4 शातिर आरोपी गिरफ्तार, 116 महंगे चोरी-झपटे मोबाइल बरामद,कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश भेजे जा रहे थे हाई-एंड फोन
दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ ने एक सुनियोजित और हाई-टेक ऑपरेशन को अंजाम देते हुए मोबाइल चोरी, स्नैचिंग और अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़े एक बड़े संगठित अपराध गिरोह का पर्दाफाश किया है। डीसीपी
सेंट्रल डिस्ट्रिक निधिन वाल्सन ने बताया कि
इस कार्रवाई में पुलिस ने चार कुख्यात और हार्डकोर अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 116 महंगे चोरी और झपटे गए मोबाइल फोन, एक TVS NTORQ स्कूटी, आधार कार्ड, और मोबाइल फोन की सुरक्षा तोड़ने में इस्तेमाल होने वाले अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर व टूल्स बरामद किए हैं।
जांच में खुलासा हुआ है कि ये आरोपी दिल्ली के विभिन्न इलाकों से चोरी और स्नैच किए गए मोबाइल फोन को अवैध रूप से अनलॉक कर कोलकाता के जरिए बांग्लादेश तस्करी कर भेजते थे और इससे भारी मुनाफा कमा रहे थे।

इस पूरे नेटवर्क का खुलासा 18 दिसंबर 2025 को थाना पटेल नगर में दर्ज एक मोबाइल स्नैचिंग की शिकायत से हुआ। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह कलिंगा चौक से चाइना चौक की ओर, सीता राम चड्ढा मार्ग, वेस्ट पटेल नगर पर पैदल जा रही थीं। इसी दौरान पीछे से काले रंग की इलेक्ट्रिक स्कूटी पर सवार दो युवक आए और उनके हाथ से iPhone 16 Pro झपटकर फरार हो गए।
इस संबंध में थाना पटेल नगर में FIR नंबर 520/25, धारा 304(2)/3(5) BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता और बढ़ते मोबाइल स्नैचिंग मामलों को देखते हुए, जांच स्पेशल स्टाफ, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट को सौंपी गई।
इंस्पेक्टर रोहित कुमार, इंचार्ज स्पेशल स्टाफ के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें अनुभवी अधिकारी और जवान शामिल थे।
टीम ने तुरंत कई स्तरों पर जांच शुरू की—
मैनुअल इंटेलिजेंस,तकनीकी सर्विलांस,लोकल इनक्वायरी,CCTV फुटेज का विश्लेषण
18 दिसंबर से 1 जनवरी तक स्पेशल स्टाफ की टीम ने 150 से अधिक सरकारी और निजी CCTV कैमरों की 24×7 जांच की। इसके साथ-साथ इलाके के मुखबिरों को सक्रिय किया गया और संदिग्ध मूवमेंट पर नजर रखी गई।
19 दिसंबर 2025 को पीड़िता की दोस्त के मोबाइल फोन पर एक संदिग्ध WhatsApp मैसेज आया। तकनीकी जांच में पता चला कि यह मैसेज एक ऐसे VI सिम कार्ड से भेजा गया था, जो Star Wire India Ltd.के नाम पर पंजीकृत था।
आगे की जांच में खुलासा हुआ कि यह सिम कार्ड दरअसल एक कर्मचारी का था, जिसका मोबाइल फोन पहले कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन के पास चोरी हो चुका था। यहीं से पुलिस को यह आभास हुआ कि मामला केवल स्नैचिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा संगठित नेटवर्क काम कर रहा है।
तकनीकी सर्विलांस के जरिए 27 दिसंबर 2025 को संदिग्धों की लोकेशन ब्रह्मपुरी और जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के आसपास ट्रेस की गई। करीब 4–5 घंटे की लगातार मेहनत के बाद पुलिस ने एक विश्वसनीय मुखबिर तैयार किया, जिसने अहम जानकारी साझा की।
मुखबिर ने बताया कि समीर और सलमान नामक दो युवक चोरी और झपटे गए मोबाइल फोन की खरीद-फरोख्त और तस्करी में शामिल हैं।
पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस ने बाबरपुर–मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास जाल बिछाकर समीर @ राहुल और सलमान को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में समीर ने खुलासा किया कि वह इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड है। उसने बताया कि वह वर्ष 2022 से अपराधियों के संपर्क में आया और उसके बाद चोरी के मोबाइल फोन खरीदकर उन्हें 3U Tools, Unlock Tools और अन्य विदेशी सॉफ्टवेयर की मदद से अनलॉक करने लगा।
वह प्रति मोबाइल ₹1,500 तक चार्ज करता था। समीर ने यह भी स्वीकार किया कि वह चोरी किए गए मोबाइल फोन में VI सिम कार्ड डालकर असली मालिकों को फर्जी मैसेज भेजता था। मैसेज में यह दावा किया जाता था कि मोबाइल फोन Apple Store में मिल गया है और फोन पाने के लिए iCloud ID हटाने को कहा जाता था।
जैसे ही पीड़ित iCloud ID हटाता, मोबाइल पूरी तरह अनलॉक हो जाता और फिर उसे ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता।

पूछताछ के बाद पुलिस ने अलग-अलग जगहों से भारी मात्रा में मोबाइल फोन बरामद किए—
समीर के स्कूटी की डिक्की से 30 मोबाइल फोन
सलमान के घर से 12 मोबाइल फोन
अयान के पास से 52 मोबाइल फोन (जो बांग्लादेश भेजने के लिए पैक थे)दिलशाद के घर से 22 मोबाइल फोन
बरामद मोबाइल फोन में Apple, Vivo, Samsung, Redmi, Oppo, Motorola, OnePlus, Nothing, Realme, IQOO समेत कई नामी ब्रांड शामिल हैं।
इस कार्रवाई के जरिए दिल्ली के सेंट्रल, नॉर्थ, वेस्ट, ईस्ट, नॉर्थ-ईस्ट और शाहदरा जिलों के 42 से अधिक मोबाइल चोरी और स्नैचिंग मामलों को सुलझाया गया है।
इसके अलावा 12 अन्य मामले भी इस रैकेट से जुड़े पाए गए हैं।
यह पूरी कार्रवाई सुलेखा जागरवार, IPS, आईपीएस एसीपी ऑपरेशन की देखरेख में की गई। निधिन वाल्सन,डीसीपी, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह ऑपरेशन संगठित मोबाइल तस्करी नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता है।
पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने और अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय लिंक की जांच के लिए आगे की कार्रवाई जारी है।







