नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर दिल्ली पुलिस ने राजधानी के सभी जिलों और इकाइयों में व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर महिला सुरक्षा, सशक्तिकरण और जागरूकता का संदेश दिया। इस दौरान विभिन्न जिलों में जागरूकता अभियान, सेल्फ-डिफेंस प्रशिक्षण, साइबर सुरक्षा सत्र, स्वास्थ्य शिविर, स्कूटी रैली, पदयात्रा, सम्मान समारोह और सामुदायिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन पहलों का उद्देश्य महिलाओं और युवतियों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करना, आत्मविश्वास बढ़ाना और समाज में महिलाओं की भूमिका को सम्मानित करना रहा।

दिल्ली पुलिस द्वारा आयोजित इन कार्यक्रमों में स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों, सामुदायिक केंद्रों और सार्वजनिक स्थानों पर बड़ी संख्या में छात्राओं, महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, हेल्पलाइन सेवाओं और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न उपायों के बारे में जानकारी दी।
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नॉर्थ-वेस्ट जिले में आदर्श नगर स्थित जीजीएस स्कूल में छात्राओं के लिए विशेष सेल्फ-डिफेंस प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में छात्राओं को आत्मरक्षा की सरल और प्रभावी तकनीकों से अवगत कराया गया ताकि वे किसी भी आपात स्थिति में स्वयं की सुरक्षा कर सकें। प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास, सतर्कता और साहस का विकास करना था। इसके अलावा परिवर्तन सेल द्वारा महिला सुरक्षा जागरूकता बैठक आयोजित की गई तथा ‘नाज़ुक’ योजना के तहत भी कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।

आउटर-नॉर्थ जिले में रोहिणी सेक्टर-18 स्थित महिला पार्क में ‘पहल’ एनजीओ के सहयोग से महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय महिलाओं के साथ संवाद कर उन्हें दिल्ली पुलिस की विभिन्न महिला सुरक्षा पहलों, साइबर सुरक्षा और हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और युवतियों के लिए सेल्फ-डिफेंस का प्रदर्शन भी किया गया। साथ ही प्रतिभागियों को ‘हिम्मत प्लस’ ऐप के उपयोग और साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया गया।
रोहिणी जिले में प्रशांत विहार में महिला सुरक्षा बैठक आयोजित की गई। इसके साथ ही चार प्रमुख स्कूलों में छात्राओं के लिए सेल्फ-डिफेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। छात्र-छात्राओं को व्यक्तिगत सुरक्षा के महत्व के बारे में बताते हुए “गुड टच–बैड टच” पर विशेष व्याख्यान भी दिए गए, जिससे बच्चों को अनुचित व्यवहार की पहचान करने और समय पर इसकी जानकारी देने के लिए प्रेरित किया गया।

दक्षिण जिले में विभिन्न स्थानों पर छह से अधिक सेल्फ-डिफेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन सत्रों में महिलाओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए तथा साइबर सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया के उपायों की जानकारी दी गई। मांडनगीर गांव स्थित एमसीडी प्राथमिक विद्यालय में “गुड टच–बैड टच” पर कार्यशाला आयोजित की गई। वहीं सर्वोदय को-एड विद्यालय में इंस्पेक्टर संजय ने महिला सशक्तिकरण, लैंगिक संवेदनशीलता और आत्मरक्षा पर विशेष व्याख्यान दिया।
दक्षिण-पूर्व जिले में ईस्ट ऑफ कैलाश के सरकारी कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सीएम श्री स्कूल और लाजपत नगर के सेंट्रल मार्केट में महिला सुरक्षा और कानूनी अधिकारों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में छात्राओं और महिलाओं को उनके अधिकारों तथा कानून के तहत मिलने वाले संरक्षण के बारे में बताया गया। इसके अलावा नेहरू प्लेस मार्केट में साइबर और सोशल मीडिया सुरक्षा पर विशेष आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी और डिजिटल खतरों से बचाव के उपाय बताए गए।
द्वारका जिले में ककरोला स्थित सरकारी सर्वोदय विद्यालय में छात्राओं के लिए सेल्फ-डिफेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके अलावा नजफगढ़ स्थित ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। द्वारका के वेलकम होटल में महिला सुरक्षा और पोक्सो अधिनियम पर एक विशेष व्याख्यान भी आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की रिपोर्टिंग के महत्व पर जोर दिया गया।
पश्चिम जिले में विकासपुरी, जनकपुरी और पंजाबी बाग स्थित स्कूलों और कॉलेजों में आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। पंजाबी बाग स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज फॉर वुमन में एक विशेष समारोह आयोजित कर समाज में महिलाओं के योगदान को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं, शिक्षकों और पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। साइबर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने साइबर अपराधों जैसे वित्तीय धोखाधड़ी, जॉब स्कैम, बिजली-पानी बिल से जुड़े फर्जीवाड़े और ऑनलाइन फ्रॉड के बारे में जागरूकता सत्र भी आयोजित किया।
आउटर जिले में डीसीपी कार्यालय परिसर में महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर सेल्फ-डिफेंस प्रशिक्षण और साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुति के रूप में महिला सब-इंस्पेक्टर रजनी ने “नारी” शीर्षक कविता का पाठ किया, जिसमें महिलाओं की शक्ति, साहस और संघर्ष की भावना को दर्शाया गया
नॉर्थ जिले में सिविल लाइंस स्थित डीसीपी कार्यालय में एवी अस्पताल, वैशाली (गाजियाबाद) के सहयोग से स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 65 महिला पुलिस कर्मियों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इसके अलावा पिंक बूथ मॉरिस नगर से मिरांडा हाउस कॉलेज तक महिला स्कूटी रैली निकाली गई, जिसमें 40 महिला पुलिसकर्मियों ने 40 स्कूटियों पर भाग लिया। इस रैली को एसीपी सदर बाजार विदुषी कौशिक और एसीपी जमुना थापा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मिरांडा हाउस कॉलेज में कॉलेज फैकल्टी के साथ संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें “जस्टिस, राइट्स एंड एक्शन” विषय पर व्याख्यान दिया गया।

सेंट्रल जिले में एसएन मार्ग महिला चौकी के आसपास जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं को साइबर सुरक्षा, पुलिस हेल्पलाइन नंबरों और आत्मरक्षा के उपायों के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही झांसी पेट्रोल टीमों ने क्षेत्र में गश्त बढ़ाकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की। टीम ने सीताराम बाजार स्थित ब्रह्माकुमारी मेडिटेशन सेंटर का भी दौरा किया और महिलाओं तथा युवतियों को “गुड टच–बैड टच”, साइबर सुरक्षा और आपातकालीन हेल्पलाइन 112 के बारे में जागरूक किया।
पूर्वी जिले में कम्युनिटी पुलिसिंग सेल द्वारा क्लाउडनाइन अस्पताल और आरएसकेवी कल्याणपुरी में महिला सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम और सेल्फ-डिफेंस सत्र आयोजित किए गए। गाजीपुर क्षेत्र में महिलाओं और वरिष्ठ महिलाओं के लिए साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। डीसीपी कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित सम्मान समारोह में 26 महिला पुलिसकर्मियों को उनके उत्कृष्ट कार्य और समर्पण के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा सामाजिक कार्यों में योगदान देने वाली चार महिलाओं को भी सम्मानित किया गया।
उत्तर-पूर्व जिले में करावल नगर क्षेत्र में विद्यार्थियों की भागीदारी के साथ विद्यादीप पब्लिक स्कूल से अभिनंदन वाटिका तक पदयात्रा आयोजित की गई। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम, निबंध लेखन और पोस्टर प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया।
शाहदरा जिले में महिलाओं और छात्रों के लिए साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी गई।
नई दिल्ली जिले में वाईडब्ल्यूसीए ऑफ दिल्ली के सहयोग से बांग्ला साहिब लेन स्थित महिला प्रशिक्षण संस्थान में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में परिवर्तन सेल की महिला पुलिस अधिकारियों ने भाग लेकर पुलिसिंग में महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। कनॉट प्लेस में साइबर और सोशल मीडिया जागरूकता अभियान चलाकर आम नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के बारे में जागरूक किया गया।
दक्षिण-पश्चिम जिले में स्कूलों, बाजारों और जे.जे. क्लस्टरों में महिला सुरक्षा और कानूनी अधिकारों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। छात्राओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए और बच्चों को “गुड टच–बैड टच” के बारे में शिक्षित किया गया। इसके अलावा दिल्ली हाट आईएनए और सरोजिनी नगर स्थित नवयुग स्कूल में साइबर सुरक्षा कार्यक्रम आयोजित किए गए।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 7 मार्च 2026 को बाबा खड़क सिंह मार्ग स्थित ट्रैफिक ट्रेनिंग पार्क में सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया प्रा. लि. और वैल्यू लाइफ फाउंडेशन के सहयोग से महिला सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में कॉलेज छात्रों, शिक्षकों और ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान इंटरैक्टिव गतिविधियों के माध्यम से सड़क सुरक्षा नियमों और सुरक्षित ड्राइविंग के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
दिल्ली पुलिस ने इस अवसर पर पुनः अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए जागरूकता अभियानों, सामुदायिक भागीदारी और सक्रिय पुलिसिंग को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा।
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