नई दिल्ली, राजधानी दिल्ली में मानव तस्करी जैसी गंभीर और संगठित अपराध की कोशिश को सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की महिला पुलिस टीम ने अपनी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से विफल कर दिया। थाना कमला मार्किट क्षेत्र में नियमित गश्त के दौरान 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को सुरक्षित बचाया गया और आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई एक संभावित बड़े अपराध को समय रहते रोकने का उदाहरण बन गई है।
डीसीपी सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट रोहित राजबीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 02 अप्रैल 2026 को सुबह लगभग 10 बजे एस.एन. मार्ग, जी.बी. रोड इलाके में पुलिस की नियमित पेट्रोलिंग चल रही थी। इस दौरान एसआई किरण सेठी (इंचार्ज पीपी एस.एन. मार्ग), महिला कांस्टेबल खुशबू और महिला कांस्टेबल पूजा की टीम इलाके में निगरानी कर रही थी।
इसी दौरान टीम की नजर एक घबराई हुई नाबालिग लड़की पर पड़ी, जिसने इशारों के माध्यम से मदद की गुहार लगाई। पुलिसकर्मियों ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझते हुए लड़की को अपने संरक्षण में लिया और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उसकी बात सुनी।
पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि वह बिहार के दरभंगा जिले की रहने वाली है और 14 मार्च 2026 को पारिवारिक विवाद के चलते घर छोड़कर दिल्ली आ गई थी। दिल्ली आने के बाद वह असहाय स्थिति में थी और किसी सहारे की तलाश कर रही थी।
इसी दौरान एक परिचित के माध्यम से उसकी मुलाकात 52 वर्षीय शिवजी दास से हुई। आरोपी ने उसे नौकरी दिलाने का झांसा दिया और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से अपने साथ नेहरू विहार स्थित घर ले गया। उसने पीड़िता को घरेलू काम दिलाने का भरोसा दिया, जिससे पीड़िता उसके झांसे में आ गई।
पीड़िता के अनुसार, कुछ दिनों बाद आरोपी की नीयत बदल गई। उसने उसकी मजबूरी का फायदा उठाते हुए उसके साथ अशोभनीय हरकतें कीं और विरोध करने पर बदनाम करने की धमकी दी। धीरे-धीरे आरोपी ने पीड़िता को अपने नियंत्रण में रखने की कोशिश की।
02 अप्रैल को आरोपी पीड़िता को एस.एन. मार्ग, जी.बी. रोड इलाके में लेकर आया। उसने उसे एक पार्किंग में खड़ा कर दिया और कहा कि वह उसके लिए नौकरी की व्यवस्था करने जा रहा है। लेकिन जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी आसपास के लोगों से संपर्क कर नाबालिग को बेचने के लिए सौदेबाजी कर रहा था।
पार्किंग में खड़ी पीड़िता को स्थिति संदिग्ध लगी। उसी समय वहां से गुजर रही महिला पुलिस टीम को देखकर उसने साहस दिखाया और मदद के लिए संकेत किया। यह संकेत पुलिस टीम के लिए अहम साबित हुआ।
महिला पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके पर ही हिरासत में ले लिया। इसके बाद आसपास के दुकानदारों और लोगों से पूछताछ की गई, जिसमें आरोपी की साजिश की पुष्टि हुई।
पीड़िता के बयान के आधार पर थाना कमला मार्किट में FIR संख्या 95/2026 दर्ज की गई है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और POCSO एक्ट की धारा 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान शिवजी दास (उम्र 52 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बिहार के दरभंगा जिले के थाना बहेरी क्षेत्र का निवासी है और फिलहाल नेहरू विहार, दयालपुर, दिल्ली में रह रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस द्वारा पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया और उसे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के समक्ष पेश किया गया। CWC के निर्देश पर फिलहाल उसे एक सुरक्षित शेल्टर होम में रखा गया है, जहां उसे आवश्यक सहायता और काउंसलिंग प्रदान की जा रही है।
दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल एक नाबालिग की जान और सम्मान की रक्षा की, बल्कि मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराध के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी दिया है। यह घटना दर्शाती है कि सतर्क पुलिसिंग, महिला पुलिस की सजगता और पीड़िता के साहस से बड़ी से बड़ी आपराधिक साजिश को भी विफल किया जा सकता है।
राजधानी में बढ़ते अपराधों के बीच यह घटना राहत देने वाली है और यह साबित करती है कि समय पर की गई कार्रवाई कई जिंदगियों को बर्बाद होने से बचा सकती है।





