नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर दिल्ली पुलिस के कुल 33 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनकी असाधारण बहादुरी, विशिष्ट सेवाओं और उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए प्रतिष्ठित पुलिस पदकों से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान देश की आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी अभियानों, संगठित अपराध के विरुद्ध कार्रवाई और प्रशासनिक एवं तकनीकी क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किए गए हैं।
इन सम्मानों में 14 पुलिस पदक वीरता के लिए (Gallantry Medal – GM), 2 राष्ट्रपति पुलिस पदक विशिष्ट सेवा के लिए (President’s Medal for Distinguished Service – PSM) तथा 17 पुलिस पदक सराहनीय सेवा के लिए (Medal for Meritorious Service – MSM) शामिल हैं।


वीरता पदक (Gallantry Medal)
दिल्ली पुलिस के 14 जांबाज़ अधिकारियों को आतंकवादियों, शार्प शूटरों और खतरनाक अपराधियों के खिलाफ जान की परवाह किए बिना किए गए साहसिक अभियानों के लिए वीरता पदक प्रदान किया गया।
डीएनडी फ्लाईवे मुठभेड़ – जनवरी 2024
अपराध शाखा/स्पेशल सेल को 4 जनवरी 2024 को सूचना मिली कि हिजबुल मुजाहिदीन का A++ श्रेणी का वांछित आतंकी जावेद अहमद मट्टू उर्फ इरशाद अहमद मल्ला उर्फ एहसान, जिस पर ₹10 लाख से अधिक का इनाम था और जो 11 आतंकी हमलों में वांछित था, दिल्ली में हथियारों की बड़ी खेप लेने आने वाला है।
इस सूचना पर अपर पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाह,एसआई राजीव कुमार और एसआई शिबू आर.एस.के नेतृत्व में डीएनडी फ्लाईवे के पास जाल बिछाया गया। आतंकवादी द्वारा पुलिस को देखकर भागने और अंधाधुंध फायरिंग करने के बावजूद अधिकारियों ने अदम्य साहस दिखाते हुए उसका पीछा किया। मुठभेड़ के दौरान अपर पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी, लेकिन उन्होंने पीछे हटने के बजाय आतंकी से हथियार छीनकर उसे काबू किया।
मौके से 9 एमएम पिस्टल, जिंदा कारतूस, मैगजीन, खाली खोखे और चोरी की कार बरामद की गई। इस साहसिक कार्रवाई से एक बड़े आतंकी हमले को विफल कर दिया गया।
अक्षरधाम क्षेत्र ऑपरेशन – नवंबर 2023
26 नवंबर 2023 को कनाडा स्थित आतंकी अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला से जुड़े दो शार्प शूटरों की सूचना पर इंस्पेक्टर अमित नारा, एसआई ब्रजपाल कुशवाह, एसआई सतीश कुमार और एसआई उधम सिंह की टीम ने मयूर विहार इलाके में घेराबंदी की।
आरोपियों द्वारा पुलिस टीम पर गोलीबारी की गई, जिसमें इंस्पेक्टर अमित नारा और एसआई उधम सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं। इसके बावजूद टीम ने जवाबी कार्रवाई कर आरोपियों को दबोच लिया और हैंड ग्रेनेड, कई पिस्टल, रिवॉल्वर, देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद किए। इस ऑपरेशन ने संभावित बड़े हमले को टाल दिया।
अन्य वीरता अभियानों में सम्मानित अधिकारी
इसके अतिरिक्त, रिंग रोड, सराय काले खां, तुगलकाबाद बॉर्डर, छावला क्षेत्र सहित विभिन्न स्थानों पर आतंकवादियों और कुख्यात अपराधियों के साथ हुई मुठभेड़ों में अद्वितीय साहस दिखाने वाले अधिकारियों को भी वीरता पदक से नवाज़ा गया। इन अभियानों में कई बार अधिकारियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं, लेकिन उन्होंने मोर्चा नहीं छोड़ा और अपराधियों को गिरफ्तार कर जनता की जान बचाई।

राष्ट्रपति पुलिस पदक – विशिष्ट सेवा (PSM)
सेवानिवृत्त एसआई गजेंद्र सिंह राणा
1986 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए गजेंद्र सिंह राणा ने फिंगर प्रिंट ब्यूरो, ट्रैफिक यूनिट और दिल्ली पुलिस अकादमी सहित कई महत्वपूर्ण इकाइयों में सेवाएं दीं। उन्होंने 1989 के एयर होस्टेस मर्डर केस को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई और गणतंत्र दिवस परेड दल का हिस्सा भी रहे।
महिला उपनिरीक्षक नेवल कुमारी
1988 में भर्ती हुईं नेवल कुमारी ने महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, सीबीआई में प्रतिनियुक्ति और SPUWAC में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने स्कूलों और कार्यरत महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण देकर समाज में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई।


सराहनीय सेवा पदक (MSM)
17 अधिकारियों को निरंतर उत्कृष्ट सेवा, नेतृत्व क्षमता और नवाचार के लिए सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया गया।
प्रमुख सम्मानित अधिकारी:
मिलिंद महादेव डुंबेरे, आईपीएस – प्रशासनिक सुधार, कानून-व्यवस्था और सामुदायिक पुलिसिंग में योगदान।
निशा दीक्षित, एसीपी– ई-जीरो एफआईआर, साइबर अपराध पोर्टल एकीकरण और डिजिटल पुलिसिंग पहलों की अगुआई।
विक्रम सिंह, एसआई – आतंकवाद और संगठित अपराध के विरुद्ध 50 से अधिक अभियानों में सहभागिता।
अन्य अधिकारियों को महिला एवं बाल अपराध, साइबर पुलिसिंग, ट्रैफिक आधुनिकीकरण, संचार प्रणाली, वीवीआईपी सुरक्षा और प्रशासनिक दक्षता** के क्षेत्रों में उल्लेखनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
साहस और सेवा को सलाम
गणतंत्र दिवस 2026 पर दिए गए ये सम्मान दिल्ली पुलिस के उन जांबाज़ सिपाहियों और अधिकारियों को समर्पित हैं, जिन्होंने अपने कर्तव्य से बढ़कर राष्ट्र और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। उनकी वीरता, समर्पण और निष्ठा दिल्ली पुलिस की मजबूती और देश की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ है।






