दिल्ली पुलिस ने शाहदरा के एम.एस. पार्क थाना क्षेत्र में हुए एक वृद्ध दंपति की सनसनीखेज दोहरी हत्या के मामले को सुलझाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। ईस्टर्न रेंज ज्वाइंट सीपी मधुर वर्मा ने बताया कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाला व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि मृतक दंपति का पूर्व केयरटेकर निकला। पुलिस ने लगभग 500 किलोमीटर दूर राजस्थान में अंतर-राज्यीय मैनहंट चलाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसकी निशानदेही पर लूटे गए सोने के गहने भी बरामद कर लिए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, 03/04 जनवरी 2026 की मध्यरात्रि करीब 00:30 बजे पुलिस स्टेशन एम.एस. पार्क को एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई। कॉलर ने सूचना दी कि उसके माता-पिता अपने फ्लैट में अचेत अवस्था में पड़े हैं। उसने बताया कि उसके पिता के सिर पर नाखून जैसे किसी नुकीले हथियार से चोट का निशान दिखाई दे रहा है और पड़ोसी ने उसे आशंका जताई है कि दोनों की मृत्यु हो चुकी है।
सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी तुरंत राम नगर एक्सटेंशन, शाहदरा, दिल्ली स्थित फ्लैट पर पहुंचे। मौके पर कमरे के बाहरी गेट के पास बने कमरे में एक महिला बिस्तर पर अचेत पड़ी मिली, जिनकी पहचान 65 वर्षीय परवेश बंसल के रूप में हुई। वहीं अंदरूनी कमरे में उनके पति 71 वर्षीय वीरेंद्र कुमार बंसल भी अचेत अवस्था में पाए गए। उनके मुंह और नाक से खून बह रहा था तथा आंखों के आसपास गंभीर चोट के निशान मौजूद थे।
दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद थाना एम.एस. पार्क में एफआईआर संख्या 05/26 दिनांक 04.01.2026 के तहत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई
मामले की गंभीरता को देखते हुए कई समर्पित टीमों का गठन किया गया। इन टीमों में स्पेशल स्टाफ, एमटीएसयू और एम.एस. पार्क थाने के अनुभवी पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया। पूरी जांच एसीपी सीमा पुरी और एसएचओ एम.एस. पार्क के नेतृत्व तथा डीसीपी शाहदरा के समग्र पर्यवेक्षण में की गई।
शुरुआती तौर पर यह केस पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर जैसा प्रतीत हो रहा था, क्योंकि अपराधी ने मौके पर कोई प्रत्यक्ष भौतिक साक्ष्य नहीं छोड़ा था। पुलिस ने आसपास लगे बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज हासिल कर उनका गहन विश्लेषण किया। साथ ही 300 से अधिक आदतन अपराधियों के रिकॉर्ड भी खंगाले गए।
जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि बीमारी के दौरान मृतक दंपति ने दो केयरटेकर नियुक्त किए थे। एक केयरटेकर से पूछताछ की गई, लेकिन उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला। दूसरे केयरटेकर की पत्नी ने बताया कि वह बिना मोबाइल फोन के तीर्थयात्रा पर गया हुआ है। इस बयान ने पुलिस का संदेह और गहरा कर दिया।
पुलिस ने आरोपी के घर नांगलोई, दिल्ली जाकर उसकी तस्वीरों और जानकारी की पड़ताल की। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे संदिग्ध के हुलिये से उसका फोटो मेल खा गया। तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि उसकी लोकेशन राजस्थान के सीकर जिले में है।
इसके बाद दिल्ली पुलिस की एक संयुक्त टीम तुरंत राजस्थान के जिला सीकर के गांव तापिपल्या पहुंची। लगातार पूछताछ के बाद आरोपी अशोक कुमार सेन ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर लूटे गए सोने के गहने बरामद कर लिए गए।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे अच्छी तरह पता था कि मृतका नियमित रूप से सोने के गहने पहनती थीं। जल्दी पैसा कमाने के लालच में उसने लूट की योजना बनाई। योजना के तहत उसने कुछ दिन पहले अपना निवास स्थान बदल लिया, वारदात के बाद मोबाइल फोन साथ नहीं रखा और बेटे की सीमित आवाजाही की जानकारी का फायदा उठाकर घर में प्रवेश किया। पहले उसने गहने लूटे और फिर दंपति की हत्या कर मौके से फरार हो गया।
पुलिस द्वारा निम्नलिखित सामान बरामद किया गया है—एक सोने की चेन,एक मंगलसूत्र,दो सोने के कंगन,एक सोने की अंगूठी,एक चेन लॉकेट
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अशोक कुमार सेन, निवासी लक्ष्मी पार्क, नांगलोई, दिल्ली के रूप में हुई है। वह पहले मृतक दंपति के केयरटेकर के रूप में कार्य कर चुका था।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, आरोपी से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच अभी जारी है। मामले में और भी साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं।







