रुपये आरोपियों के खातों में ट्रांसफर कर दिए।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी “All Problems Solutions” नाम से संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क चला रहे थे। यह गिरोह देशभर में ऐसे लोगों को निशाना बनाता था जो मानसिक तनाव, रिश्तों में परेशानी या पारिवारिक समस्याओं से गुजर रहे होते थे। आरोपी सोशल मीडिया पर खुद को महिलाओं के रूप में पेश करते थे ताकि लोग आसानी से उनके जाल में फंस जाएं।
आरोपियों ने इंस्टाग्राम और फेसबुक पर
जैनब खान जैनब खान मुस्कान खान कविता चौधरी जरा खान और इस्लाम वजीफा जैसे नामों से कई फर्जी अकाउंट बनाए हुए थे। इन प्रोफाइल्स से वे सार्वजनिक पोस्टों पर नकली कमेंट और फर्जी सफलता की कहानियां डालते थे, जिनमें दावा किया जाता था कि किसी “शक्तिशाली बाबा” या “स्पिरिचुअल हीलर” ने उनका प्रेम संबंध, शादी या पारिवारिक विवाद सुलझा दिया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि जब कोई व्यक्ति इन प्रोफाइल्स से संपर्क करता था, तो आरोपी उसे व्हाट्सऐप नंबर उपलब्ध कराते थे और खुद को आध्यात्मिक गुरु या तांत्रिक बताकर बातचीत शुरू करते थे। इसके बाद वे पीड़ितों की निजी परेशानियों की जानकारी लेते और भावनात्मक रूप से उन्हें प्रभावित करते थे।
धीरे-धीरे आरोपी पीड़ितों को यह विश्वास दिलाते थे कि उनकी समस्याओं का समाधान केवल विशेष पूजा, तांत्रिक अनुष्ठान, वशीकरण या आध्यात्मिक क्रियाओं से ही संभव है। फिर वे पूजा सामग्री, विशेष हवन, तंत्र साधना और “ऊर्जा शुद्धिकरण” के नाम पर किस्तों में पैसे मांगते थे। कई मामलों में पीड़ितों को डराया भी जाता था कि यदि पूजा बीच में रोकी गई तो गंभीर नुकसान हो सकता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआई गौरव सिंह, एचसी क्रांति, एचसी हीरालाल और एचसी भारत सिंह की विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने इंस्पेक्टर योगराज दलाल, एसएचओ/पीएस साइबर, और एसीपी ऑपरेशंस सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की निगरानी में जांच शुरू की।
पुलिस टीम ने व्हाट्सऐप नंबरों, इंस्टाग्राम अकाउंट्स, आईपी एड्रेस, लॉगिन सेशन और अन्य डिजिटल फुटप्रिंट्स का तकनीकी विश्लेषण किया। साथ ही बैंक खातों और पैसों के लेनदेन की भी गहन जांच की गई। लगातार तकनीकी निगरानी और मैनुअल सर्विलांस के बाद आरोपियों की लोकेशन पंजाब के खरड़, मोहाली स्थित एक फ्लैट में ट्रेस की गई। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां छापेमारी कर दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गणेश और मनदीप सिंह के रूप में हुई है। दोनों राजस्थान के श्रीगंगानगर के रहने वाले हैं और उम्र 21 वर्ष है। गणेश डिस्टेंस एजुकेशन से बीए चौथे सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहा है, जबकि मनदीप सिंह आईटीआई डीजल मैकेनिक कोर्स करने के साथ बीए ग्रेजुएट है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच स्मार्टफोन बरामद किए हैं। इन मोबाइल फोन में फर्जी इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट, व्हाट्सऐप चैट, क्यूआर कोड, बैंकिंग डिटेल्स और अन्य आपत्तिजनक डिजिटल सबूत मिले हैं। जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपियों ने देशभर में 2,000 से अधिक लोगों से संपर्क किया था।
विशेषज्ञों के अनुसार, साइबर अपराधी अब केवल बैंकिंग फ्रॉड तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों की भावनाओं, धार्मिक विश्वासों और मानसिक परेशानियों का फायदा उठाकर नए-नए तरीके अपना रहे हैं। सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों का भरोसा जीतना और फिर उन्हें आर्थिक रूप से ठगना साइबर अपराध का तेजी से बढ़ता ट्रेंड बनता जा रहा है। दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम वेबसाइट पर भी फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और ऑनलाइन फ्रॉड को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति या तथाकथित “स्पिरिचुअल हीलर” पर आंख बंद कर भरोसा न करें। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी, ब्लैकमेलिंग या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन में दें।
फिलहाल पुलिस पूरे मनी ट्रेल की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह ने अब तक देशभर में कितने लोगों को निशाना बनाया और कुल कितनी रकम की ठगी की।






