नई दिल्ली, दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी का एक और उदाहरण सामने आया है। डीसीपी सेंट्रल डिस्ट्रिक अनंत मित्तल ने बताया कि थाना नबी करीम की टीम ने रात में हुई चोरी की वारदात को महज 48 घंटे के भीतर सुलझाते हुए एक कुख्यात बदमाश को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी हाल ही में जेल से जमानत पर रिहा हुआ था और रिहाई के कुछ ही दिनों बाद फिर से आपराधिक वारदात को अंजाम दे बैठा।
22 फरवरी 2026 को एक महिला ने ई-एफआईआर दर्ज कराते हुए शिकायत दी कि 21 और 22 फरवरी की दरम्यानी रात करीब 1:45 बजे से 2:05 बजे के बीच अज्ञात व्यक्ति ने उनके घर में चोरी की। उस समय वह घर पर मौजूद नहीं थीं। आरोपी घर से जेवरात और करीब ₹40,000 नकद लेकर फरार हो गया।
मामले में ई-एफआईआर नंबर 80016204/2026, धारा 305 बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएचओ/नबी करीम के नेतृत्व में और एसीपी/पहाड़गंज की देखरेख में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच की। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति चेहरे को ढके हुए घर में दाखिल होता नजर आया।
पुलिस ने संदिग्ध की चाल-ढाल (गेट पैटर्न), पहनावे और स्थानीय खुफिया सूचना के आधार पर उसकी पहचान विनय (37 वर्ष), निवासी नबी करीम, के रूप में की। वह थाना नबी करीम का घोषित ‘बैड कैरेक्टर (BC)’ है और पहले भी कई मामलों में शामिल रह चुका है।
लगातार तलाश और छापेमारी के बाद पुलिस ने 24 फरवरी 2026 को कुतुब रोड स्थित टिकौना पार्क के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से चोरी की गई संपत्ति बरामद कर ली गई, जिसमें शामिल हैं—एक चांदी का मोरपंख,एक चांदी का नेकलेस,दो छोटे चांदी के आभूषण,वारदात के समय पहने गए कपड़े भी जब्त कर लिए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ वर्ष 2004 से अब तक दिल्ली और राजस्थान के विभिन्न थानों में चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। हाल ही में जेल से रिहा होने के बावजूद उसने दोबारा अपराध कर कानून को चुनौती दी, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उसे फिर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
इस त्वरित कार्रवाई से इलाके में सुरक्षा का भरोसा मजबूत हुआ है और दिल्ली पुलिस की पेशेवर जांच और तकनीकी विश्लेषण की एक बार फिर सराहना हो रही है।





