दिल्ली पुलिस की Dwarka District Police ने एक वरिष्ठ नागरिक से कथित तौर पर करीब ₹1.75 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर जमीन के कई सौदों के नाम पर कथित रूप से फर्जी property documents का इस्तेमाल किया था।
Pension Corpus को बनाया गया कथित निशाना
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी हैं, जिन्होंने Tihar Jail में pharmacist के रूप में भी काम किया था। आरोप है कि 2024–25 के दौरान उन्हें कई plots की sale और purchase के नाम पर property deals में शामिल किया गया और इसी दौरान उनके pension corpus से करीब ₹1.75 करोड़ की रकम कथित तौर पर हासिल की गई।
पुलिस के मुताबिक, इन transactions में कथित तौर पर forged property documents का इस्तेमाल किया गया था।
आरोपी करीब एक साल से था फरार
मामले में आरोपी Brahm Swaroop Bhardwaj, जिसकी उम्र 67 वर्ष बताई गई है, कथित तौर पर करीब एक साल से फरार था। उसके खिलाफ मामले में Non-Bailable Warrants भी प्राप्त किए गए थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ ₹50,000 का reward घोषित किया गया था। यह reward आदेश 3 सितंबर 2026 को जारी किया गया था।
सात दिन की surveillance के बाद Sonipat से गिरफ्तारी
Dwarka District Police की AATS टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए technical और manual surveillance की। पुलिस के अनुसार, करीब सात दिनों की surveillance के बाद आरोपी को Haryana के Sonipat में trace किया गया।
उसे 13 सितंबर 2026 को apprehend किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत के समक्ष पेश किया गया।
Property Documents की जांच महत्वपूर्ण
इस मामले में आगे की जांच के दौरान allegedly इस्तेमाल किए गए property documents, संबंधित transactions और आरोपियों के बीच financial links की जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि मामले में आगे की investigation जारी है।
Senior Citizens के लिए Legal Awareness – Property खरीदने या बेचने से जुड़े किसी भी बड़े transaction में केवल broker या seller द्वारा दिए गए documents पर निर्भर रहना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
Transaction से पहले title documents, ownership records, encumbrance details और संबंधित property records की स्वतंत्र कानूनी जांच कराना महत्वपूर्ण है। बड़ी रकम transfer करने से पहले agreement और payment trail का proper documentary record भी रखें।
किसी property transaction में forged documents या धोखाधड़ी का संदेह हो तो documents और payment records सुरक्षित रखें और संबंधित पुलिस अथवा कानूनी प्राधिकरण से संपर्क करें।
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू केवल रकम नहीं, बल्कि senior citizen की lifetime savings/pension corpus को property transactions के जरिए कथित रूप से target किया जाना है।
हालांकि पुलिस के आरोपों की जांच जारी है और आरोपी को अदालत द्वारा दोषी ठहराया जाना अभी बाकी है।
स्रोत: Delhi Police, Dwarka District / AATS
रिपोर्ट की तारीख: 24 सितंबर 2026
मामला: कथित property fraud / forged documents
जांच: आगे जारी





