ख़ाकी वर्दी पहने एक जवान—जो समाज की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर, पूरी सच्चाई, ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपनी ड्यूटी निभाता है।
लेकिन अक्सर हम उस इंसान को भूल जाते हैं, जो इस वर्दी के पीछे साँस लेता है, दर्द सहता है और अपने जज़्बातों को भीतर दबाए रखता है।
आज हम बात कर रहे हैं दिल्ली पुलिस की उन महिला जवानों की, जो दिल्ली के सबसे संवेदनशील इलाकों में से एक—जीबी रोड (श्रद्धानंद मार्ग) में तैनात हैं। यह वही इलाका है, जिसे लोग रेड लाइट एरिया के नाम से जानते हैं। नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में एक अलग तरह की धारणा बन जाती है, लेकिन यहाँ ड्यूटी करना किसी भी पुलिसकर्मी, खासकर महिला पुलिस के लिए आसान नहीं होता।
जीबी रोड महिला पुलिस चौकी की इंचार्ज किरण सेठी और उनके साथ तैनात महिला पुलिस स्टाफ, ऐसे इलाके में 24 घंटे जनता की सेवा में जुटे रहते हैं, जहाँ हर दिन नई चुनौतियाँ सामने आती हैं। यहाँ आने वाले कई लोग मानसिक रूप से असंतुलित होते हैं, कई नशे की हालत में होते हैं, तो कई ऐसे भी होते हैं जिनकी भाषा और व्यवहार बेहद आपत्तिजनक होता है।
ऐसे माहौल में पब्लिक डीलिंग करना, अपराध को नियंत्रित करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना किसी संघर्ष से कम नहीं। इसके बावजूद महिला पुलिसकर्मी पूरे संयम, साहस और पेशेवर रवैये के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाती हैं।

किरण सेठी बताती हैं कि,
“यहाँ हर तरह की शिकायतें आती हैं। हम सभी को ध्यान से सुनते हैं और तुरंत कार्रवाई करते हैं। हमारी कोशिश रहती है कि इलाके में शांति बनी रहे। जीबी रोड में रह रही सेक्स वर्कर्स की सुरक्षा भी हमारी जिम्मेदारी है। इसी को ध्यान में रखते हुए हम नियमित पेट्रोलिंग और गश्त करते रहते हैं।”
बरसात हो या सर्दी, गर्मी हो या तूफान—
ख़ाकी जब जिस्म पर चढ़ जाती है, तो फिर सिर्फ़ देश और जनता ही परिवार बन जाते हैं।
एक पुलिसकर्मी अपना परिवार पीछे छोड़कर, जनता के परिवार की रक्षा में खड़ा रहता है।
सलाम है ऐसी बेटियों को—
जिनके लिए मेरे पास तारीफ़ के शब्द कम पड़ जाते हैं।
जो अपने सुख-दुख, अपने जज़्बातों को एक तरफ़ रखकर, पूरी सच्चाई और निष्ठा के साथ ड्यूटी निभा रही हैं।
दिल्ली पुलिस—शांति, सेवा और न्याय के लिए सदैव तत्पर है। और ख़ास तौर पर जीबी रोड में तैनात वे महिला पुलिसकर्मी, जो हर दिन यह साबित करती हैं कि,वर्दी सिर्फ़ पहचान नहीं, बल्कि त्याग, साहस और इंसानियत की मिसाल है।





